पिछले कुछ महीनों से देश भर में CJP यानी कॉकरोच जनता पार्टी लगातार सुर्खियों में बना हुआ है. इसी बीच इंडिया टुडे और सी-वोटर के 'मूड ऑफ द नेशन' के ताजा सर्वे(अगस्त 2026) के नतीजे सामने आ गए हैं. आज देश में अगर लोकसभा चुना हुआ तो सियासी ऊंट किस करवट बैठेगा, जनता क्या सोच रही है, इसे लेकर लोगों का मूड परखने की कोशिश की गई है. हाल ही में देश भर में व्यापक Gen Z आंदोलन के बाद यह अब तक का सबसे बड़ा सर्वे माना जा रहा है. सर्वे के दौरान लोगों से नए छात्र संगठन कॉकरोच जनता पार्टी को लेकर सवाल किए गए, जिसके जवाब बेहद ही चौंकाने वाले मिले हैं. आइए विस्तार से जानते हैं इस सर्वे में CJP को लेकर क्या है देश का मूड.
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'CJP को प्रेशर ग्रुप बने रहना चाहिए या राजनीतिक दल?'
MOTN के सर्वे में जब लोगों से पूछा गया कि, CJP का कहना है कि वह अभी राजनीतिक पार्टी बनने के बजाय एक प्रेशर ग्रुप बने रहना चाहता है. उसे क्या करना चाहिए? इस सवाल के जवाब में सबसे ज्यादा 39% लोगों का कहना है कि CJP को एक प्रेशर ग्रुप ही बने रहना चाहिए. वहीं 26% लोगों का कहना है कि CJP को राजनीतिक दल बनाना चाहिए और चुनाव भी लड़ना चाहिए. इसके अलावा 34% लोगों ने कहा है कि अभी कुछ नहीं कह सकते हैं.
इन आंकड़ों से साफ दिखाई देता है कि CJP को लेकर लोगों की राय काफी बटी हुई हैं. हालांकि उन्होंने देशव्यापी आंदोलन किया लेकिन अधिकतर लोग उन्हें राजनीतिक दल नहीं बनने के पक्ष में है. सर्वे के मुताबिक एक बड़ा वर्ग(39%) लोगों उन्हें प्रेशर ग्रुप के तौर पर ही देखना चाहते है.
'CJP चुनाव लड़ी तो देंगे वोट?'
इसी सर्वे के दौरान CJP को लेकर एक और सवाल किया गया है. जब लोगों से पूछा गया कि, 'अगर CJP चुनाव लड़ते, तो क्या आप उन्हें वोट देने के बारे में सोचते?' इस सवाल के जवाब में 33% लोगों ने 'हां' कहा है. वहीं 43% लोगों ने इसे इनकार कर दिया है और वोट नहीं देने की बात कही है. इसके अलावा 24% लोग अभी कुछ नहीं कह सकते के पक्ष में है.
सर्वे के आंकड़ों को देखें तो यह साफ पता चलता है कि CJP को लेकर जनता के बीच अलग-अलग राय है. हालांकि अधिकतर लोग उन्हें वोट देने से मना कर रहे है, जो कि दिखाता है कि अभी CJP को लंबा रास्ता तय करना पड़ सकता है.
सर्वे की प्रक्रिया
यह सर्वे 1 जुलाई 2026 से 25 अगस्त 2026 के दौरान देश के सभी राज्यों और लोकसभा क्षेत्रों में आयोजित किया गया. इसमें विभिन्न आयु वर्ग, जाति, धर्म और लिंग के 25,184 वयस्कों से प्रत्यक्ष रूप से उनकी राय ली गई.
जनता का मूड सटीक रूप से समझने के लिए, पिछले 24 हफ्तों में एकत्रित 91,795 अतिरिक्त लोगों की राय का भी इसमें गहराई से विश्लेषण किया गया. इस प्रकार, यह पूरा सर्वे कुल 1,16,644 लोगों के विशाल सैंपल साइज पर आधारित है. आंकड़ों में मार्जिन ऑफ एरर कुल मिलाकर ±3% और सूक्ष्म स्तर पर ±5% तक हो सकता है.
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