कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने हाल ही में दक्षिण गोवा के मडगांव में आयोजित कांग्रेस की 'गोय राखोन यात्रा' के दौरान एक बड़ी जनसभा को संबोधित किया. इस दौरान उन्होंने केंद्र सरकार और भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोला. राहुल गांधी ने अपने ऊपर चल रहे दर्जनों कानूनी मुकदमों का हवाला देते हुए एक बड़ा और चौंकाने वाला सवाल उठाया कि आखिरकार उनके 'वोट चोरी' वाले बयानों पर सरकार कोई कानूनी कार्रवाई क्यों नहीं कर रही है. विस्तार से जानिए पूरी बात.
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'मेरे ऊपर 45 से ज्यादा मानहानि के मुकदमे दर्ज हैं'
जनसभा को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने अपने ऊपर दर्ज मुकदमों का पूरा ब्यौरा दिया. उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ देश भर में मानहानि (डिफेमेशन) के 45 से ज्यादा मामले दर्ज हैं. राहुल ने आरोप लगाया कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी के कई अन्य नेताओं ने उनके खिलाफ अलग-अलग मुकदमे ठोक रखे हैं. इन तमाम मामलों के बावजूद उन्होंने इस बात पर हैरानी जताई कि उनके सबसे बड़े और तीखे बयानों पर सत्ता पक्ष पूरी तरह से खामोश क्यों है.
'वोट चोरी पर केस करने से लीगल पछड़े में फंस जाएगी सरकार'
राहुल गांधी ने दावा किया कि उन्होंने जगह-जगह जाकर खुले तौर पर यह आरोप लगाया है कि नरेंद्र मोदी वोट चोरी करते हैं, लेकिन इस सिलसिले में उन पर कहीं कोई केस दर्ज नहीं किया गया है. उनके मुताबिक, इसके पीछे मुख्य वजह यह है कि सरकार अच्छी तरह जानती है कि अगर वे 'वोट चोरी' के आरोप पर अदालत में कोई मामला दर्ज कराएंगे, तो यह एक लंबी और जटिल कानूनी लड़ाई में बदल जाएगा. कोर्ट में सबूत मांगे जाएंगे, गवाहियां होंगी और अंततः सरकार इस कानूनी पछड़े में बुरी तरह उलझ जाएगी. उन्होंने यह भी कहा कि मध्य प्रदेश, हरियाणा, कर्नाटक, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, बंगाल और असम जैसे राज्यों में सबूतों के आधार पर वोट चोरी की गई है.
सुप्रीम कोर्ट में 'वोट चोरी' और 'SIR' को लेकर याचिका
गौरतलब है कि राहुल गांधी और इंडिया गठबंधन के नेता चुनाव आयोग के 'स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन' (SIR) अभियान और वोट चोरी के मुद्दों को लेकर पहले ही सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटा चुके हैं. 12 अक्टूबर को दिल्ली में एक बड़ा विरोध मार्च निकालकर सुप्रीम कोर्ट में एक संयुक्त याचिका दाखिल की गई थी, जिसमें देश भर में करीब 13 करोड़ मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से हटाने का गंभीर आरोप लगाया गया है. विपक्ष की मांग है कि जब तक शीर्ष अदालत इस मामले की जांच कर रही है, तब तक देश भर में चल रहे SIR अभियान को रद्द किया जाए और हटाए गए सभी वोटों का स्वतंत्र एवं निष्पक्ष ऑडिट कराया जाए.
राहुल गांधी पर दर्ज अन्य प्रमुख कानूनी मामले
राहुल गांधी पर देश भर में दर्ज 45 मामलों में सबसे प्रमुख 'मोदी सरनेम' टिप्पणी का मामला रहा है, जिसमें सूरत की एक अदालत ने उन्हें 2 साल की सजा सुनाई थी और उनकी संसद सदस्यता चली गई थी, हालांकि बाद में सुप्रीम कोर्ट ने इस पर रोक लगा दी थी. इसके अलावा अमित शाह को लेकर दिए गए बयान, महात्मा गांधी की हत्या में आरएसएस की कथित भूमिका, वीर सावरकर पर टिप्पणी और राफेल सौदे को लेकर दिए गए बयानों पर भी मानहानि के मुकदमे दर्ज हैं, जिन पर उच्च न्यायालयों या सुप्रीम कोर्ट से राहत मिल चुकी है. इसके साथ ही नेशनल हेराल्ड मामला और जंतर-मंतर पर राजनीतिक विरोध प्रदर्शनों के दौरान धारा 144 के उल्लंघन से जुड़ी एफआईआर भी कानूनी पन्नों में दर्ज हैं.
प्राइवेट पार्ट पर हाथ लगाया और... राहुल गांधी से मिली प्रदर्शनकारी छात्राओं ने किया बड़ा दावा
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