Bandi Sanjay Son Pocso Case: तेलंगाना की राजनीति में इन दिनों केंद्रीय गृह राज्य मंत्री बंडी संजय कुमार और उनके बेटे बंडी साईं भगीरथ का मामला सबसे ज्यादा चर्चा में है. भाजपा के बड़े और आक्रामक नेताओं में गिने जाने वाले बंडी संजय का परिवार अब गंभीर कानूनी विवाद में फंस गया है. उनके 23 वर्षीय बेटे पर पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज हुआ है, जिसके बाद विपक्ष ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से उनका इस्तीफा मांगना शुरू कर दिया है.
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क्या है पूरा मामला
हैदराबाद के पेट बशीराबाद थाने में दर्ज एफआईआर के अनुसार, 17 साल की एक नाबालिग लड़की की मां ने आरोप लगाया है कि बंडी साईं भगीरथ पिछले 7 से 8 महीनों से उनकी बेटी को शादी का झांसा दे रहा था.
आरोप है कि 31 दिसंबर को वह लड़की को मोइनाबाद स्थित एक फार्महाउस में ले गया, जहां उसे जबरन शराब पिलाई गई और उसके साथ गलत काम किया गया. मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने जांच शुरू की.
पहले छेड़छाड़, फिर जुड़ी रेप और पॉक्सो की गंभीर धाराएं
शुरुआत में पुलिस ने मामला छेड़छाड़ और यौन उत्पीड़न के तहत दर्ज किया था. लेकिन बाद में पीड़िता के मजिस्ट्रेट के सामने बयान दर्ज होने के बाद एफआईआर में पॉक्सो एक्ट की धारा 5(एल) और धारा 6 जोड़ दी गई.
इसका मतलब है कि अब मामला नाबालिग से दुष्कर्म के आरोप तक पहुंच गया है. इन धाराओं में दोष साबित होने पर न्यूनतम 20 साल से लेकर उम्रकैद तक की सजा हो सकती है. साथ ही भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और पॉक्सो एक्ट की धारा 11 और 12 भी लागू की गई हैं.
गिरफ्तारी नहीं होने पर उठे सवाल
पॉक्सो कानून के तहत ऐसे मामलों में जमानत आसानी से नहीं मिलती और गिरफ्तारी भी जल्द होनी चाहिए. लेकिन अब तक बंडी साईं भगीरथ की गिरफ्तारी नहीं हुई है. इसी वजह से तेलंगाना सरकार और पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठ रहे हैं. विपक्ष इसे सत्ता का प्रभाव बता रहा है.
हनी ट्रैप और 5 करोड़ की ब्लैकमेलिंग का दावा
मामले में नया मोड़ तब आया जब भगीरथ ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए करीमनगर पुलिस में काउंटर एफआईआर दर्ज कराई. उसने आरोप लगाया कि लड़की और उसका परिवार उसे फंसाने की साजिश कर रहा है. केस न करने के बदले 5 करोड़ रुपये की मांग की गई. भगीरथ का कहना है कि यह पूरा मामला हनी ट्रैप और ब्लैकमेलिंग का हिस्सा है. उसने यह भी माना कि लड़की के साथ उसका रिश्ता था, लेकिन उसका दावा है कि रिश्ता आपसी सहमति से था और लड़की नाबालिग नहीं है.
हाई कोर्ट में अग्रिम जमानत की याचिका
गिरफ्तारी से बचने के लिए बंडी साईं भगीरथ ने तेलंगाना हाई कोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दाखिल की है. इस पर 14 मई को सुनवाई होनी है. अब सबकी नजर इसी फैसले पर टिकी है कि कोर्ट से राहत मिलती है या गिरफ्तारी का रास्ता साफ होता है.
विपक्ष ने मांगा बंडी संजय का इस्तीफा
इस पूरे मामले ने तेलंगाना की राजनीति में बड़ा भूचाल ला दिया है. बीआरएस नेता केटी रामा राव ने प्रधानमंत्री मोदी के “बेटी बचाओ” नारे पर सवाल उठाते हुए बंडी संजय को तुरंत कैबिनेट से हटाने की मांग की है.
विपक्ष का कहना है कि जब एक केंद्रीय मंत्री के बेटे पर इतने गंभीर आरोप हैं, तो निष्पक्ष जांच के लिए इस्तीफा जरूरी है. बंडी संजय ने कहा, बेटा दोषी हुआ तो माफ नहीं करूंगा.
बंडी संजय ने इस पूरे मामले को राजनीतिक साजिश बताया है. उनका कहना है कि प्रधानमंत्री मोदी की हैदराबाद रैली की सफलता से घबराकर विरोधियों ने उनके परिवार को निशाना बनाया है.
एक सार्वजनिक सभा में भावुक होते हुए उन्होंने कहा कि शायद उनकी सबसे बड़ी गलती यह रही कि उन्होंने अपने बेटे को पर्याप्त समय नहीं दिया. उन्होंने कहा, "मेरे बेटे ने मुझे भरोसा दिलाया है कि उसने कुछ गलत नहीं किया. अगर वह दोषी निकला तो मैं उसे माफ नहीं करूंगा."
मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने बनाई एसआईटी
तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच के लिए स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) गठित कर दी है. सरकार का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच होगी और सच सामने लाया जाएगा.
कौन हैं बंडी संजय कुमार
बंडी संजय कुमार भाजपा के बड़े नेताओं में गिने जाते हैं. उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत आरएसएस और एबीवीपी से की थी. 2019 में वह करीमनगर से लोकसभा सांसद बने. इसके बाद उन्हें तेलंगाना भाजपा का प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया. उनकी प्रजा संग्राम यात्रा ने राज्य में भाजपा को नई ताकत दी. आज तेलंगाना में भाजपा का सबसे बड़ा चेहरा बंडी संजय को ही माना जाता है.
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