गौरव गोगोई को 37.4% तो हेमंत बिस्वा शर्मा को…जानें असम में सीएम रेस में कौन सबसे आगे, C-Voter सर्वे में चौंकाने वाले आंकड़े

असम विधानसभा चुनाव की तारीख जैसे-जैसे करीब आ रही है, सियासी पारा चढ़ता जा रहा है. मुख्यमंत्री हेमंत विश्वा शर्मा और कांग्रेस के गौरव गोगोई के बीच कांटे की टक्कर दिख रही है. जानिए सी-वोटर के ताजा सर्वे में जनता ने सीएम की पसंद और सरकार के कामकाज पर क्या बड़ा फैसला सुनाया है.

Assam Election 2026 C-Voter Survey
Assam Election 2026 C-Voter Survey

न्यूज तक डेस्क

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Assam Election 2026 C-Voter Survey: असम की 126 विधानसभा सीटों पर 9 अप्रैल को होने वाले चुनाव को लेकर सरगर्मियां तेज हैं. इस बार का मुकाबला से मौजूदा मुख्यमंत्री हेमंत विश्वा शर्मा और कांग्रेस के उभरते चेहरे गौरव गोगोई के बीच माना जा रहा है. ऐसे में जनता का मूड जानने के लिए C-Voter ने एक बड़ा सर्वे किया है, जिसमें कई चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं. चलिए जानते हैं कि असम की जनता अगले मुख्यमंत्री के तौर पर किसे देखना चाहती है और मौजूदा सरकार के कामकाज से कितनी खुश है और क्या प्रधानमंत्री मोदी का जादू अभी भी बरकरार है या नहीं.

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मुख्यमंत्री की पसंद में कौन है आगे

सर्वे में जब लोगों से पूछा गया कि वे अगले मुख्यमंत्री के रूप में किसे देखना चाहते हैं तो हेमंत विश्वा शर्मा पहली पसंद बनकर उभरे हैं. उन्हें 41% लोगों का समर्थन मिला है. वहीं, कांग्रेस की ओर से मोर्चा संभाल रहे गौरव गोगोई भी ज्यादा पीछे नहीं हैं, उन्हें 37.4% लोग मुख्यमंत्री बनते देखना चाहते हैं. हालांकि हेमंत अभी भी नंबर वन पर हैं, लेकिन गौरव गोगोई के साथ उनका अंतर बहुत ज्यादा नहीं रह गया है. अन्य चेहरों में पूर्व सीएम सर्वानंद सोनोवाल को 9.8% और बदरुद्दीन अजमल को केवल 1.7% लोगों ने पसंद किया है.

कैसा रहा हेमंत सरकार का रिपोर्ट कार्ड

जनता से मुख्यमंत्री हेमंत विश्वा शर्मा के अब तक के प्रदर्शन पर भी सवाल किया गया. सर्वे के मुताबिक, 47.1% लोगों ने उनके कामकाज को बेहतरीन यानी 'अच्छा' बताया है. वहीं, 25.8% लोग ऐसे भी हैं जो उनके काम से खुश नहीं हैं और इसे 'खराब' मानते हैं. करीब 23.2% लोगों ने उनके प्रदर्शन को औसत (एवरेज) श्रेणी में रखा है. कुल मिलाकर, मुख्यमंत्री की व्यक्तिगत लोकप्रियता और उनके काम को लेकर सकारात्मक माहौल बना हुआ है.

41.1% लोगों सरकार से नाराज, लेकिन...

सर्वे का सबसे दिलचस्प पहलू सरकार के प्रति जनता की नाराजगी को लेकर रहा. जब लोगों से पूछा गया कि क्या वे राज्य सरकार को बदलना चाहते हैं तो 41.1% लोगों ने कहा कि वे सरकार से नाराज तो हैं, लेकिन उसे बदलना नहीं चाहते. इसके पीछे एक बड़ी वजह राज्य में किसी मजबूत विकल्प का न होना भी हो सकता है. सिर्फ 29.8% लोग ही ऐसे थे जिन्होंने साफ तौर पर कहा कि वे नाराज हैं और इस बार सरकार बदलना चाहते हैं. वहीं 25.1% लोग सरकार से पूरी तरह संतुष्ट नजर आए.

क्या अभी भी बरकरार है पीएम मोदी का जादू?

राज्य के साथ-साथ केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रदर्शन को लेकर भी सर्वे में सवाल पूछे गए. असम की 55.5% जनता ने प्रधानमंत्री मोदी के कामकाज को 'अच्छा' बताया है. केवल 24.2% लोगों ने उनके काम को खराब कहा. जब प्रधानमंत्री पद के पसंदीदा उम्मीदवार की बात आई, तो 53.3% लोगों ने नरेंद्र मोदी का नाम लिया, जबकि राहुल गांधी 30.6% लोगों की पसंद बने. केंद्र सरकार के मामले में भी राज्य जैसा ही हाल दिखा, जहां 38.6% लोग नाराज होने के बाद भी एनडीए सरकार को ही सत्ता में देखना चाहते हैं.

9 अप्रैल को वोटिंग और 4 मई को नतीजों

9 अप्रैल को होने वाली वोटिंग और फिर 4 मई को आने वाले नतीजों असम की राजनीति की दिशा तय करेंगे. फिलहाल, सर्वे के आंकड़े बताते हैं कि भले ही हेमंत विश्वा शर्मा की लोकप्रियता बरकरार है, लेकिन गौरव गोगोई ने भी अपनी पकड़ मजबूत की है. कांग्रेस की वापसी की उम्मीदें गौरव गोगोई के कंधों पर टिकी हैं. अब यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या गौरव गोगोई इस थोड़े से फासले को वोटों में तब्दील कर पाएंगे या बीजेपी एक बार फिर पूर्ण बहुमत के साथ सत्ता में लौटेगी.

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