महाराष्ट्र: नगर निकाय चुनाव से पहले 'लाडकी बहिण' की किस्त पर बवाल, कांग्रेस पहुंची चुनाव आयोग

Maharashtra News: नगर निकाय चुनाव से ठीक एक दिन पहले ‘माझी लाडकी बहिण’ योजना की दो किस्तें एक साथ जारी करने के फैसले पर महाराष्ट्र में सियासी बवाल मच गया है. कांग्रेस ने इसे आचार संहिता का उल्लंघन बताते हुए चुनाव आयोग से शिकायत की है, जबकि सरकार इसे महिलाओं का अधिकार बता रही है.

महाराष्ट्र में नगर निकाय चुनाव
महाराष्ट्र में नगर निकाय चुनाव

न्यूज तक डेस्क

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Maharashtra News: महाराष्ट्र में नगर निगम चुनाव से ठीक एक दिन पहले मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहिण योजना की किस्त जारी करने के फैसले ने सियासत गरमा दी है. सरकार ने ऐलान किया है कि दिसंबर 2025 और जनवरी 2026 की किस्तें एक साथ 14 जनवरी को महिलाओं के खातों में भेजी जाएंगी. यानी मतदान से महज 24 घंटे पहले लाभार्थियों को 3,000 रुपये मिलेंगे. इसी को लेकर अब राज्य में राजनीतिक घमासान मच गया है.

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कांग्रेस ने इस कदम को चुनावी फायदा उठाने की कोशिश बताया है और राज्य चुनाव आयोग का दरवाजा खटखटाया है. महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमिटी की ओर से जनरल सेक्रेटरी एडवोकेट संदेश कोंडविलकर ने आयोग को पत्र लिखकर कहा है कि चुनाव से ठीक पहले इतनी बड़ी रकम बांटना आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन है.

कांग्रेस ने लगाया आरोप

कांग्रेस का आरोप है कि सरकार एक करोड़ से ज्यादा महिला वोटरों को प्रभावित करने के लिए जानबूझकर मतदान से ठीक पहले पैसा डाल रही है. पार्टी ने इसे “सामूहिक सरकारी रिश्वत” करार देते हुए मांग की है कि जब तक मतदान पूरा न हो जाए, तब तक किस्त का भुगतान रोका जाए.

दूसरी तरफ, सरकार ने विपक्ष के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है. नागपुर में प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए राजस्व मंत्री और जिले के पालक मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने कांग्रेस की आपत्ति को “राजनीतिक अवसरवाद” बताया. उन्होंने कहा कि लाडकी बहिण योजना चुनावों से बहुत पहले शुरू की गई थी और यह कोई नई घोषणा नहीं है.

महिलाओं को उनके हक से वंचित नहीं किया जाएगा

बावनकुले ने साफ कहा कि नगर निकाय चुनाव के कारण पूरे राज्य की महिलाओं को उनके हक से वंचित नहीं किया जा सकता. उनके मुताबिक, यह योजना लगातार चलने वाली कल्याणकारी पहल है और इसे रोकना महिलाओं के साथ भेदभाव जैसा होगा. उन्होंने यह भी जोड़ा कि 29 नगर निकायों में चुनाव हो रहे हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि पूरे महाराष्ट्र की महिलाएं अपनी तय राशि से वंचित रहें.

इस पूरे विवाद के बीच अब गेंद राज्य चुनाव आयोग के पाले में है. आयोग ने महाराष्ट्र के मुख्य सचिव को निर्देश दिया है कि वह सोमवार सुबह 11 बजे तक इस मामले में स्थिति स्पष्ट करें.

अब देखना यह है कि चुनाव आयोग सरकार को किस तरह के निर्देश देता है, क्या किस्त पर ब्रेक लगेगा या महिलाओं के खातों में तय तारीख पर पैसा पहुंच जाएगा. फिलहाल ‘लाडकी बहिण’ की किस्त ने महाराष्ट्र की राजनीति में नया तूफान जरूर खड़ा कर दिया है.

इनपुट- योगेश पांडे

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