राजनीति के मैदान में दुश्मनी, खींचतान और वार-पलटवार तो बहुत होते हैं लेकिन जब बात देश के सबसे रसूखदार सियासी परिवारों में से एक, पवार परिवार की बेटी की शादी की हो, तो कोई ये कहकर मुंह फुला नहीं सकता कि अगर वो आ रहे हैं तो हम नहीं जाएंगे. राजनीतिक परिवारों की ऐसी शादियों ने बहुत मौकों पर राजनीतिक दुश्मनों को भी एक मंडप के नीचे ला खड़ा किया. जब महाराष्ट्र में इन दिनों टूट-फूट की भयंकर राजनीति चल रही है तब मुंबई के जियो वर्ल्ड कन्वेंशन सेंटर में एक भव्य हाईप्रोफाइल शादी हुई.
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शरद पवार की नातिन, एनसीपी (एसपी) की सांसद सुप्रिया सुले की बेटी रेवती सुले की शादी के बाद नागपुर के लखानी परिवार की बहू बन गई. शादी के जोड़े में सजी रेवती सुले बनी हैं चर्चित चेहरा क्योंकि उनकी शादी ने देश के दिग्गजों को एक मंडप के नीचे ला खड़ा किया. चर्चा इसलिए भी राहुल गांधी जो कि शादियों में जरा कम ही जानते हैं वो भी खासकर दिल्ली से मुंबई पहुंचे सुप्रिया और रेवती के लिए. आइए विस्तार से जानते हैं पूरी कहानी.
दो अलग विचारधारा वाले परिवार में हुआ रिश्ता!
रेवती सुले की शादी इसलिए भी चर्चा का विषय है क्योंकि देश की दो बिल्कुल विपरीत राजनीतिक विचारधाराओं और पार्टियों के नेता रिश्ते में बंधे हैं. सुले परिवार शरद पवार का है जो एकदम एंटी बीजेपी पॉलिटिक्स करते रहे है. रेवती का रिश्ता हुआ नागपुर के सारंग लखानी के परिवार से जिनके पिता अरुण लखानी बीजेपी और आरएसएस के वफादार माने जाते हैं. राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि धुर विरोधी विचारधाराओं वाले सुले और लखानी परिवार के रिश्ते को जोड़ने में नागपुर वाले नितिन गडकरी और देवेंद्र फडणवीस ने अहम भूमिका निभाई.
शरद पवार ने बेटी के बजाय भतीजे को सौंपी राजनीतिक विरासत!
शरद पवार को एक ही बेटी हुई सुप्रिया. बेटा नहीं होने के कारण उन्होंने भतीजे अजित पवार को राजनीतिक विरासत सौंपी. राजनीति में तो सुप्रिया ने 2006 में डेब्यू किया. फिर भी शरद पवार के राजनीतिक वारिस अजित दादा ही बने रहे. सुप्रिया के लिए शरद पवार ने दामाद ढूंढा एकदम अपॉलिटिकल सदानंद सुले. 1991 में जब शादी हुई तो महाराष्ट्र की राजनीति में शरद पवार का एकछत्र राज माना जाता था. सुप्रिया उस समय पुणे के फर्ग्यूसन कॉलेज से माइक्रोबायोलॉजी की पढ़ाई कर रही थीं. सदानंद सुले के पिता बी.आर. सुले देश की दिग्गज कंपनी 'महिंद्रा एंड महिंद्रा' के मैनेजिंग डायरेक्टर (MD) थे.
सदानंद और सुप्रिया की शादी
सदानंद खुद अमेरिका से बिजनेस की पढ़ाई करके लौटे थे. दोनों की मुलाकात पारिवारिक दोस्तों के जरिए हुई और पहली ही नजर में दोनों एक-दूसरे को दिल दे बैठे. जब यह बात शरद पवार तक पहुंची, तो उन्होंने बिना किसी राजनीतिक नफा-नुकसान के अपनी बेटी की पसंद का सम्मान किया. 4 मार्च 1991 को दोनों की शादी बेहद सादगी लेकिन शाही अंदाज में संपन्न हुई. शादी के बाद यह कपल कुछ समय के लिए अमेरिका और सिंगापुर में भी रहा, जहां सदानंद ने अपने बिजनेस को आगे बढ़ाया.
सदानंद सुले ने हमेशा एक आदर्श जीवनसाथी की तरह सुप्रिया सुले की राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं को सपोर्ट किया और खुद बैकस्टेज रहकर परिवार और बिजनेस को संभाला. आज भी इस कपल की बॉन्डिंग को भारतीय राजनीति और कॉरपोरेट जगत की सबसे खूबसूरत जोड़ियों में गिना जाता है. राजनीति के इस शोर-शराबे के बीच, उनके पति सदानंद सुले खुद को लाइमलाइट से बिल्कुल दूर रखते हैं.
रेवती ने बैकस्टेज से सुप्रिया को किया सपोर्ट!
सुप्रिया और सदानंद के दो बच्चे हैं, बेटी रेवती और बेटा विजय. बचपन से राजनीतिक माहौल में पली-बढ़ी रेवती ने जरा भी राजनीति में दिलचस्पी नहीं दिखाई. पढ़ाई मुंबई के मशहूर कैथेड्रल एंड जॉन कॉनन स्कूल से पूरी की. हायर एजुकेशन के लिए लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स गईं जहां से उन्होंने पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन में मास्टर्स किया. रेवती ने राजनीति से तो दूरी रखी लेकिन मां के साथ सोशल कॉज के लिए एक्टिव रहती हैं.
