Lok Sabha Election 2024: अभी हुए पांच विधानसभा चुनाव में से 3 राज्यों मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) जीत चुकी है. कांग्रेस को तेलंगाना में जीत मिली है और मिजोरम जोरम पीपुल्स फ्रन्ट (ZPF) के खाते में गया है. 2024 में देश में लोकसभा चुनाव होने है. प्रदेशों के इन चुनावों को 2024 का सेमीफाइनल कहा जा रहा था. एक तरह से बीजेपी ने कांग्रेस से यह सेमीफाइनल 3-1 से जीत लिया. इस जीत के बाद पीएम मोदी ने 2024 के चुनाव में अपनी हैट्रिक का दावा कर दिया है. सवाल यह है कि क्या ये इतना आसान है? इस सवाल का जवाब हिंदी पट्टी के तीन राज्यों में आगामी लोकसभा चुनावों में कांग्रेस के प्रदर्शन में छिपा है.
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चुनावी विश्वेलषकों ने राज्यों में कांग्रेस के अभी के प्रदर्शन के हिसाब से आकलन किया है कि लोकसभा चुनावों में भी अगर इतना वोट कांग्रेस को मिला, तो सीटें कितनी आएंगी. आइए समझते हैं.
पांच राज्यों में राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और तेलंगाना के चुनावी नतीजों की सबसे अधिक चर्चा का विषय बने हुए है. इन चार राज्यों में लोकसभा की 82 सीटें है. 2019 के चुनाव में बीजेपी ने इनमें से 66 सीटें जीती थीं. कांग्रेस को 6 सीटों पर जीत मिली थी.
राजनीतिक विश्लेषक प्रोफेसर योगेंद्र यादव ने विधानसभा के नतीजों के आधार पर 2024 में क्या हो सकता है, इस सवाल पर रोशनी डालने की कोशिश की है. आइए एक-एक कर चारों राज्यों के आकलन को देखते हैं.
1- मध्य प्रदेश: यहां 2019 के लोकसभा चुनाव में कुल 29 लोकसभा सीटों में से बीजेपी को 28 और कांग्रेस को मात्र 1 सीट मिली थी. विधानसभा के रिजल्ट और वोट शेयर को देखें तो इस हिसाब से बीजेपी को 24 और कांग्रेस को 5 सीटें मिलती नजर आ रही है.
2- राजस्थान: 2019 में बीजेपी राजस्थान की सभी 25 लोकसभा सीटें जीती गई थी. विधानसभा 2023 के परिणामों के आधार पर देखें तो 2024 में भाजपा को 14 लोकसभा सीटें और कांग्रेस को 11 सीटें मिलेंगी.
3- छत्तीसगढ़: यहां लोकसभा की 11 सीटें हैं. 2019 के चुनाव में बीजेपी ने 9 और कांग्रेस ने 2 सीटें जीतीं थीं. 2023 विधानसभा परिणामों के आधार पर, 2024 के चुनाव में भाजपा 8 और कांग्रेस 3 सीटें जीतेगी.
4- तेलंगाना: यहां लोकसभा की 17 सीटें हैं. 2019 के चुनाव में बीजेपी ने 4 और कांग्रेस ने 3 सीटें जीतीं थीं. 2023 विधानसभा के आधार पर कांग्रेस 9 सीटें जीतेगी, जबकि ऐसे ही आंकड़े रहे तो भाजपा के खाते में यहां जीरो सीट होगी.
यानी इन चारों राज्यों के 82 सीटों में से बीजेपी को 46 और कांग्रेस को 28 सीटें मिलती नजर आ रही हैं. पिछले चुनाव में बीजेपी को 65 और कांग्रेस को मात्र 6 सीटें मिलीं थी. इन आंकड़ों से साफ है कि नतीजे ऐसे भी रहे तो भी कांग्रेस अपने पिछले प्रदर्शन काफी आगे खड़ी नजर आएगी.
प्रोफेसर यादव ने कहा कि इन नतीजों से यही निष्कर्ष है कि पिछली बार यानी 2019 के नतीजों की अपेक्षा कांग्रेस की सीटें बढ़ती दिख रही हैं. यानी कांग्रेस की स्थिति बेहतर हो रही है. 2024 के चुनाव से पहले उन्होंने कांग्रेस के लिए एक अच्छा सिग्नल माना.
वरिष्ठ पत्रकार राजदीप सरदेसाई ने भी सीटों का यही आकलन ट्वीट किया है. लेकिन उनका मानना है कि विधानसभा चुनाव की अपेक्षा लोकसभा चुनावों में मोदी फैक्टर बड़ी भूमिका निभाता है. वे कहते हैं, ‘हमें याद रखना चाहिए कि 2018 के मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ के विधानसभा चुनाव में बीजेपी को हार का सामना करना पड़ा था लेकिन 2019 के लोक सभा चुनाव में पार्टी ने इन राज्यों में क्लीन स्वीप कर दिया था.’ वैसे राजदीप सरदेसाई का मत है कि 2024 के चुनाव में पीएम मोदी और बीजेपी को हराना मुश्किल जरूर है लेकिन नामुमकिन है, ऐसा नहीं कहा जा सकता.
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