Shesh Bharat: कर्नाटक की राजनीति में डीके शिवकुमार को एक ऐसे नेता के रूप में देखा जाता है जो हर विपरीत परिस्थिति से लड़कर और मजबूत बनकर उभरे हैं. प्रवर्तन निदेशालय (ED) और आयकर विभाग की कड़ी कानूनी कार्रवाइयों के बाद भी उनकी राजनीतिक ताकत लगातार बढ़ती गई. उनके इस पूरे सफर में उनकी राजनीतिक कुशलता के साथ-साथ उनके परिवार का समर्पण सबसे बड़ा संबल रहा है.
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साल 2019 का वह दौर आज भी चर्चा में आ जाता है जब डीके शिवकुमार को पुलिस हिरासत में तिहाड़ जेल ले जाया जा रहा था. उस समय उनके घर की छत पर खड़ी पत्नी उषा शिवकुमार और उनकी बेटी बेहद बेबसी से इस कठिन समय को देख रही थीं. उसी दौरान जांच एजेंसियों ने उनकी बड़ी बेटी ऐश्वर्या से भी करीब 7 घंटे तक पूछताछ की थी. समय का चक्र बदला और डीके शिवकुमार तमाम बाधाओं को पार करते हुए कर्नाटक के मुख्यमंत्री पद की शपथ ले चुके हैं. शपथ ग्रहण के ऐतिहासिक मौके पर उनकी पत्नी उषा और बेटी ऐश्वर्या दर्शक दीर्घा में मौजूद रहीं.
बेटी ऐश्वर्या और सोशल मीडिया कैंपेन की सच्चाई
साल 2023 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की जीत के बाद से ही इंटरनेट पर 'डीके फॉर सीएम'' का एक बड़ा अभियान चल रहा था. राजनीतिक हलकों में यह चर्चा आम थी कि इस डिजिटल अभियान के पीछे डीके शिवकुमार की बड़ी बेटी ऐश्वर्या हेगड़े का दिमाग है. उन्हें अपने पिता की पर्दे के पीछे की रणनीतिकार भी कहा जाता रहा है. हालांकि, मुख्यमंत्री पद की शपथ के तुरंत बाद जब मीडिया ने ऐश्वर्या से पूछा कि क्या उन्होंने अपने पिता के लिए पूरा सोशल मीडिया कैंपेन संभाला तो उन्होंने मुस्कुराते हुए इन अटकलों को खारिज कर दिया और कहा कि ऐसा कुछ नहीं था.
भले ही ऐश्वर्या ने इस दावे को नकारा हो, लेकिन वह पूरी तरह से राजनीति से दूर नहीं रही हैं. 2024 के लोकसभा चुनाव में उन्होंने बेंगलुरु ग्रामीण सीट से चुनाव लड़ रहे अपने चाचा डीके सुरेश के लिए सक्रिय रूप से जमीन पर उतरकर वोट मांगे थे. खुद के राजनीति में आने के सवाल पर वह हमेशा कहती रही हैं कि उनकी रुचि सिर्फ शिक्षा के क्षेत्र में काम करने की है.
कारोबारी साम्राज्य और स्वतंत्र पहचान
ऐश्वर्या केवल अपने पिता के नाम से नहीं जानी जातीं, बल्कि उनकी अपनी एक मजबूत और स्वतंत्र पहचान है. एमबीए की पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने कॉर्पोरेट दुनिया के बजाय शिक्षा के क्षेत्र को चुना. वह खुद को एक 'एजुप्रेन्योर' (शिक्षा उद्यमी) कहती हैं. वह नेशनल एजुकेशन फाउंडेशन (NEF) की ट्रस्टी सेक्रेटरी हैं और 'ग्लोबल एकेडमी ऑफ टेक्नोलॉजी' (GAT) सहित पांच बड़े शैक्षणिक संस्थानों का नेतृत्व कर रही हैं, जिनमें 10 हजार से अधिक छात्र शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं.
इसके साथ ही वह अपने पिता के व्यावसायिक निवेश का एक मुख्य चेहरा भी हैं. डीके शिवकुमार की बड़ी कमर्शियल और फाइनेंशियल संपत्तियां कानूनी तौर पर ऐश्वर्या के नाम पर दर्ज हैं. साल 2018 के चुनावी हलफनामे में शिवकुमार ने अपनी 22 वर्षीय बेटी के नाम 108 करोड़ रुपये की संपत्ति घोषित की थी, जो कि 2013 में मात्र 1 करोड़ रुपये थी. इस अचानक आए उछाल के कारण वह 2019 में मनी लॉन्ड्रिंग के शक में ईडी के रडार पर भी आईं. तब डीके शिवकुमार ने स्पष्ट किया था कि कानून के नियमों के तहत ही उन्होंने अपनी बेटी की आत्मनिर्भर संपत्ति की घोषणा की है. इस मामले में बाद में ऐश्वर्या को क्लीन चिट मिल गई थी.
साल 2020 में ऐश्वर्या की शादी मशहूर कैफे कॉफी डे (CCD) के संस्थापक दिवंगत वीजी सिद्धार्थ के बेटे अमर्त्य हेगड़े से हुई. इस विवाह से कर्नाटक के दो बेहद प्रभावशाली परिवार एक सूत्र में बंध गए. पिछले महीने ही ऐश्वर्या ने एक बेटी को जन्म दिया है.
पत्नी उषा सुख-दुख में चट्टान की तरह साथ
डीके शिवकुमार के निजी और राजनीतिक जीवन का सबसे बड़ा मोड़ साल 1993 में आया, जब उन्होंने उषा से विवाह किया. एक बेहद साधारण पृष्ठभूमि से आने वाली उषा ने शिवकुमार के जीवन और राजनीति के बीच एक शानदार संतुलन बनाया है. जांच एजेंसियों के छापे हों, कानूनी मुकदमे हों या जेल जाने का संकट, उषा हमेशा अपने पति के साथ मजबूती से खड़ी दिखाई दीं. वह खुद को मीडिया की चकाचौंध से दूर रखती हैं, लेकिन चुनाव के समय वह कनकपुरा विधानसभा क्षेत्र में घर-घर जाकर वोट मांगती हैं.
डीके शिवकुमार और उषा के तीन बच्चे हैं ऐश्वर्या, आभरना और आकाश. उनकी छोटी बेटी आभरना पूरी तरह से लाइमलाइट से दूर रहती हैं. वहीं, उनके बेटे आकाश इस समय कानून (लॉ) की पढ़ाई कर रहे हैं. एक साक्षात्कार के दौरान डीके शिवकुमार ने हल्के-फुल्के अंदाज में बताया था कि उन्होंने खुद अपने बेटे को कानून की पढ़ाई करने की सलाह दी थी, ताकि भविष्य में परिवार का ही कोई सदस्य उनके खिलाफ चल रहे पेचीदा कानूनी मामलों और अदालती कार्रवाइयों को अच्छी तरह समझ सके और संभाल सके.
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