चर्चा में हैं राजस्थान की लेडी योगी साध्वी अनादि सरस्वती, कौन हैं ये, कांग्रेस में क्यों गईं?

देवराज गौर

02 Nov 2023 (अपडेटेड: Nov 2 2023 1:33 PM)

राजस्थान की लेडी योगी कही जाने वाली बीजेपी नेता साध्वी अनादि सरस्वती ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया. बताया जा रहा है कि साध्वी अजमेर उत्तर सीट से टिकट चाहती थीं.

साध्वी अनादि सरस्वती ने बीजेपी से इस्तीफा देते हुए कांग्रेस का दामन थामा है. वह अजमेर नॉर्थ से टिकट मांग रही थी.
साध्वी अनादि सरस्वती ने बीजेपी से इस्तीफा देते हुए कांग्रेस का दामन थामा है. वह अजमेर नॉर्थ से टिकट मांग रही थी.
Google CTA

Rajasthan’s Lady Yogi Sadhvi Anadi Saraswati: राजस्थान विधानसभा चुनाव में गुरुवार को कुछ ऐसा हुआ कि साध्वी अनादि सरस्वती का नाम सोशल मीडिया पर ट्रेंड करने लगा. राजस्थान की लेडी योगी कही जाने वाली बीजेपी नेता साध्वी अनादि सरस्वती ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया. बताया जा रहा है कि साध्वी अजमेर उत्तर सीट से टिकट चाहती थीं. लेकिन, बीजेपी की दूसरी सूची में भी उनका नाम नहीं आने पर वह नाराज हो गईं. इसी बीच उन्होंने बुधवार को बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और राजस्थान बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष सीपी जोशी को अपना त्याग पत्र सौंप दिया. फिर जयपुर में प्रदेश कांग्रेस कार्यालय पर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की मौजूदगी में उन्होंने कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता ले ली.

Read more!

कौन हैं साध्वी अनादि सरस्वती?

साध्वी अनादि सरस्वती मूल रूप से अजमेर की ही रहने वाली हैं. इनका असल नाम ममता कालानी है. 44 वर्षीय साध्वी अनादि ने साल 2008 में प्रेमानंद सरस्वती से महानिर्वाण अखाड़े की दीक्षा ली थी. कांग्रेस में शामिल होने पर साध्वी ने कहा संत हमेशा समाज के बारे में सोचता है, माध्यम कोई सा भी हो लक्ष्य एक ही रहता है समाज सेवा.

क्या इनसे कांग्रेस को होगा लाभ?

बीजेपी ने 21 अक्टूबर को राजस्थान के उम्मीदवारों की अपनी दूसरी सूची जारी की थी. बीजेपी ने अजमेर उत्तर से वासुदेव देवनानी को अपना उम्मीदवार बनाया है. पहले इस सीट पर साध्वी की दावेदारी बताई जा रही थी. कांग्रेस ने अभी तक अजमेर उत्तर से किसी भी प्रत्याशी की घोषणा नहीं की है. ऐसा कहा जा रहा है कि कांग्रेस उन्हें यहां से उतार सकती है. साध्वी सिंधी समाज से आती हैं और अजमेर नॉर्थ सीट पर सिंधी वोटर्स की अच्छी खासी संख्या है. चर्चा है कि अशोक गहलोत ने यही देखते हुए साध्वी की पार्टी में एंट्री कराई है.