किस जुर्म में गिरफ्तार किए गए नंदीग्राम से कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान? सामने आई पूरी जानकारी

तपस सेनगुप्ता

• 02:03 PM • 19 Sep 2026

Nandigram Bypoll 2026: नंदीग्राम से कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान को आखिर किस जुर्म में गिरफ्तार किया गया? पुलिस के मुताबिक 18 सितंबर 2026 को उन्हें चांदीपुर थाना क्षेत्र से चार लंबित गैर-जमानती वारंट के आधार पर गिरफ्तार किया गया. कांग्रेस ने गिरफ्तारी के समय और कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं. जानिए मिलन प्रधान पर दर्ज चार मामलों, आरोपों और गिरफ्तारी की पूरी कहानी.

Milan Pradhan Arrest
Milan Pradhan Arrest
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पश्चिम बंगाल के दो सीटों पर होने वाले उपचुनाव से पहले सियासी पारा काफी हाई है. बीते कल जब ममता बनर्जी के पार्टी के उम्मीदवार ने अपना नामांकन वापस लिया तो उन्होंने कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान को समर्थन देने का ऐलान किया. हालांकि इसके कुछ देर बाद ही मिलन प्रधान को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया, जिसके बाद राजनीतिक हलचल तेज हो गई. कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि लोकतांत्रिक नियमों को कुचला जा रहा है और यह बीजेपा का बुरा बर्ताव है. इन आरोपों के बाद सवाल उठने लगे कि आखिर कांग्रेस उम्मीदवार को किस जुर्म में गिरफ्तार किया गया है. आइए विस्तार से जानते हैं पूरी कहानी.

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पुलिस ने प्रेस रिलीज जारी कर दी जानकारी

नंदीग्राम सीट से कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने एक प्रेस रिलीज जारी किया है. जिसके मुताबिक, मिलन प्रधान को मिलन प्रधान को 18 सितंबर 2026 को चांदीपुर थाना क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया. उनके खिलाफ अदालतों से जारी चार लंबित गैर-जमानती वारंट (NBW) के आधार पर यह कार्रवाई की गई. साथ ही वे 2007 से कानून प्रवर्तन एजेंसियों की गिरफ्त से बाहर थे. चुनाव से पहले लंबे समय से लंबित वारंटों को निष्पादित करने के निर्वाचन आयोग के निर्देशों के तहत पुलिस ने यह कार्रवाई की.

2007 के नंदीग्राम हिंसा से जुड़े हैं मामले

पुलिस के अनुसार, मिलन प्रधान के खिलाफ 2007 में नंदीग्राम और खेजुरी थानों में चार आपराधिक मामले दर्ज किए गए थे. इन मामलों में हत्या, हत्या के प्रयास, हत्या की नीयत से अपहरण, सबूत मिटाने, घर में घुसने, हथियारों के साथ दंगा और आर्म्स एक्ट से जुड़े आरोप शामिल हैं. जांच के बाद मिलन प्रधान को इन मामलों में फरार आरोपी के तौर पर चार्जशीट किया गया था. इसके बाद संबंधित अदालतों की ओर से उनके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किए गए थे.

19 साल तक नहीं हो सकी गिरफ्तारी

जानकारी के मुताबिक, 2007 से 2026 के बीच मिलन प्रधान को गिरफ्तार करने के कई प्रयास किए गए लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिली. इसके बावजूद पुलिस की ओर से अदालतों को नियमित तौर पर नॉन-एग्जीक्यूशन रिपोर्ट (NER) भी भेजी जाती रही. अब नंदीग्राम विधानसभा क्षेत्र के उपचुनाव के लिए कांग्रेस उम्मीदवार के तौर पर नामांकन के बाद पुलिस ने उनकी तलाश तेज की थी और इसी दौरान उन्हें चांदीपुर थाना क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया.

चार मामलों में लंबित थे वारंट

पुलिस प्रेस रिलीज के अनुसार मिलन प्रधान के खिलाफ लंबित चार मामले इस प्रकार हैं:

1. नंदीग्राम थाना केस नंबर 75/07

यह मामला 30 अप्रैल 2007 को दर्ज किया गया था. इसमें IPC की धारा 147, 148, 149, 448, 302 और 506 तथा आर्म्स एक्ट की धारा 27 लगाई गई है.

2. नंदीग्राम थाना केस नंबर 221/07

यह मामला 15 नवंबर 2007 का है. इसमें IPC की धारा 147, 148, 149, 326, 364, 302 और 201 के तहत मामले दर्ज हैं.

3. नंदीग्राम थाना केस नंबर 188/2007

यह मामला 8 नवंबर 2007 को दर्ज हुआ था. इसमें IPC की धारा 147, 148, 149, 324, 307 और 302 के साथ आर्म्स एक्ट की धारा 25 और 27 शामिल हैं.

4. खेजुरी थाना केस नंबर 44/07

यह मामला 30 जुलाई 2007 का है. इसमें IPC की धारा 148 और 149 तथा आर्म्स एक्ट की धारा 25 और 35 के तहत मामले दर्ज हैं.

6 अक्टूबर को होने वाले हैं उपचुनाव

6 अक्टूबर को होने वाले उपचुनाव से पहले कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान की गिरफ्तारी के बाद सियासी तस्वीर बदलती हुई नजर आ रही है. बीजेपी ने यहां से मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के PA रहे चंद्रनाथ रथ की मां हसिरानी रथ को उम्मीदवार बनाया है. ये वहीं चंद्रनाथ रथ है जिनकी हत्या चुनाव परिणाम आने के बाद कर दी गई थी. ऐसे में बीजेपी ने यहां से उनकी मां को उम्मीदवार बनाकर एक सॉफ्ट कार्ड खेला है. हालांकि अब 9 अक्तूबर को वोटों कि गिनती के बाद ही पूरी कहानी पता चल पाएगी कि किसका दांव कितना काम किया है.

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