DK Shivkumar News: हममें से बहुत सारे लोग ज्योतिष और ज्योतिषियों पर भरोसा करते होंगे, मानते होंगे. अक्सर लोग छुपाते हैं कि वो किस ज्योतिषी गुरु से सलाह लेते हैं या उनको मानते हैं. राजनीति में भी मेहनत और रणनीति के किस्से बहुत हैं. डीके शिवकुमार की कामयाबी के पीछे का राज उन्होंने खुद विधानसभा में खोला था. क्या कोई नेता किसी ज्योतिषी की सलाह पर रात के 2 बजे सीएम का दरवाजा खटखटा सकता है? क्या किसी की कुंडली का कमजोर राजयोग देश के सबसे अमीर और ताकतवर नेता को स्ट्रॉन्ग सीवी के बाद भी सीएम की कुर्सी से दूर रख सकता है?
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आज जब कनकपुरा के रॉक डोड्डालाहल्ली केम्पेगौड़ा शिवकुमार यानी डीके शिवकुमार कर्नाटक के सीएम बनने जा रहे हैं तो देश भर में उनका चर्चा हो रही है. चर्चित चेहरा के इस एपिसोड में आज जानिए डीके शिवकुमार की जर्नी और साथ ही उनके गुरु आचार्य द्वारकानाथ द्वारा बहुत साल पहले की गई भविष्यवाणी कि तुम पहले जेल जाओगे, फिर सीएम बनोगे की पूरी कहानी.
डीके की पॉलिटिकल जर्नी
कनकपुरा के किसान परिवार में जन्मे डीके शिवकुमार को किस्मत राजनीति में ले आई और आज इतना बड़ा बना दिया. 1979-80 के दौरान कॉलेज में पढ़ते हुए कांग्रेस के छात्र संगठन NSUI और यूथ कांग्रेस के सदस्य बने. कुछ तो बात थी कि एक छात्र नेता सीनियर कांग्रेस नेताओं की नजरों में आ गए. 1985 के चुनाव के समय के.एच. पाटिल कर्नाटक कांग्रेस अध्यक्ष थे और राजीव गांधी कांग्रेस अध्यक्ष थे. पार्टी को ऐसे एक उम्मीदवार थी जो दिग्गज एचडी देवगौड़ा को साथनूर सीट पर टक्कर दे सके. तब 23 साल के डीके कर्नाटक यूथ कांग्रेस के महासचिव हुआ करते थे. टिकट मिला तो देवगौड़ा से भिड़ गए. हारकर भी डीके चर्चाओं में आ गए.
1989 में फिर टिकट मिला तो चुनाव जीतकर गए. तब से लेकर आज तक करीब 35 साल में डीके शिवकुमार एक भी चुनाव नहीं हारे. चाहे लहर किसी की रही हो. 1991 में एस बंगारप्पा ने सिर्फ 30 साल के लड़के को अपनी कैबिनेट में लेकर जेल मंत्री बना दिया. 1999 में देवगौड़ा तो नहीं आए. उनके बेटे एचडी कुमारस्वामी को उन्होंने साथनूर सीट पर हरा दिया. 1989 से 2008 तक लगातार 4 बार सथानूर सीट से विधायक चुने गए.
जब साथनूर सीट खत्म हो गई तो डीके का नया किला बना कनकपुरा में. डीके शिवकुमार 2008 के 2023 तक कनकपुरा विधानसभा सीट से 4 बार विधायक चुने गए. आज डीके को कनकपुरा का शेर, कनकपुरा बंदे, कनकपुरा की चट्टान पुकारा जाता है. यहां तक सब डीके की मेहनत और हिम्मत से ठीक चलता रहा. ज्योतिषी ज्ञान की जरूरत आगे पड़ी जिसका किस्सा दिसंबर 2024 में विधानसभा में सुनाया.
