पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनावों की आहट के बीच राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है. चुनाव आयोग कभी भी तारीखों का ऐलान कर सकता है लेकिन उससे पहले जनता का मूड भांपने के लिए 'वोट वाइब' का सबसे ताजा सर्वे सामने आया है. इस सर्वे में सीएम की पसंद से लेकर बेरोजगारी और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों पर बंगाल की जनता ने अपनी बेबाक राय रखी है.
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ममता सरकार के 5 साल, क्या कहती है जनता?
सर्वे में जब लोगों से ममता बनर्जी के पिछले 5 साल के कार्यकाल के बारे में पूछा गया, तो 34.8% लोगों ने इसे 'बेहतरीन' और 9.5% ने 'अच्छा' बताया. हालांकि, 18% लोग कामकाज से बेहद नाराज दिखे और उन्होंने इसे 'बहुत खराब' की श्रेणी में रखा. कुल मिलाकर, सकारात्मक पक्ष 44.3% के साथ भारी दिख रहा है, जो ममता बनर्जी के लिए राहत की बात है.
सीएम की पहली पसंद कौन?
मुख्यमंत्री के चेहरे को लेकर हुए सवाल पर ममता बनर्जी अब भी सबसे आगे हैं. सर्वे के अनुसार:
- ममता बनर्जी: 41.6%
- शुभेंदु अधिकारी: 18.9%
- समिक भट्टाचार्य: 15%
अभिषेक बनर्जी और मोहम्मद सलीम जैसे नाम भी रेस में हैं, लेकिन उनका प्रतिशत काफी कम है. टीएमसी और बीजेपी के बीच सीएम पसंद के अंतर को देखें तो टीएमसी को 7.7% की बढ़त हासिल है, जिसे पार करना बीजेपी के लिए एक बड़ी चुनौती होगी.
बंगाल चुनाव के सबसे बड़े मुद्दे
इस बार चुनाव में कौन से मुद्दे हावी रहेंगे, इस पर जनता ने स्पष्ट संकेत दिए हैं:
- बेरोजगारी: 36.3% लोग इसे सबसे बड़ा मुद्दा मान रहे हैं.
- कानून व्यवस्था: 19.4% लोगों के लिए सुरक्षा और लॉ एंड ऑर्डर प्राथमिकता है.
- भ्रष्टाचार: 13.4% जनता भ्रष्टाचार को बड़ा चुनावी मुद्दा मानती है.
इललीगल इमीग्रेशन और ED की रेड का असर
बीजेपी द्वारा टीएमसी पर लगाए गए 'अवैध घुसपैठ' के आरोपों को 33.6% लोगों ने 'बिल्कुल सही' माना है. वहीं, आईपैक (I-PAC) ऑफिस पर हुई ईडी की छापेमारी के मामले में 36.1% लोगों का मानना है कि इसका राजनीतिक फायदा टीएमसी को मिलेगा. पीएम मोदी और ममता बनर्जी के बीच चल रहे 'नैरेटिव' युद्ध पर भी जनता बंटी हुई नजर आई, जहां 27.3% लोग दोनों तरफ के आरोपों को बराबर का मान रहे हैं.
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