राजनीतिक पार्टियों को मिलने वाले चंदे को लेकर एक चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है. एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स यानी ADR की रिपोर्ट के मुताबिक, वित्त वर्ष 2023-24 में 14 रजिस्टर्ड अनरिकग्नाइज्ड पॉलिटिकल पार्टियों (RUPPs) ने 20 हजार रुपये से ज्यादा मिले चंदे का हिसाब दिया.
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इन सभी पार्टियों ने मिलकर 682.28 करोड़ रुपये के चंदे की जानकारी दी. लेकिन इसमें सबसे बड़ी बात यह है कि करीब 99 फीसदी से ज्यादा पैसा सिर्फ दो पार्टियों के हिस्से में गया. इन दो पार्टियों के नाम हैं आम जनमत पार्टी और प्रबल भारत पार्टी. दोनों ने मिलकर 680.655 करोड़ रुपये का चंदा घोषित किया है.
आम जनमत पार्टी को मिले 640 करोड़ रुपये
ADR के आंकड़ों में सबसे ज्यादा चंदा आम जनमत पार्टी को मिला है. पार्टी ने वित्त वर्ष 2023-24 के लिए 640 करोड़ रुपये का चंदा घोषित किया है. रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि इस साल आम जनमत पार्टी की जो योगदान रिपोर्ट सार्वजनिक हुई है, उसकी स्कैन कॉपी ठीक स्थिति में नहीं है.
अगर पिछले साल की बात करें तो वित्त वर्ष 2022-23 में पार्टी ने 12 हजार से ज्यादा चंदों से करीब 216 करोड़ रुपये मिलने की जानकारी दी थी.
दूसरे नंबर पर प्रबल भारत पार्टी
20 हजार रुपये से ज्यादा के चंदे के मामले में प्रबल भारत पार्टी दूसरे नंबर पर रही. यह पार्टी भी बिहार में रजिस्टर्ड है. इसका रजिस्टर्ड ऑफिस सीतामढ़ी में है. आम जनमत पार्टी और प्रबल भारत पार्टी को मिले चंदे को जोड़ दें तो रकम 680.655 करोड़ रुपये बैठती है. यानी 14 पार्टियों को मिले कुल 682.28 करोड़ रुपये में लगभग पूरी रकम इन्हीं दो दलों के पास पहुंची.
9 पार्टियों ने नहीं बताया कोई चंदा
ADR की रिपोर्ट में एक और दिलचस्प आंकड़ा सामने आया है. इन 14 पार्टियों में से 9 ने 20 हजार रुपये से ज्यादा का एक भी चंदा नहीं बताया. मतलब एक तरफ दो पार्टियों ने सैकड़ों करोड़ रुपये का चंदा घोषित किया, जबकि बाकी कई पार्टियों के खाते में इस कैटेगरी में कोई रकम दर्ज नहीं हुई.
14 पार्टियों में 7 बिहार की
ADR के मुताबिक, जिन 14 RUPPs की योगदान रिपोर्ट उपलब्ध है, उनमें 7 पार्टियां बिहार की हैं. बाकी पार्टियां दिल्ली, मध्य प्रदेश, झारखंड और हरियाणा में रजिस्टर्ड हैं. इन रिपोर्टों में 20 हजार रुपये से ज्यादा मिले चंदे की जानकारी दी गई है.
इन पार्टियों का भी रिपोर्ट में नाम
ADR के आंकड़ों में स्वराज इंडिया पार्टी, राष्ट्रीय जनरल पार्टी, भारतीय जन क्रांति दल (डेमोक्रेटिक) और प्राउटिस्ट ब्लॉक, इंडिया का भी जिक्र है. इन पार्टियों के रजिस्टर्ड पते क्रमशः नई दिल्ली, बक्सर, जबलपुर और नई दिल्ली में दर्ज हैं.
वहीं, चुनावी फंड से जुड़े एक मामले में चुनाव आयोग यानी ECI ने बिहार के मुख्य निर्वाचन अधिकारी को राष्ट्रीय जनरल पार्टी के संबंध में नोटिस भी भेजा है.
क्या होती हैं RUPPs?
RUPP का मतलब Registered Unrecognised Political Party होता है. आसान भाषा में कहें तो ये ऐसी पार्टियां हैं जो चुनाव आयोग में रजिस्टर्ड हैं, लेकिन अभी उन्हें राष्ट्रीय या राज्य की मान्यता प्राप्त पार्टी का दर्जा नहीं मिला है. ADR ने अपनी रिपोर्ट में इन्हीं पार्टियों की ओर से बताए गए 20 हजार रुपये से ज्यादा के चंदे का विश्लेषण किया है.
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