Shesh Bharat: प्रकाश राज ने चुनाव आयोग के खिलाफ क्यों छेड़ी जंग? जानिए SIR से क्या है कनेक्शन

न्यूज तक डेस्क

• 10:38 AM • 04 Sep 2026

प्रकाश राज चुनाव आयोग के खिलाफ लगातार विरोध कर रहे हैं. कर्नाटक की मतदाता सूची में SIR प्रक्रिया को लेकर उन्होंने गड़बड़ी का आरोप लगाया है. एक्टर का दावा है कि उनका वोटिंग राइट डिलीट किया गया. उन्होंने पारदर्शिता की मांग की है और अब मामले को कोर्ट तक ले जाने की बात कही है.

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जाने-माने अभिनेता प्रकाश राज अपनी बेबाक बयानबाजी के लिए जाने जाते हैं. सरकार और सिस्टम को लेकर उन्हें अक्सर बोलते हुए सुना जा सकता है. प्रकाश राज पिछले कुछ दिनों से लगातार चर्चा में बने हुए हैं. इस बीच एक्टर को बेंगलुरु के फ्रीडम पार्क में आयोजित 'इलेक्शन कमीशन चलो' विरोध मार्च में हिस्सा लेते हुए देखा गया. उन्होंने जमकर नारेबाजी की. बाद में पुलिस ने प्रकाश राज और उनके सहयोगियों को हिरासत में ले लिया. इसके बाद उन्होंने 'राजभवन घेराव' प्रदर्शन का भी नेतृत्व किया.

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मोहनदास पाई ने उठाए सवाल

दरअसल, इसी पर बिजनेसमैन और निवेशक मोहनदास पाई ने प्रकाश राज के विरोध प्रदर्शन का वीडियो शेयर करते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा- मज़ेदार बात है. क्या वह चाहते हैं कि मरे हुए लोगों के नाम वोटर लिस्ट में हों? क्या वह चाहते हैं कि वोटर लिस्ट में ऐसे लोगों के नाम हों जिनके नाम कई बार दर्ज हैं? क्या वह चाहते हैं कि वोटर लिस्ट में उन लोगों के नाम हों जिन्होंने अपना पता छोड़ दिया है और अब वहाँ नहीं रहते? मीडिया के अनुसार, उनके नाम कई जगह वोटर के तौर पर दर्ज हैं. तो क्या वह इसे बनाए रखना चाहते हैं, जो कि गैर-कानूनी है?

प्रकाश राज ने दिया जवाब

इस पर प्रकाश राज ने जवाब दिया है. प्रकाश राज ने लिखा- नहीं सर... हम नागरिक SIR के नाम पर हो रहे इस बिना खून-खराबे वाले नरसंहार के खिलाफ हैं. हम चाहते हैं कि इसे खत्म कर दिया जाए. बस हमारे पास इसके सबूत आने का इंतज़ार कीजिए. प्रकाश राज पिछले कुछ दिनों से चुनाव आयोग के खिलाफ हल्ला बोल रहे हैं. इसी के तहत वो बेंगलुरु के इस मार्च में भी शामिल हुए थे.

SIR प्रक्रिया में गड़बड़ी का आरोप

वो कर्नाटक में मतदाता सूची के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों को लेकर वे कड़ा विरोध कर रहे हैं. उनका आरोप है कि इस प्रक्रिया के जरिए वास्तविक मतदाताओं के नाम हटाए जा रहे हैं, जिसे उन्होंने 'वोट चोरी' का नाम दिया है. दरअसल, बीते दिनों प्रकाश राज ने खुद दावा किया था कि उनका नाम मतदाता सूची से हटा दिया गया है, तब से वो चुनाव आयोग का विरोध कर रहे हैं.

मुख्य चुनाव आयुक्त से पारदर्शिता की मांग

प्रकाश राज ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर निशाना साधते हुए उनसे पारदर्शिता की मांग की है और वो राहुल गांधी की तरफ से उठाए गए 'वोट चोरी' के आरोपों का समर्थन कर चुके हैं.

'दिमागी नक्सल' टिप्पणी पर भी दिया था रिएक्शन

इसके अलावा पीएम मोदी के 'दिमागी नक्सल' वाली टिप्पणी पर रिएक्शन देते हुए प्रकाश राज ने कहा था कि सरकार को नामकरण करने के बजाय देश के असली मुद्दों, जैसे कि सरकारी स्कूलों और शिक्षकों की बदहाली को सुधारने पर ध्यान देना चाहिए. उन्होंने जनता से 'अंधभक्त' न बनने और सरकार से सवाल पूछने की भी अपील की थी.

'जय संविधान' के नारे से मची थी चर्चा

प्रकाश राज दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन में भी शामिल हुए थे. उन्होंने कहा- लोग भले ही जय श्री राम कहें, लेकिन मैं जय संविधान कहूँगा. इस नारे ने सोशल मीडिया पर एक नई राजनीतिक बहस को जन्म दे दिया. अब वो इस मामले को कोर्ट तक ले जाने की बात कर रहे हैं.

वोटिंग राइट डिलीट होने का दावा

बीते दिनों प्रकाश राज ने बड़ा दावा किया था. उनका कहना था कि बेंगलुरु निर्वाचन क्षेत्र से उनका वोटिंग राइट डिलीट कर दिया गया है. SIR की प्रक्रिया के बाद ये सब हुआ है. प्रकाश ने कहा कि वो बेंगलुरु में जन्मे हैं. यहीं पर उन्होंने पढ़ाई और थिएटर किया है. प्रकाश ने तंज कसते हुए कहा कि ये अच्छा जोक है. इसे जारी रखें.

प्रकाश राज के खिलाफ गैर-जमानती वारंट

इससे पहले जून में बेंगलुरु की एक अदालत ने प्रकाश राज के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया था. आरोप था कि उनके पास कई राज्यों के मतदाता पहचान पत्र हैं. 2019 में वकील दिलीप कुमार ने एक्टर के खिलाफ हलासूरू गेट पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई थी. उनका कहना था कि प्रकाश के पास चार राज्यों के मतदाता पहचान पत्र हैं. उन्होंने चुनाव संबंधी नियमों का उल्लंघन किया है.

शिकायत के बाद कोर्ट पहुंचे थे दिलीप कुमार

शिकायतकर्ता का कहना था कि उनकी शिकायत पर कोई एक्शन नहीं लिया गया. बाद में दिलीप ने बेंगलुरु सिटी पुलिस कमिश्नर और चुनाव आयोग से कॉन्टैक्ट किया. जब वहां से भी कोई जवाब नहीं मिला तो वो अपनी शिकायत लेकर कोर्ट गए. अदालत ने एक्टर को पेश होने के लिए दो बार समन भी भेजा था. लेकिन वो कोर्ट के सामने हाजिर नहीं हुए. जिसकी वजह से कोर्ट ने गैर-जमानती वारंट जारी किया था.

बेंगलुरु में हुआ प्रकाश राज का जन्म

प्रकाश राज मूल रूप से कर्नाटक के ही रहने वाले हैं. 1965 में उनका जन्म बेंगलुरु में हुआ था. इनका असली नाम प्रकाश राय है. अपनी शानदार अदाकारी के दम पर प्रकाश साउथ से लेकर बॉलीवुड तक, सिनेमा के साथ-साथ दर्शकों के दिलों पर राज कर रहे हैं.