ED का नोटिस मिला तो प्रकाश राज बोले- खेला होबे! कौन हैं ये चर्चित एक्टर जो आए निशाने पर

अभिषेक

24 Nov 2023 (अपडेटेड: Nov 24 2023 9:40 AM)

प्रकाश राज अक्सर केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार और भारतीय जनता पार्टी (BJP) की नीतियों की तीखी आलोचना करते रहते हैं. अक्सर वह सोशल मीडिया हैंडल्स पर पीएम मोदी विरोधी मीम, पोस्ट और स्पूफ शेयर करते रहते हैं.

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Prakash Raj: तमिल और बॉलीवुड ऐक्टर प्रकाश राज को इंफोर्समेंट डायरेक्ट्रेट (ED) ने समन जारी किया है. यह समन तमिलनाडु के तिरुचिरापल्ली के प्रणव ज्वेलर्स ग्रुप के खिलाफ कथित 100 करोड़ रुपए के पोंजी और धोखाधड़ी के मामले में भेजा गया है. प्रकाश राज इस ज्वेलरी ग्रुप के ब्रांड एंबेसडर रह चुके हैं. इसी वजह से इस पोंजी मामले में उनसे भी पूछताछ होनी है.

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प्रकाश राज अक्सर केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार और भारतीय जनता पार्टी (BJP) की नीतियों की तीखी आलोचना करते रहते हैं. अक्सर वह सोशल मीडिया हैंडल्स पर पीएम मोदी विरोधी मीम, पोस्ट और स्पूफ शेयर करते रहते हैं. आइए आज प्रकाश राज की कहानी जानते हैं.

कौन हैं प्रकाश राज?

प्रकाश राज तमिल फिल्मों के जाने-माने ऐक्टर हैं पर बॉलीवुड में भी उनका चेहरा जाना पहचाना है. उन्होंने बॉलीवुड की कई फिल्मों में काम किया है. कांचीवरम फिल्म में उत्कृष्ठ अभिनय के लिए वर्ष 2009 में उन्हें सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार भी मिला है. प्रकाश राज देश के मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखने के लिए जाने जाते हैं और वे सियासी टिप्पणी करने से भी नहीं कतराते. फिलहाल वह नरेंद्र मोदी के धुर आलोचक नजर आते हैं. सोशल मीडिया पर पीएम मोदी के खिलाफ लिखते रहते हैं. इसके लिए उन्हें भारी विरोध का भी सामना करना पड़ता हैं.

ED के इस समन के बाद भी प्रकाश राज ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पहले ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए लिखा कि #खेलाहोबे #justasking

‘खेला होबे’ पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का फेमस डायलॉग है. ममता ने 2021 में बंगाल विधानसभा चुनाव के समय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी पर तंज कसने के लिए इसका इस्तेमाल किया था. ममता ने चुनाव में भारी बहुमत से जीत दर्ज कर खेल कर दिया था.

किस मामले में प्रकाश राज को मिला समन?

तमिलनाडु के तिरुचिरापल्ली के प्रणव ज्वेलर्स ग्रुप ने कथित गोल्ड स्कीम में अधिक रिटर्न(दुगना,तिगुना) देने का वादा करके जनता से 100 करोड़ रुपए जुटाए थे. कंपनी जनता के पैसे लौटाने में विफल रही. लोगों का पैसा फंस गया. अब इकोनॉमिक ऑफेंस विंग (EOW) ने जांच में पाया है कि कंपनी ने गोल्ड स्कीम के नाम पर जुटाए पैसों को कई शेल कंपनियों के जरिए विदेशों में लगा दिया है. EOW ने कंपनी के खिलाफ फर्स्ट इनफार्मेशन रिपोर्ट (FIR) दर्ज कराई. इसके बाद ED ने कंपनी के ठिकानों पर छापेमारी की. इसमें 23.70 लाख के संदिग्ध लेनदेन के सबूत मिले हैं. 11.60 किलोग्राम सोने के आभूषण भी बरामद हुए. अब कंपनी पर ED ने प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग ऐक्ट(PMLA) के तहत मामला दर्ज किया है. प्रकाश राज प्रणव ज्वेलर्स के ब्रांड एंबेसडर रह चुके हैं. इसी क्रम में अब उन्हें पूछताछ के लिए बुलाया गया है.

क्या होती है इकोनॉमिक ऑफेंस विंग (EoW)

एक करोड़ से अधिक की धोखाधड़ी या हेराफेरी के मामले की जांच इकोनॉमिक ऑफेंस विंग करती है. यह किसी भी बड़े आर्थिक अपराध में स्वतः संज्ञान(अपने आप) से भी केस दर्ज कर सकती है.