PM Modi speech on Women Reservation Bill: महिला आरक्षण से जुड़े 131वें संविधान संशोधन विधेयक के लोकसभा में गिर जाने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की जनता को संबोधित किया. अपने संबोधन में पीएम मोदी काफी भावुक नजर आए और उन्होंने इस बिल के पारित न हो पाने का पूरा जिम्मेदार विपक्षी दलों को ठहराया. उन्होंने कहा कि देश की नारी शक्ति सब कुछ देख रही है और इस बिल के गिरने से उन्हें व्यक्तिगत रूप से बहुत दुख हुआ है. पीएम मोदी ने साफ किया कि विपक्ष ने अपने स्वार्थ की वजह से करोड़ों महिलाओं के सपनों को बेरहमी से कुचल दिया है.
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नारी शक्ति के सपनों पर चोट और विपक्ष का अड़ियल रवैया
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि सरकार ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम में संशोधन की पूरी कोशिश की थी लेकिन सफलता नहीं मिल पाई. उन्होंने विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि कल हमारे पास संख्या बल की कमी थी लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि हम हार गए हैं. पीएम मोदी ने देश की महिलाओं को भरोसा दिलाया कि उनके रास्ते में आने वाली हर रुकावट को सरकार खत्म करके रहेगी. उन्होंने कहा कि हमारा आत्मबल अजेय है और आने वाले समय में हमें और भी मौके मिलेंगे.
कांग्रेस का अटकाना और लटकाना वाला कार्यबल
पीएम मोदी ने कांग्रेस पार्टी पर सीधा हमला करते हुए कहा कि लटकाना और अटकाना ही कांग्रेस का असली सिद्धांत और वर्क कल्चर रहा है. उन्होंने आरोप लगाया कि देश के लिए जो भी जरूरी फैसले होते हैं कांग्रेस उन्हें ठंडे बस्ते में डाल देती है. प्रधानमंत्री के अनुसार कांग्रेस के इसी रवैये के कारण आज देश उस ऊंचाई पर नहीं पहुंच पाया जिसका वह हकदार था. उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस हर बड़े रिफॉर्म का विरोध करती है चाहे वह जनधन योजना हो आधार हो डिजिटल पेमेंट हो या फिर आर्टिकल 370 हटाना हो.
परिवारवादी पार्टियों के वर्चस्व को सता रहा है डर
विपक्ष पर हमला जारी रखते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि परिवारवादी पार्टियों को यह डर सता रहा है कि अगर महिलाएं सशक्त हो गईं तो उनका वर्चस्व खत्म हो जाएगा. ये दल कभी नहीं चाहते कि उनके परिवार के बाहर की कोई भी महिला राजनीति में आगे बढ़े. उन्होंने कहा कि पंचायत स्तर पर महिलाओं ने अपनी क्षमता साबित की है और अब वे संसद और विधानसभाओं में अपनी भागीदारी चाहती हैं लेकिन विपक्षी दलों ने इस महायज्ञ में बाधा डाली है. पीएम मोदी ने कहा कि कांग्रेस एक परजीवी की तरह क्षेत्रीय दलों पर सवार है और उन्हें भी ले डूबेगी.
संसद में तालियां बजाकर किया गया महिलाओं का अपमान
पीएम मोदी ने दुख जताते हुए कहा कि जब संसद में नारी हित का प्रस्ताव गिरा तब विपक्षी दल के लोग तालियां बजा रहे थे. उन्होंने इसे महिलाओं के स्वाभिमान और आत्मसम्मान पर गहरी चोट बताया. प्रधानमंत्री ने कहा कि नारी सब कुछ भूल सकती है लेकिन अपना अपमान कभी नहीं भूलती. उन्होंने देश की माताओं और बहनों से क्षमा मांगते हुए कहा कि सरकार के लिए देशहित सर्वोपरि है लेकिन विपक्ष के लिए दलहित बड़ा हो गया है. बता दें कि यह बिल 54 वोटों की कमी के कारण लोकसभा में दो-तिहाई बहुमत प्राप्त नहीं कर सका और गिर गया.
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