पुराने कांग्रेसी रहे नवीन जिंदल BJP को कुरुक्षेत्र में दिला पाएंगे जीत? सामने है ये बड़ी चुनौती

भाजपा ने कुरुक्षेत्र सीट से बिजनेसमैन नवीन जिंदल को अपना प्रत्याशी बनाया. नवीन जिंदल ने हाल ही में बीजेपी ज्वॉइन की है. इससे पहले वे कांग्रेस में थे. इंडियन नेशनल लोकदल (INLD) ने अभय चौटाला को मैदान में उतारा है, जबकि आम आदमी पार्टी के सुशील गुप्ता कुरुक्षेत्र से इंडिया ब्लॉक के उम्मीदवार हैं.

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शुभम गुप्ता

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Loksabha Elections 2024: हरियाणा की सभी 10 लोकसभा सीटों पर छठे फेज यानी 25 मई को चुनाव होने हैं. हरियाणा की 10 लोकसभा सीटों में से कुरूक्षेत्र की सबसे हॉट सीटों में से एक मानी जाती है. कुरूक्षेत्र लोकसभा सीट पर इस बार बीजेपी, इंडिया ब्लॉक और INLD के बीच त्रिकोणीय मुकाबला होने जा रहा है. 2014 और 2019 के आम चुनाव में बीजेपी ने यहां से शानदार जीत दर्ज की थी, लेकिन इस बार के चुनाव में भाजपा को यहां से कड़ी टक्कर देखने को मिल रही है. हालांकि पिछले 2 बार के चुनावों में भाजपा का वोट शेयर बढ़ा है.

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कुरूक्षेत्र से कौन है मैदान में?

भाजपा ने कुरुक्षेत्र सीट से बिजनेसमैन नवीन जिंदल को अपना प्रत्याशी बनाया. नवीन जिंदल ने हाल ही में बीजेपी ज्वॉइन की है. इससे पहले वे कांग्रेस में थे. इंडियन नेशनल लोकदल (INLD) ने अभय चौटाला को मैदान में उतारा है, जबकि आम आदमी पार्टी के सुशील गुप्ता कुरुक्षेत्र से इंडिया ब्लॉक के उम्मीदवार हैं.

लोकसभा चुनाव की बात करे तो इस सीट पर कांग्रेस ने सबसे ज्यादा 8 बार जीत हासिल की है. कांग्रेस के अलावा बीजेपी और INLD ने दो-दो बार यहां से जीत दर्ज की है.  पिछले दो बार के आम चुनाव में बीजेपी ने ये सीट जीती थी. हालांकि, वोट शेयर में सुधार के बावजूद, बीजेपी को इस बार सत्ता विरोधी लहर और अन्य कारणों से कड़ी टक्कर का सामना करना पड़ रहा है.

बीजेपी के वोट शेयर में आया उछाल

बीजेपी ने 2009 के बाद से कुरूक्षेत्र लोकसभा सीट पर अपने प्रदर्शन में काफी सुधार किया है. 2014 में उन्हें 36.81 फीसदी वोट शेयर मिला था, जो कि 2019 के चुनाव में उछलकर 55.98 फीसदी हो गया.

इस सीट पर सबसे ज्यादा बार जीत हासिल करनी वाली कांग्रेस के लिए पिछली 2 बार के चुनाव काफी अच्छे नहीं रहे हैं. 2014 में 25.33 फीसदी वोट शेयर 2019 में गिरकर 24.71 हो गया.

पिछले 10 वर्षों में इनेलो के वोट शेयर में भारी गिरावट देखी गई है. 2014 में पार्टी का वोट शेयर 25.39 फीसदी था जो 2019 में घटकर 4.93 फीसदी हो गया.

क्या कहता है कुरूक्षेत्र का जातिगत समीकरण?

कुरुक्षेत्र लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत 9 विधानसभा सीटें आती हैं - कैथल, पुंडरी, कलायत, गुहला, पेहोवा, थानेसर, शाहाबाद, लाडवा और रादौर. इस संसदीय क्षेत्र में जातिगत आधार पर मतदाताओं का मिश्रण है लेकिन ये जाट बाहुल्य क्षेत्र है.

इस निर्वाचन क्षेत्र में कुल 17,88,491 मतदाता हैं, जिसमें सबसे ज्यादा 14 फीसदी जाट हैं. 8-8 फीसदी ब्राह्मण और सैनी हैं. इनके अलावा 6 फीसदी पंजाबी, 4 फीसदी सिख और 5 फीसदी अग्रवाल समुदाय के हैं.

अभय चौटाला जाट नेता हैं, वहीं नवीन जिंदल और सुशील गुप्ता दोनों बनिया समुदाय से हैं . ऐसा पहली बार हुआ है कि बीजेपी ने इस सीट पर कोई ओबीसी प्रत्याशी नहीं उतारा है. 2009 में बीजेपी ने इस सीट पर राज कुमार सैनी को उतारा था, वहीं नायब सिंह सैनी को 2019 में टिकट दिया गया. नायब सिंह सैनी के हरियाणा का सीएम बनने के बाद नवीन जिंदल को बीजेपी ने यहां से अपना कैंडिडेट बनाया है. 

बीजेपी के कैंडिडेट नवीन जिंदल ने यहां से नामांकन दाखिल कर दिया है. इस दौरान उन्होंने कहा कि 'हम सभी क्षेत्रों का विकास करेंगे. मुझे लोगों का समर्थन और प्यार मिल रहा है। लोगों को प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व और भाजपा पर भरोसा है.'

किसानों का मुद्दा बन सकता है बीजेपी के गले की फांस!

10 साल से कुरूक्षेत्र में अपना दबदबा कायम करने वाली भाजपा को विरोधी लहर का सामना कर रही है. किसान भाजपा से नाराज है क्योंकि उनका दावा है कि उनकी मांगी पूरी नहीं हुई हैं. किसानों में से अधिकतर जाट हैं. इन्ही कारणों के चलते कहा जा रहा है कि जाट मतदाताओं को लुभाने में भाजपा को मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है.

चुनाव विशेषज्ञों का कहना है कि कुरूक्षेत्र में लड़ाई भाजपा और इंडिया ब्लॉक के बीच सीधी लड़ाई है, लेकिन INLD को भी कम नहीं आंका जा सकता.

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