AI Summit में हुए प्रदर्शन से शुरू हुआ यह विवाद अब सीधा केंद्र सरकार और कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व के बीच जुबानी जंग में बदल चुका है. इसी प्रोटेस्ट के बाद हो रही गिरफ्तारी को लेकर अब राहुल गांधी का बयान आया है. उन्होंने सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा कि अगर शर्म की बात करनी है तो असली मुद्दों पर बात होनी चाहिए. राहुल गांधी ने सीधे तौर पर एप्सटीन फाइल का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री, उनके कुछ मंत्री और सहयोगियों का नाम ऐसे व्यक्ति के साथ जोड़ा जाना ही अपने आप में शर्म की बात है.
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मोदी अहिंसा और विरोध से क्यों डरते हैं?
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक वीडियो मैसेज जारी करते हुए सवाल उठाया कि आखिर प्रधानमंत्री अहिंसक और लोकतांत्रिक विरोध से क्यों घबराते हैं. उनका कहना था कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन लोकतंत्र का हिस्सा है लेकिन सरकार उसे बदनाम करने की कोशिश कर रही है.
उन्होंने कहा कि असली शर्म की बात यह है कि अमेरिका के साथ हुए व्यापार समझौते में देश का डेटा सौंप दिया गया. राहुल गांधी के मुताबिक, इस समझौते से किसानों को नुकसान हुआ है और कपड़ा उद्योग पर भी बुरा असर पड़ा है.
पीएम मोदी ने क्या कहा था?
दरअसल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली में आयोजित 'एआई इम्पैक्ट समिट' के दौरान कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा था कि एक वैश्विक मंच को पार्टी ने अपनी 'गंदी और नंगी राजनीति' का अखाड़ा बना दिया. उन्होंने यूथ कांग्रेस के शर्टलेस प्रदर्शन को भी शर्मनाक बताया था और कहा था कि इतनी पुरानी पार्टी के नेता देश को बदनाम करने वालों का समर्थन कर रहे हैं.
शर्म की बात मैं बताता हूं
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने पलटवार करते हुए कहा, 'प्रधानमंत्री जी आप शर्म की बात करते हैं? मैं बताता हूं शर्म की बात क्या है.' उन्होंने एप्सटीन फाइल का जिक्र करते हुए कहा कि किसी घिनौने अपराधी के साथ नाम जुड़ना ही शर्मनाक है.
राहुल गांधी ने उद्योगपति अडानी से जुड़े अमेरिका में चल रहे मामलों का भी हवाला दिया और आरोप लगाया कि 14 महीने से कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई. उन्होंने इसे बीजेपी के आर्थिक ढांचे से जोड़ते हुए सरकार की मंशा पर सवाल उठाए.
एक इंच पीछे नहीं हटेंगे
राहुल गांधी ने कहा कि कांग्रेस के बब्बर शेर कार्यकर्ता देश की रक्षा के लिए खड़े हैं और एक इंच भी पीछे नहीं हटेंगे. उनका कहना है कि लोकतांत्रिक विरोध को दबाने की कोशिशें जारी हैं लेकिन पार्टी अपने मुद्दों से पीछे नहीं हटेगी.
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