जब परेशान होकर ज्योतिष के पास पहुंचे थे डीके
डीके शिवकुमार की जिंदगी का सबसे बड़ा राजनीतिक मोड़ 1999 में आया था. तब एस.एम. कृष्णा कर्नाटक के मुख्यमंत्री बनने जा रहे थे. शिवकुमार उनके बेहद करीबी थे और उन्होंने ही मंत्रियों की लिस्ट तैयार करने में मदद की थी, लेकिन आखिरी वक्त पर हाईकमांड ने डीके शिवकुमार का नाम लिस्ट से काट दिया. परेशान शिवकुमार रात में ही अपने ज्योतिषी द्वारकानाथ के पास पहुंचे. गुरुजी ने कहा-तुम्हें मंत्री पद आसानी से नहीं मिलेगा, जब तक तुम अपना हक नहीं मांगोगे.
शपथ से पहली वाली रात 2 बजे उन्होंने एसएम कृष्णा के घर का दरवाजा खटखटा दिया. कहा कि मुझे मंत्री बनना चाहिए. मिसेज कृष्णा ने समझाया कि ग्रहदशा अनुकूल नहीं. उन्हें इंतजार करना चाहिए. ज्योतिषी की सलाह मानकर डीके जिद पर अड़े और अगली सुबह कर्नाटक के मंत्री बन गए.
2023 में क्यों डीके हटे थे पीछे?
2023 के विधानसभा चुनावों में कांग्रेस की प्रचंड जीत का क्रेडिट डीके शिवकुमार को मिला लेकिन सीएम की गद्दी सिद्धारमैया को मिली. पॉपुलर थ्योरी आज तक चलती रही कि सोनिया ने ढाई साल बाद सीएम बनाने वाला झुनझुना थमाया था. सच कुछ और भी सुना गया. ऐन वक्त पर डीके शिवकुमार ने खुद दावेदारी से पीछे हट गए.
कहा जाता है कि उसके पीछे भी ज्योतिषी द्वारकानाथ की ही सलाह थी. उन्होंने डीके को समझाया कि कुंडली में अभी पूर्ण राजयोग यानी सीएम बनने का योग नहीं है. शांत रहो और धैर्य रखो. सचमुच 3 साल बाद डीके के शांत रहने और धैर्य का फल मिल गया द्वारकानाथ गुरुजी की गणना के मुताबिक, नवंबर 2025 के बाद उनके ग्रह बदलेंगे और तब यह कुर्सी बिना संघर्ष के उनके पास आ सकती है. आज वही सब हुआ.
'जेल जाने के बाद मिलेगी सीएम की कुर्सी'
एसटी सोमशेखर कर्नाटक बीजेपी में डीके शिवकुमार के कट्टर समर्थक माने जा रहे थे. जब डीके का मामला फंसा हुआ था तब उन्होंने पिछले साल दावा किया था कि करीब 25 साल पहले साल 2000 के आसपास ज्योतिषी द्वारकानाथ ने डीके शिवकुमार को लेकर भविष्यवाणी की थी. भविष्यवाणी ये थी कि डीके शिवकुमार के ग्रहों के योग में कर्नाटक का सीएम बनना तय है. हालांकि, इसके साथ एक बड़ी शर्त या चेतावनी भी जुड़ी थी कि सीएम बनने से पहले उन्हें एक बार जेल जाना होगा. तब सोमशेखर ने कहा था कि उस भविष्यवाणी का पहला हिस्सा यानी जेल जाने वाली बात सच साबित हो चुकी है. दूसरा हिस्सा भी सच होकर रहेगा.
कौन है ज्योतिष द्वारकानाथ?
बेंगलुरु के जाने-माने ज्योतिषी द्वारकानाथ सिर्फ एक ज्योतिषी नहीं, बल्कि डीके शिवकुमार के सबसे भरोसेमंद सलाहकार और मार्गदर्शक माने जाते हैं. ज्योतिष, अंकशास्त्र और तंत्र-मंत्र के जानकार माने जाते हैं. डीके शिवकुमार के परिवार से करीब 30 साल पुराना माना जाता है. शिवकुमार के जीवन में द्वारकानाथ की हैसियत एक ऐसी परछाई जैसी है, जो हर अच्छे-बुरे वक्त में उनके साथ खड़ी रहती है.
