संसद का विशेष सत्र इसी महीने बुलाया जा सकता है. सूत्रों के मुताबिक, सरकार इस सत्र में परिसीमन और महिला आरक्षण से जुड़े संवैधानिक संशोधन विधेयक पारित कराने की तैयारी कर रही है. सरकार से जुड़े सूत्रों का दावा है कि इन विधेयकों को पारित कराने के लिए उसके पास जरूरी संख्या है.
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विशेष सत्र बुलाने को लेकर सरकार DMK और कुछ अन्य छोटे विपक्षी दलों के संपर्क में है. हालांकि, सत्र की तारीखों को लेकर अभी अंतिम फैसला नहीं हुआ है. सरकार ने अब तक मानसून सत्र को भी औपचारिक रूप से समाप्त नहीं किया है.
मानसून सत्र खत्म, लेकिन सत्रावसान नहीं हुआ
संसद का मानसून सत्र 13 अगस्त को खत्म हो गया था. हालांकि, इसका औपचारिक सत्रावसान अभी नहीं हुआ है. इसका मतलब है कि सत्र की बैठकें खत्म हो चुकी हैं, लेकिन उसे औपचारिक रूप से बंद नहीं किया गया है. इसी वजह से संसद का विशेष सत्र बुलाने का रास्ता खुला हुआ है.
फिलहाल, सरकार विशेष सत्र की तारीखें और कार्यक्रम तय करने में जुटी है. सूत्रों के मुताबिक, सत्र बुलाने से करीब एक सप्ताह पहले इसकी सूचना दी जा सकती है.
लोकसभा में पहले गिर चुका है संविधान संशोधन विधेयक
परिसीमन और महिला आरक्षण से जुड़े प्रस्तावों पर सरकार पहले भी संसद में कोशिश कर चुकी है. बजट सत्र के दौरान 17 अप्रैल को इन मुद्दों से जुड़ा संविधान संशोधन विधेयक लोकसभा में पारित नहीं हो पाया था. विधेयक को जरूरी समर्थन नहीं मिला और वह गिर गया था. अब सरकार इसी मुद्दे पर दोबारा कोशिश करने की तैयारी में है.
BRICS संसदीय मंच की तारीखों को ध्यान में रखकर होगा फैसला
सत्र की तारीख तय करते समय 26 और 27 अक्टूबर को संसद भवन परिसर के 'संविधान सदन' में होने वाले 12वें BRICS संसदीय मंच को ध्यान में रखा जाएगा.
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