बारामती लोकसभा चुनाव के दौरान मां के लिए बैकस्टेज मैनेजमेंट, सोशल मीडिया कैंपेन और यूथ कनेक्ट को लीड करने में रेवती की भूमिका मानी जाती है. छोटे बेटे विजय सुले बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन और कॉरपोरेट वर्ल्ड में अपना करियर बना रहे हैं. कुछ साफ नहीं है कि सुप्रिया की राजनीति को आगे बढ़ाने रेवती या विजय कोई आगे आएंगे या नहीं. पति सदानंद तो आज तक नहीं आए.
कौन हैं रेवती के पति सारंग लखानी?
शादी के बाद रेवती सुले अब रेवती लखानी बन चुकी हैं. सारंग लखानी ने IIM बेंगलुरु से पढ़ाई के बाद अमेरिका के कोलंबिया बिजनेस स्कूल से एमबीए (MBA) की डिग्री हासिल की है. सारंग बिजनेस के साथ-साथ स्पोर्ट्समैन भी हैं. नेशनल लेवल के बैडमिंटन खिलाड़ी रह चुके हैं. रेवती के मायके वाले राजनीति में नामी हैं. ससुराल वाले बिजनेस की दुनिया के नामी गिरामी हैं. सारंग के पिता और रेवती के ससुर अरुण लखानी नागपुर विश्वराज ग्रुप के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर हैं. सारंग भी पिता के साथ बिजनेस में हैं और ग्रुप में एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर पद पर हैं. बीजेपी-आरएसएस के करीबी अरुण लखानी हाल में महाराष्ट्र विधान परिषद के MLC बने हैं.
रेवती की शादी और सुप्रिया का पावर शो!
रेवती की शादी राजनीति में सुप्रिया सुले का अल्टीमेट पावर शो जैसा साबित हुआ. सुप्रिया सुले ने दिखा दिया कि भले ही टूट के बाद उनकी पार्टी कमजोर दिख रही हो लेकिन देश की राजनीति में उनका रसूख और दबदबा आज भी कितना मजबूत है. अगर सुप्रिया के घर से न्योता आया तो पहुंचना तो पड़ेगा, कोई मना नहीं कर सकता. धुर विरोधी राजनीतिक विचारधाराओं के तमाम टॉप फेसेस को बुला लेना सुप्रिया सुले की जबरदस्त नेटवर्किंग, कूटनीति और उनके राजनीतिक कद की गवाही देता है.
राहुल गांधी की एंट्री से बदल गया माहौल!
इस हाई-प्रोफाइल शादी में वैसे तो कई बड़े नाम थे, लेकिन जैसे ही लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने एंट्री ली, पूरी महफिल उन्हीं के नाम हो गई. राहुल गांधी अपनी सिग्नेचर सादगी यानी सफेद कुर्ते और पायजामे में शादी समारोह में पहुंचे. स्टेज पर जाकर राहुल ने नए जोड़े रेवती और सारंग से काफी देर बातचीत की, तस्वीरें खिंचवाईं.
उनकी इस एंट्री और बॉडी लैंग्वेज ने मीडिया कैमरों और वहां मौजूद मेहमानों, दोनों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया और सोशल मीडिया पर 'रागा' (RaGa) की ये तस्वीरें तुरंत ट्रेंड करने लगीं. राजनीतिक तौर पर सुप्रिया और शरद पवार सबसे ज्यादा राहुल गांधी के करीब हैं. इंडिय अलायंस में हैं, महाराष्ट्र में अलायंस है तो. राहुल को तो आना ही था.
शामिल हुए कई दिग्गज!
शादी में वीवीआईपी का ऐसा महाकुंभ उमड़ा कि हर कोई देखता रह गया. इंडस्ट्री से मुकेश अंबानी, नीता अंबानी, गौतम अदाणी, गौतम सिंघानिया जैसे दिग्गज पहुंचे. बॉलीवुड से अमिताभ बच्चन, जया बच्चन, रणबीर कपूर आए. संगीत सेरेमनी में तो शाहरुख खान ने खुद स्टेज पर आकर 'कोई मिल गया' गाने पर ऐसा डांस किया कि उसका वीडियो सोशल मीडिया पर आग की तरह वायरल हो गया. राजनीति से आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत, देवेंद्र फडणवीस, पीयूष गोयल, मल्लिकार्जुन खड़गे, अखिलेश यादव, डिंपल यादव, उद्धव ठाकरे, राज ठाकरे, भगवंत मान, रेवंत रेड्डी, डीके शिवकुमार जैसे गेस्ट की लंबी लिस्ट बनी.
सुप्रिया सुले हमेशा से राजनीति और पारिवारिक रिश्तों को अलग रखने के लिए जानी जाती हैं. बारामती की सियासी जंग और परिवार में आई दरारों के बाद, इस शादी ने पूरे परिवार को खुशियों के बहाने ही सही, एक धागे में पिरोने का काम किया. शादी में सुप्रिया के भतीजे युगेंद्र पवार समेत परिवार के अन्य सदस्य भी नजर आए. इस ग्रैंड वेडिंग की इनसाइड स्टोरी यही बताती है कि सियासत के मंच पर भले ही तलवारें खिंची हों, लेकिन जब बात पवार परिवार की अगली पीढ़ी की विदाई की हो, तो पूरा कुनबा और देश के तमाम रसूखदार एक सुर में आशीर्वाद देने खड़े हो जाते हैं.
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