सर्वे: बिहार में BJP के साथ जाकर नीतीश कुमार ने कर लिया बड़ा नुकसान? ये आंकड़े चौंकाऊ हैं

Nitish Kumar news: इंडिया टुडे ग्रुप और सी-वोटर्स के मूड ऑफ नेशन के कुछ आंकड़े ऐसे हैं, जो नीतीश कुमार और बीजेपी की टेंशन बढ़ा सकते हैं.

नीतीश के साथ आने के बावजूद बिहार में BJP को हो सकता है नुकसान, 40 सीटों के सर्वे में देखिए हाल
नीतीश के साथ आने के बावजूद बिहार में BJP को हो सकता है नुकसान, 40 सीटों के सर्वे में देखिए हाल

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Lok Sabha election 2024: विपक्ष के इंडिया (INDIA) गठबंधन से अलग होकर बिहार में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के साथ जाने के बाद सोमवार को नीतीश कुमार को फ्लोर टेस्ट से गुजरना है. इस बीच एक बार फिर बिहार में खेला होने के शोर हैं. बताया जा रहा है कि नीतीश की पार्टी जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के कुछ विधायक उनकी बैठक में नहीं पहुंचे. वैसे जेडीयू का दावा है कि सारे विधायक साथ हैं. वैसे ये अब सिर्फ कुछ घंटों की बात है और बिहार की सियासी तस्वीर साफ हो जाएगी. लेकिन इस बीच इंडिया टुडे ग्रुप और सी-वोटर्स के मूड ऑफ नेशन के कुछ आंकड़े ऐसे हैं, जो नीतीश कुमार और बीजेपी की टेंशन बढ़ा सकते हैं.

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नीतीश के INDIA का साथ छोड़ने से क्या NDA हासिल कर लेगा 400 प्लस सीटों का टारगेट?

इस बात की चर्चा है कि नीतीश कुमार विपक्षी गठबंधन से बाहर आए तो INDIA कम हुआ और एनडीए मजबूत. देश का मिजाज जानने वाले इस सर्वे में भी लोगों से सवाल किया गया था कि क्या नीतीश कुमार का इंडिया का साथ छोड़ने से एनडीए को 400 प्लस सीटें हासिल करने के लक्ष्य में मदद मिलेगी. 48 फीसदी लोगों को लगता है कि ऐसा नहीं होगा. 37 फीसदी लोगों ने माना है कि हां मदद मिलेगी. वहीं 15 फीसदी लोगों किसी नतीजे पर नहीं पहुंचे हैं. यानी ज्यादातर संख्या में लोगों का मानना है कि नीतीश इस लक्ष्य को पूरा करने में एनडीए की मदद नहीं कर पाएंगे.

क्या लगातार गठबंधन बदल नीतीश ने हमेशा के लिए अपनी छवि को पहुंचाया नुकसान?

नीतीश कुमार ने इस बार एनडीए में जाकर 9वीं बार बिहार सीएम पद की शपथ ली है. सर्वे में लोगों से सवाल हुए कि क्या लगातार गठबंधन बदलकर नीतीश कुमार ने हमेशा के लिए अपनी छवि को नुकसान पहुंचा लिया है. 71 फीसदी लोगों ने माना है कि नीतीश कुमार ने हमेशा के लिए अपनी छवि बिगाड़ ली है. 17 फीसदी लोगों को ऐसा नहीं लगता है, वहीं 12 फीसदी लोग ऐसे हैं, जो इस सवाल पर किसी नतीजे पर नहीं पहुंचे हैं.

बिहार की 40 लोकसभा सीटों पर कौन भारी?

इस सर्वे के मुताबिक आने वाले लोकसभा चुनाव में बिहार की 40 सीटों में एनडीए 32 सीटें जीत सकती है. कांग्रेस, लालू प्रसाद यादव की राष्ट्रीय जनता दल (राजद) और वामपंथी दलों के इंडिया गठबंधन के खाते में 8 सीटें जाती नजर आ रही हैं.

2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा, जदयू और अविभाजित लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) एक साथ लड़े थे. तब उन्हें 40 में से 39 सीटों पर जीत मिली थी. बीजेपी ने 17, जेडीयू ने 16 और एलजेपी ने छह सीटें जीतीं. तब विपक्ष को करारा झटका लगा था. कांग्रेस ने सिर्फ एक सीट जीती, जबकि राजद को कोई सीट नहीं मिली.

एनडीए को 2019 के लोकसभा चुनावों में 53 प्रतिशत वोट मिले थे. इस बार के सर्वे के मुताबिक वोट शेयर 52 प्रतिशत होने की संभावना है. विपक्षी गठबंधन को फायदा होता नजर आ रहा है. तब एक सीट से आठ सीट और 2019 के 31 फीसदी वोट की बजाय 38 फीसदी वोट मिलता नजर आ रहा है.

नोट: मूड ऑफ द नेशन सर्वे 15 दिसंबर 2023 से 28 जनवरी 2024 के बीच कराया गया है. सभी लोकसभा सीटों पर किए गए इस सर्वे का सैंपल साइज 149092 है.

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