केरल में विधानसभा चुनाव के लिए चुनाव आयोग ने चुनावी तारीखों का ऐलान कर दिया है. इसके बाद बीजेपी ने अपने उम्मीदवारों की पहली लिस्ट भी जारी कर दी है. पहली लिस्ट में बीजेपी ने कुल 47 उम्मीदवारों के नामों का ऐलान किया है. इसमें नेमोम से पूर्व केंद्रीय मंत्री और प्रदेश अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर चुनाव लड़ेंगे. वहीं कझाक्कुट्टम से पूर्व विदेश राज्यमंत्री वी मुरलीधरन को उतारा गया है.
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बीजेपी ने मलयालम की जानी-मानी लेखिका आर श्रीलेखा को वट्टियूरकावु से प्रत्याशी बनाया है. पूर्व प्रदेश अध्यक्ष के सुरेंद्रन को मंजेश्वर से, पी के कृष्णदास को काट्टाकाड़ा से, पूर्व केंद्रीय मंत्री वी मुरलीधरन को कझाकुट्टम विधानसभा क्षेत्र से, जबकि पी सी जॉर्ज को पूंजर विधानसभा सीट से मैदान में उतारा है.
9 मार्च को डाले जाएंगे वोट
केरल में एक चरण में 9 मार्च को वोट डाले जाएंगे. वहीं, 4 मई को चुनाव के नतीजे घोषित किए जाएंगे. 16 मार्च को चुनाव का नोटिफिकेशन जारी हुआ. उम्मीदवार 23 मार्च 2026 तक नामांकन कर सकते हैं. 24 मार्च को नॉमिनेशन की जांच की जाएगी. 26 मार्च तक उम्मीदवार नाम वापस ले सकते हैं.
ऐसे में बीजेपी की पहली लिस्ट में से जिस एक नाम की खूब चर्चा होती रही है वो हैं राजीव चंद्रशेखर.
क्यों चर्चा में हैं राजीव चंद्रशेखर?
राजीव चंद्रशेखर का नाम इस चुनाव में सबसे ज्यादा सुर्खियों में है. उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के करीबी नेताओं में गिना जाता है. बीजेपी केरल में अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए उन्हें एक बड़े चेहरे के रूप में पेश कर रही है.
31 मई 1964 को अहमदाबाद में जन्मे चंद्रशेखर का संबंध केरल से भी है. उनके पिता भारतीय वायु सेना में एयर कमोडोर थे. उन्होंने मणिपाल से इंजीनियरिंग और शिकागो से कंप्यूटर साइंस में मास्टर्स किया.
कौन हैं राजीव चंद्रशेखर?
अहमदाबाद में जन्मे राजीव चंद्रशेखर का नाता एक सैन्य परिवार से है. वे एक सफल उद्यमी से राजनेता बने हैं. भारत में मोबाइल और तकनीकी क्रांति लाने वाले प्रमुख चेहरों में उनकी गिनती होती है. साल 2006 से राजनीति में सक्रिय चंद्रशेखर तीन बार राज्यसभा सांसद रहे और केंद्र सरकार में मंत्री पद की जिम्मेदारी भी संभाली. खास बात यह है कि वे बिना संघ पृष्ठभूमि के केरल बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष बनने वाले पहले नेता हैं.
राजीव चंद्रशेखर की संपत्ति विवाद!
2024 लोकसभा चुनाव के दौरान दिए गए चुनावी हलफनामे के अनुसार, राजीव चंद्रशेखर के पास 28 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति है. उनकी चल संपत्ति का कुल मूल्य 13,69,18,637 रुपये है, जबकि उनकी पत्नी के पास 12,47,00,408 रुपये की संपत्ति है. साथ ही बांड, डिबेंचर, शेयर, कंपनियों/म्यूचुअल फंड और अन्य वित्तीय इकाइयों में निवेश शामिल हैं.उनकी चल संपत्ति में 1942 मॉडल की 'रेड इंडियन स्काउट' भी शामिल है, जो कर्नाटक में पंजीकृत है. इसे 1994 में 10 हजार रुपये में खरीदा गया था. इसके साथ ही उनके पास आभूषण, सर्राफा और 3.25 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की अन्य मूल्यवान वस्तुएं भी हैं.
भाजपा नेता की अचल संपत्तियों में 5,26,42,640 रुपये की कीमत पर खरीदी गई स्व-अर्जित संपत्ति शामिल है, जिसका अनुमानित वर्तमान बाजार मूल्य 14,40,00,000 रुपये है. चंद्रशेखर पर 19,41,92,894 रुपये की देनदारियां हैं, जिसको लेकर विवाद हैं. उनकी पत्नी पर 1,63,43,972 रुपये की देनदारी है. इनमें बैंकों, वित्तीय संस्थानों और अन्य से ऋण शामिल हैं.
नेमोम विधानसभा सीट से क्यों उतारा
राजीव चंद्रशेखर को जिस नेमोम विधानसभा सीट से मैदान में उतारा गया है वो केरल के तिरुवनंतपुरम के सामान्य श्रेणी की सीट हैं. 2021 विधानसभा चुनाव में यहाँ से CPI (M) के वी. शिवनकुट्टी विधायक बने, जिन्होंने बीजेपी के कुम्मनम राजशेखरन को 3,949 वोटों के अंतर से हराया.
राजीव चंद्रशेखर को इसलिए भी इस सीट से उतारा है क्योंकि बीजेपी को भरोसा है कि साल 2016 जैसा परिणाम लाया जा सकता है. साल 2016 में बीजेपी के ओ. राजगोपाल ने यह सीट जीतकर केरल में बीजेपी का खाता खोला था. 2016 के बाद से बीजेपी और एलडीएफ के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिलती रही है. कांग्रेस 2006 के बाद यहां जीत नहीं सकी. हालांकि इस बार देखना होगा कि त्रिकोणीय मुकाबले में मैदान में कौन-कौन उतर रहा है.
केरल 2021 के क्या थे परिणाम?
साल 2021 में भी केरल में एक चरण में वोटिंग हुई थी. 140 विधानसभा सीटों वाले इस राज्य में लेफ्ट ने 99 सीटों पर जीत दर्ज कर सरकार बनाई थी. वहीं, कांग्रेस के खाते में 40 सीटें गई थीं. बीजेपी केरल में केवल एक सीट पर जीत हासिल कर पाई थी. सत्तारूढ़ वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (LDF) का नेतृत्व CPI(M) करती है जबकि विपक्षी संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (UDF), जिसका नेतृत्व कांग्रेस करती है. यह देश का इकलौता राज्य है, जहां लेफ्ट सत्ता पर काबिज है.
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