राम रहीम को चुनावों के समय ही परोल मिलना क्या संयोग या इसका वोटों पर भी है असर?

सवाल उठ रहे हैं कि बाबा को इतनी जल्दी परोल और फरलो कैसे मिल जाती है? क्या इसका कोई चुनावी कनेक्शन है? किसकी कृपा बरस रही है राम रहीम पर?

Gurmeet Ram Rahim
Gurmeet Ram Rahim

देवराज गौर

follow google news

Ram Rahim’s Connection with Election: बलात्कार और हत्या के जुर्म में सजा काट रहा गुरमीत राम रहीम एक बार फिर जेल से बाहर है. राम रहीम अपनी दो शिष्याओं से बलात्कार और आश्रम डेरा सच्चा सौदा के मैनेजर सहित एक पत्रकार की हत्या का दोषी है. 38 महीनों के भीतर ही जेल से आठवीं बार बाहर होगा. सवाल उठ रहे हैं कि बाबा को इतनी जल्दी परोल और फरलो कैसे मिल जाती है? क्या इसका कोई चुनावी कनेक्शन है? किसकी कृपा बरस रही है राम रहीम पर?

Read more!

राम रहीम का जलवा इसलिए कायम है क्योंकि इसके आश्रम का डंका कई राज्यों में बजता है. इसके देश भर में करीब 50 से ज्यादा आश्रम हैं. एक अनुमान के मुताबिक राम रहीम के आश्रम डेरा सच्चा सौदा के दुनिया भर में करीब 6 करोड़ से ज्यादा अनुयायी हैं. आश्रम का मुख्य केंद्र हरियाणा के सिरसा में स्थित है. इसकी संपत्ति 5000 करोड़ बताई जाती है.

क्या जेल से बाहर आने का कोई चुनावी कनेक्शन है?

अब इसे इत्तेफाक भी माना जा सकता है. राम रहीम अक्सर चुनावों के वक्त जेल से बाहर नजर आता है. इसकी कुछ बानगी देखिए.

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक पंजाब विधानसभा चुनाव से ठीक पहले बाबा को 7 फरवरी 2022 को 21 दिन की परोल पर रिहा किया गया. इसके बाद राम रहीम चार महीने ठीक से जेल की हवा नहीं खा पाया था कि 17 जून 2022 को हरियाणा नगर पालिका चुनाव के वक्त उसे एक महीने की परोल मिल गई. केवल 2 महीने के भीतर ही राम रहीम को एक बार फिर से हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले उसे 14 अक्टूबर 2022 को 40 दिन की परोल मिल गई. अब फिर राजस्थान में 25 नवंबर को वोट डाले जाने हैं. उससे ठीक पहले राम रहीम को 20 नवंबर 2023 सोमवार को 21 दिन की परोल मिल गई है.

क्या राजस्थान के चुनावों पर राम रहीम का पड़ेगा असर?

राम रहीम का जन्म राजस्थान के ही श्रीगंगानगर जिले में हुआ है. इसके राजस्थान के 6 जिलों में 10 आश्रम, 3 शहरों में 5 शिक्षण संस्थान हैं. 9 जिलों में इसका सीधा प्रभाव माना जाता है. ज्यादातर जिले वह हैं जो हरियाणा सीमा से लगते हैं.

इन जिलों में है राम रहीम के डेरा का प्रभाव

श्रीगंगानगर में 6 सीटें, हनुमानगढ़ 5 सीटें, झुंझनू 7 सीटें, अलवर 14 सीटें, बीकानेर 7 सीटें, जयपुर 19 सीटें, कोटा 6 सीटें, चूरू 6 सीटें और सीकर की 8 सीटों पर बाबा का प्रभाव माना जाता है. डेरा सच्चा सौदा के राजनैतिक कामों को देखने के लिए उसकी एक पोलिटिकल विंग भी है जो चुनावी उम्मीदवारों और पार्टियों को समर्थन देने या न देने का फैसला करती है.

पहले कर चुका है राजनैतिक पार्टियों का समर्थन

जेल जाने से पहले कई पार्टियों के राजनेता राम रहीम से मिलने डेरा उसका आशीर्वाद लेने जाते थे. राम रहीम के डेरा ने 2007 में पंजाब में कांग्रेस को समर्थन दिया था. 2014 में राम रहीम ने लोकसभा चुनावों में बीजेपी को समर्थन दिया. लोकसभा के बाद हुए 2014 के हरियाणा विधानसभा चुनावों में भी राम रहीम ने बीजेपी का समर्थन किया. बीजेपी तब पहली बार हरियाणा में पूर्ण बहुमत के साथ सत्ता में आई थी. 2015 के दिल्ली विधानसभा चुनावों में भी राम रहीम ने बीजेपी का समर्थन किया था.

    follow google news