नंदीग्राम उपचुनाव में ममता बनर्जी का मास्टरस्ट्रोक! उम्मीदवार के पीछे हटने के बाद कर दिया बड़ा ऐलान

अनिर्बन सिन्हा रॉय

18 Sep 2026 (अपडेटेड: Sep 18 2026 6:10 PM)

Nandigram Bypoll 2026: नंदीग्राम उपचुनाव से पहले बड़ा सियासी घटनाक्रम सामने आया है. ममता बनर्जी गुट की उम्मीदवार संचिता प्रधान डे ने शुभेंदु अधिकारी से मुलाकात के बाद अपना नामांकन वापस ले लिया. इसके कुछ ही घंटे बाद ममता बनर्जी ने ऐलान किया कि उनका गुट नंदीग्राम में कोई नया उम्मीदवार नहीं उतारेगा और कांग्रेस प्रत्याशी मिलन प्रधान को समर्थन देगा.

Nandigram Bypoll 2026
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पश्चिम बंगाल में दो सीटों पर होने वाले उपचुनाव से पहले राज्य का सियासी पारा काफी हाई हो गया है. इसी बीच नंदीग्राम विधानसभा सीट पर उपचुनाव से पहले बड़ा घटनाक्रम सामने आया है. सीएम शुभेंदु अधिकारी के साथ राज्य सचिवालय नबन्ना में मुलाकात करने के बाद एक तरफ जहां ममता बनर्जी की उम्मीदवार संचिता प्रधान डे ने अपना नामांकन वापस ले लिया था. वहीं अब ममता बनर्जी ने मास्टरस्ट्रोक चलते हुए कांग्रेस उम्मीदवार को अपना समर्थन देने की बात कही है. साथ ही उन्होंने साफ कर दिया है कि वह अब कोई उम्मीदवार नहीं उतारेगी. 

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दरअसल, संचिता प्रधान डे के नामांकन वापस लेने के बाद ममता बनर्जी ने एक प्रेस कॉनफ्रेंस को संबोधित किया. उन्होंने बताया की कांग्रेस नेता राहुल गांधी से उनकी बात हुई है, जिसके बाद उन्होंने साफ तौर पर कहा कि वे INDIA गठबंधन के एकजुट और सभी मिलकर चुनाव लड़ेगे. इस दौरान उन्होंने अरविंद केजरीवाल के ट्विट का भी जिक्र करते हुए कहा कि हम सभी मिलकर चुनाव लड़ेंगे.

बीजेपी और चुनाव पर लगाए कई गंभीर आरोप

प्रेस कॉनफ्रेंस के दौरान ममता बनर्जी चुनाव आयोग और बीजेपी पर जमकर बरसी और गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने कहा कि आज का दिन लोकतंत्र के इतिहास में काला दिन है. ममता ने आरोप लगाया कि विधानसभा चुनाव में उनकी पार्टी को हराने के लिए पहले SIR का इस्तेमाल किया गया और फिर EVM को भी हाईजैक किया गया था.

ममता बनर्जी यहीं नहीं रुकी, उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग ने बीजेपी के अंहकार को संतुष्ट करने के लिए ये काम किया है. उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि वोट काउटिंग का काम CRPF के जरिए कराया गया था. ममता बनर्जी ने दावा किया है कि पुलिस उनके कार्यकर्ताओं पर बीजेपी में शामिल होने का दबाव बना रही है और 14 हजार कार्यकर्ता जेल में है. साथ ही उन्हें कार्यकर्ताओं से मिलने की इजाजत भी नहीं दी जा रही है.

'चुनाव आयोग के फैसले को देंगे चुनौती'

ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग के दिए पार्टी के नाम और सिंबल के फैसले पर कहा है कि, यह अंतिम फैसला नहीं है और पार्टी इसे कानूनी तौर पर चुनौती देगी. उन्होंने साफ कहा है कि वह सिर नहीं झुकाएगी और अपनी आखिरी सांस तक ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस(AITC या TMC) नहीं छोड़ेगी.

ममता ने इस दौरान बागी गुट के रवैये पर सवाल उठाते हुए कहा कि, जिन लोगों ने चार महीने पहले जिस पार्टी और चुनाव चिह्न पर चुनाव लड़ा था, वह अब उसी के खिलाफ कैसे हो सकते है. साथ ही उन्होंने बिना सीएम शुभेंदु अधिकारी का नाम लिए हमला बोला है और कहा कि वे योगी से भी बदतर हो गए है और सभी को धमका भी रहे है.

दो धड़ों में बंट गई TMC!

चुनाव आयोग ने TMC यानी All India Trinamool Congress के नाम और 'जोड़ा घास फूल' चुनाव चिह्न के इस्तेमाल पर रोक लगा दिया है. चुनाव आयोग ने ममता बनर्जी गुट को 'Mamata All India Trinamool Congress' का नाम और 'फुटबॉल खिलाड़ी' का चुनाव चिह्न दिया है. वहीं बागी गुट को 'Democratic Trinamool Congress' का नाम और लिफाफा चुनाव चिह्न दिया गया है.

पहले पार्टी का नाम हाथ से गया और फिर अब उम्मीदवार, नंदीग्राम उपचुनाव से पहले ममता बनर्जी को लगा डबल झटका!