तेलंगाना में बीजेपी का बड़ा दांव, सुपर स्टार पवन कल्याण से मिलाया हाथ

रूपक प्रियदर्शी

27 Oct 2023 (अपडेटेड: Oct 27 2023 12:07 PM)

दिल्ली में पवन कल्याण की अमित शाह से मुलाकात हुई है. अलायंस के लिए अमित शाह ने तेलंगाना बीजेपी नेताओं को सिग्नल दे दिया है. तेलंगाना की 119 में से 32 सीटों पर पवन कल्याण ने किया है दावा.

Amit Shah with Pawan kalyan
Amit Shah with Pawan kalyan
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Telangana Election 2023: आंध्र प्रदेश में टीडीपी सुप्रीमो चंद्रबाबू नायडू करप्शन के आरोप में गिरफ्तार हुए तो तेलुगू सुपरस्टार पवन कल्याण विरोध करने सड़क पर लेट गए. पवन कल्याण की जनसेना पार्टी टीडीपी के साथ अलायंस में हैं. पवन कल्याण तेलुगू फिल्मों के स्टार हैं. उनकी फैन फॉलोइंग आंध्र प्रदेश में भी है और तेलंगाना में भी. बीजेपी ने अब पवन कल्याण पर दांव लगाया है. तेलंगाना में केसीआर और कांग्रेस की लड़ाई में फंसी बीजेपी को ऐसा चेहरा चाहिए जो मास्टर स्ट्रोक बन सके. पवन कल्याण की इसी खूबी को देखते हुए बीजेपी जन सेना के साथ अलायंस कर रही है.

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अमित शाह से हुई डील

दिल्ली में पवन कल्याण की अमित शाह से मुलाकात हुई है. अलायंस पर आगे बढ़ने के लिए अमित शाह ने तेलंगाना बीजेपी नेताओं को सिग्नल दे दिया है. चर्चा है कि तेलंगाना की 119 में से 32 सीटों पर पवन कल्याण ने दावा किया है. बीजेपी 5 से 10 सीटें देने की सोच रही है. आंध्र से सटे इलाकों हैदराबाद, खम्मम, महबूबनगर, मेडक और नालगोंडा में पवन कल्याण बीजेपी के काम आ सकते हैं. 

2014 में बनाई थी पवन कल्याण ने पार्टी 

पवन कल्याण ने 2014 में जनसेना पार्टी बनाई थी. 2017 से फुल टाइम पॉलिटिक्स में उतर आए. उन्होंने राजनीति की शुरूआत में बीजेपी, कांग्रेस, टीडीपी, वाईएसआरसी-सबके खिलाफ लड़ाई लड़ी लेकिन 2019 के आंध्र चुनावों में वो कोई कमाल नहीं दिखा पाए तो उन्होंने धीरे-धीरे लाइन बदली. बीजेपी-टीडीपी के करीब होने लगे.

ओपिनियन पोल में क्या है?

तेलंगाना के चुनावी सर्वे बीजेपी के लिए कोई पॉजिटिव संकेत नहीं देते हैं. बीजेपी को 5-7 सीटें मिलने का अनुमान है. बीजेपी की चिंता है कि मोदी और शाह के चुनावी दौरों, चुनाव से पहले जी किशन रेड्डी को प्रदेश अध्यक्ष बनाने के बाद भी कोई लहर नहीं बन पा रही है. चुनाव में किसी बड़े नेता ने बीजेपी ज्वॉइन करने में दिलचस्पी नहीं दिखाई. उल्टे तेलंगाना बीजेपी में लंबे समय से काम कर रहे कई नेताओं, विधायकों ने बीआरएस या कांग्रेस ज्वॉइन करके बीजेपी को झटका दिया.

तेलंगाना में भी MP, राजस्थान वाला गणित, सांसदों को दिया टिकट 

तेलंगाना में भी बीजेपी ने भी वही दांव चला जो मध्य प्रदेश, राजस्थान में चला. तेलंगाना के तीनों लोकसभा सांसदों बंडी संजय कुमार, सोयम बापू राव और अरविंद धर्मपुरी को विधानसभा चुनाव लड़ने के लिए टिकट दिया है. करीमनगर सीट पर बंडी संजय कुमार को उतारा है.

केसीआर को गजवेल सीट पर टक्कर देने के लिए कैंपेन कमेटी के चीफ ई राजेंदर को टिकट मिला है. बीजेपी को बड़े नेता, चेहरे की जरूरत है इसीलिए चुनाव से ठीक पहले विवादित बयान के कारण सस्पेंड किए गए टी राजा की वापसी कराई और टिकट भी दिया है.

पिछले चुनावों में बीजेपी के क्या रहे प्रदर्शन 

2019 के तेलंगाना के लोकसभा चुनावों में तो बीजेपी ने फिर भी मजबूती से लड़ी और तीन सीटें जीतकर लाई लेकिन 2018 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी का कुछ नहीं हुआ। मुश्किल से सिर्फ एक सीट मिली. लेकिन ग्रेटर हैदराबाद नगर निगम के चुनावों में बीजेपी ने बड़ा गेम किया. 150 में से 48 सीटें निकाल दी. अब जो चुनाव हो रहे हैं उसमें बीजेपी का पलड़ा कमजोर दिख रहा है.

कर्नाटक के बाद तेलंगाना ऐसा दक्षिण का राज्य है जहां संगठन भी है और बीजेपी के लिए संभावनाएं भी. लेकिन तेलंगाना में केसीआर के एकछत्र राज के आगे कांग्रेस-बीजेपी कुछ नहीं कर सके. अब कांग्रेस, केसीआर को टक्कर देती हुई दिखाई दे रही है.