कहा जाता है कि द्वारकानाथ की भविष्यवाणियों और उपायों पर डीके आंख मूंदकर भरोसा करते हैं. न्यू यॉर्क टाइम्स की की रिपोर्ट के मुताबिक गुरुजी केवल डीके शिवकुमार ही नहीं, बल्कि देश के कई बड़े नेता जिनमें पूर्व पीएम इंदिरा गांधी और पी. चिदंबरम, सुशील कुमार शिंदे, अमरिंदर सिंह को भी आध्यात्मिक गाइडेंस दे चुके हैं. 2017 में जब डीके शिवकुमार के ठिकानों पर इनकम टैक्स के छापे पड़े थे, तब जांच एजेंसियों ने ज्योतिषी द्वारकानाथ गुरुजी पर भी छापेमारी की थी.
2017 में बीजेपी को दी करारी शिकस्त!
डीके शिवकुमार ने कर्नाटक की राजनीति में खुद को बहुत अरसे तक जमाए रखा लेकिन हाईकमान के लिए असेट वाले रोल में तब आए जब उन्होंने 2017 में अहमद पटेल के लिए बीजेपी से लड़ाई जीती. तब अहमद पटेल गुजरात से राज्यसभा का चुनाव लड़ रहे थे. उन्हें राज्यसभा भेजने से रोकने के लिए अमित शाह ने पूरा जोर लगा दिया था. विधायकों की हॉर्स ट्रेडिंग तेज थी. कांग्रेस के विधायकों को बीजेपी से बचाए रखना जरूरी था.
स्ट्रैटजी के तहत 44 विधायकों को गांधीनगर से बेंगलुरु के ईगलटन रिजॉर्ट में भेजा गया. राज्यसभा चुनाव होने तक विधायकों को इसी रिजॉर्ट में रखा गया. रिजॉर्ट के मालिक थे शिवकुमार. डीके की उस किलेबंदी से बीजेपी तड़पती रह गई. अहमद पटेल बीजेपी को सीधे मैच में मातकर देकर संसद पहुंच गए. गांधी परिवार, कांग्रेस हाईकमान के लिए डीके ने वो कर दिखाया जो असंभव लग रहा था.
सोनिया गांधी के तिहाड़ पहुंचने से बदल गया सबकुछ?
कहा जाता है कि तब से डीके शिवकुमार बीजेपी की नजरों में चढ़ गई. इनकम टैक्स, ईडी के केस तड़ातड़ चेपें जाने लगे. 2019 में डीके शिवकुमार को गिरफ्तार करके ईडी ने दिल्ली की तिहाड़ जेल में डाल दिया. मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में डीके 50 दिन जेल में रहे. तब बड़ी घटना हो गई. डीके शिवकुमार मिलने सोनिया गांधी तिहाड़ जेल पहुंच गई. कांग्रेस के कई नेता जेल जाते रहे लेकिन सोनिया ने कभी किसी के लिए इतनी परवाह नहीं की. सोनिया गांधी को तिहाड़ जेल में देखकर डीके सब कुछ हार गए. हमेशा के लिए कांग्रेस हाईकमान, सोनिया गांधी के लिए समर्पित हो गए.
कहा जाता है कि 2023 में सोनिया के कहने पर डीके ने सीएम की दावेदारी सिद्धारमैया के लिए छोड़ दी. सोनिया के कहने पर ढाई साल बाद अपनी पारी का धैर्य से इंतजार करते रहे. जब ढाई साल बाद भी वादा पूरा नहीं हुआ तो उन्होंने जरा भी ऊंच नहीं की. उस दिन का इंतजार किया जब हाईकमान बुलाकर सीएम की कुर्सी देगा. वो दिन आ गया.
डीके के पास 1400+ करोड़ की संपत्ति!
जेल से निकलने पर उन्होंने कर्नाटक कांग्रेस का अध्यक्ष बनाया गया. वही से शुरू हुई कांग्रेस की वापसी की तैयारी. 2023 में डीके ने बीजेपी और प्रचंड लहर के बाद भी कर्नाटक में कांग्रेस की सरकार बनवा दी. सीएम पद नहीं मिला, ये बात कचोटती रही लेकिन उन्होंने कभी राजनीति और व्यवहार में जाहिर होने नहीं दिया. शिवकुमार देश के सबसे अमीर नेताओं में से एक हैं. 2023 के चुनावी हलफनामे के अनुसार, उनकी संपत्ति 1400 करोड़ प्लस है. राजनीति के कारण उनका रियल एस्टेट और एजुकेशन में बिजनेस साम्राज्य है.
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