आम आदमी पार्टी (AAP) के अंदर मची हलचल के बीच राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने अपनी चुप्पी तोड़ी है. गुरुवार को पार्टी ने उन्हें राज्यसभा में डिप्टी लीडर के पद से हटा दिया था, जिसके बाद से ही चड्ढा के अगले कदम को लेकर अटकलें लगाई जा रही थीं. अब उन्होंने एक इमोशनल वीडियो संदेश जारी कर सीधे तौर पर पार्टी के फैसले पर सवाल उठाए हैं.
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पार्लियामेंट में बोलने से रोकने का आरोप
राघव चड्ढा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर साझा किए गए वीडियो में गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने कहा कि पार्टी ने संसद को पत्र लिखकर कहा है कि राघव चड्ढा को सदन में बोलने का मौका न दिया जाए.
चड्ढा ने सवाल किया, "जनता के मुद्दे उठाना क्या कोई गुनाह है? आखिर कोई मेरी आवाज को क्यों दबाना चाहता है?" उन्होंने कहा कि उन्होंने हमेशा मिडिल क्लास, डिलीवरी राइडर्स और आम जनता के हक की बात की है.
मुद्दे उठाए तो मिली सजा?
चड्ढा ने अपने कार्यकाल के दौरान उठाए गए मुद्दों को गिनाते हुए कहा कि उन्होंने एयरपोर्ट पर महंगे खाने, जोमैटो-ब्लिंकिट राइडर्स की समस्याओं, खाने में मिलावट, टोल प्लाजा की लूट और टैक्स के बोझ जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरा है. उन्होंने टेलीकॉम कंपनियों द्वारा 12 महीने में 13 बार रिचार्ज कराने और डाटा रोल ओवर न देने जैसे जरूरी सवाल भी संसद में रखे. चड्ढा ने पूछा कि इन मुद्दों को उठाने से देश का तो भला हुआ, लेकिन पार्टी को क्या नुकसान हुआ जो उनके बोलने पर पाबंदी लगाई जा रही है.
मेरी खामोशी को हार मत समझना
वीडियो के अंत में राघव चड्ढा काफी आक्रामक नजर आए. उन्होंने साफ लफ्जों में कहा, "मुझे खामोश करवाया गया है, लेकिन मैं हारा नहीं हूं. मेरी खामोशी को मेरी हार समझने की गलती मत करना. मैं वो दरिया हूं, जो वक्त आने पर सैलाब बन जाता है." चड्ढा ने अपने समर्थकों से साथ बने रहने की अपील की और कहा कि वह जनता के लिए लड़ते रहेंगे.
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