MP’s Suspension: भारतीय संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान अबतक विपक्ष के 141 सांसद निलंबित हो चुके हैं. यह भारतीय संसदीय राजनीति का अबतक का रिकॉर्ड है. इससे पहले 1989 में लोकसभा के 63 सांसद सस्पेंड हुए थे. पर इसबार मामला कुछ ज्यादा ही आगे चला गया है. मौजूदा शीतकालीन सत्र में प्रदर्शन और सदन की कार्यवाही में बाधा पहुंचाने को लेकर 18 दिसंबर को संसद के दोनों सदनों से कुल 78 सांसदों को सस्पेन्ड कर दिया गया था. इसके बाद 19 दिसंबर को भी 49 सांसदों को सस्पेन्ड किया गया. ये संख्या भले नया रिकॉर्ड हो लेकिन सांसदों के निलंबन की परिपाटी कोई नई नहीं है.
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क्या आप देश की संसद से हुए पहले निलंबन की कहानी जानते हैं?
सबसे पहले सस्पेन्ड होने का रिकार्ड बनाया फिर बने उपसभापति
गोडे मुरहरि भारत में संसद से सस्पेन्ड होने वाले पहले संसद सदस्य थे. वे संसद के उच्च सदन यानी राज्यसभा के सदस्य थे. गोडे यूपी से राज्यसभा के सदस्य रहे. उन्हें राज्यसभा से कुल तीन बार सस्पेन्ड किया गया. पहली बार साल 1962 में और साल 1966 में दूसरी बार सस्पेन्ड किया गया. उनके निलंबन के बाद सबसे दिलचस्प बात ये रही कि वे साल 1977 से 1979 तक राज्यसभा के उप सभापति भी रहे.
मुरहरि राज्यसभा से सर्वाधिक बार सस्पेन्ड होने के मामले में दूसरे नंबर पर हैं. इस मामले में सोशलिस्ट पार्टी के दिग्गज नेता राजनारायण का रिकॉर्ड है. वो साल 1966, 1967, 1971 और 1974 में कुल चार बार राज्यसभा से निलंबित हो चुके हैं. ये वहीं राजनारायण हैं जिन्होंने आपातकाल के बाद 1977 में हुए लोकसभा चुनाव में देश की तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को हराया था.
इससे पहले 1989 में सस्पेंड हुए थे 63 सांसद
1989 में राजीव गांधी की सरकार में 63 सांसद लोकसभा से सस्पेंड किए गए थे. तब पूर्व पीएम इंदिरा गांधी की हत्या की जांच के लिए बने जस्टिस ठक्कर कमिशन को लेकर हंगामा मचाने पर यह ऐक्शन हुआ था.
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