कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला है. अपने अधिकारों और निष्पक्ष परीक्षाओं की मांग कर रहे छात्रों के आंदोलन पर सरकार की सख्त कार्रवाई की आलोचना करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार छात्रों की आवाज दबाने के लिए हर संभव कदम उठा रही है.
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छात्रों के प्रदर्शन पर कड़े प्रतिबंधों का विरोध
राहुल गांधी ने ट्वीट करते हुए कहा कि छात्रों के न्यायपूर्ण प्रदर्शन को रोकने के लिए सार्वजनिक सेवाओं को ठप्प कर दिया गया है. उन्होंने लिखा कि सरकार ने मेट्रो सेवाएं स्थगित कर दी हैं, सड़कों पर नाकेबंदी कर दी है, दुकानें और इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी हैं और यहाँ तक कि छात्रों तक भोजन और बुनियादी सुविधाएं पहुँचने से भी रोक लगाई जा रही है. उन्होंने सरकार के इन कदमों को "क्रूर" करार देते हुए कहा कि अपने भविष्य और हक के लिए आवाज उठा रहे युवाओं के साथ इस प्रकार का व्यवहार लोकतांत्रिक व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है.
पेपर लीक रोकने में पूरी तरह विफल रही सरकार
सरकार की इस सख्त प्रशासनिक कार्रवाई पर चुटकी लेते हुए राहुल गांधी ने सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आड़े हाथों लिया. उन्होंने कहा कि सरकार छात्रों की आवाज दबाने के लिए सुरक्षा बल, इंटरनेट ब्लैकआउट और सभी सेवाएं बंद करने में तो सफल रही, लेकिन देश में लगातार हो रहे पेपर लीक को रोकने में पूरी तरह नाकाम साबित हुई है.
राहुल गांधी ने अपने ट्वीट के अंत में लिखा, "लेकिन मोदी जी, सिर्फ एक ही चीज है जिसे आप बंद नहीं कर पाए- पेपर लीक..."
युवाओं के मुद्दों पर राजनीतिक सरगर्मी तेज
देश में हाल के समय में विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं (जैसे NEET, UGC-NET आदि) में धांधली और पेपर लीक के मामलों को लेकर युवाओं और छात्रों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है. विपक्ष लगातार इस मुद्दे पर सरकार को घेरने की कोशिश कर रहा है. राहुल गांधी के इस बयान के बाद छात्रों के आंदोलन और पेपर लीक के मुद्दे पर राजनीति और तेज होने की संभावना है.
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