Charchit Chehra: राहुल गांधी की पॉलिटिकल लाइन पर क्यों चलने लगे हॉटमेल वाले सबीर भाटिया?

रूपक प्रियदर्शी

28 Oct 2026 (अपडेटेड: Oct 28 2026 10:29 AM)

हॉटमेल के संस्थापक सबीर भाटिया की टेक की दुनिया से लेकर भारतीय राजनीति और हालिया कानूनी विवादों तक की पूरी कहानी. जानिए कैसे एक साधारण इंजीनियर ने दुनिया बदल दी और आज सुर्खियों में हैं.

सबीर भाटिया
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सबीर भाटिया की सबसे बड़ी पहचान दुनिया में ईमेल क्रांति करके हॉटमेल बनाने को बनी है जो गूगल के जीमेल से भी करीब 10 साल पहले बन गई थी. सबीर भाटिया का पार्टी-पॉलिटिक्स से कभी कोई लेना-देना नहीं रहा. वो तो भारत में रहते भी नहीं लेकिन जैसे-जैसे देश की पॉलिटिक्स में गरमागर्मी बढ़ी है, 38 साल से अमेरिका में रहकर  भारतीय मूल के सबीर भाटिया की थिंकिंग, इमेज चेंज हुई. आज ऐसे पॉलिटिकल चर्चित चेहरा बने हैं जो राहुल गांधी की लाइन टो कर रहे हैं और इसकी पहली बड़ी कीमत चुका दी है सबीर भाटिया ने. 

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राहुल गांधी अरसे से मोदी-अदाणी, मोदी अदाणी करते रहे हैं. राहुल गांधी ने रैलियों में भाषण दिए, प्रेस कॉन्फ्रेंस करके गठजोड़ के सबूत पेश किए. सोशल मीडिया पर ढेर सारे पोस्ट किए लेकिन उन्होंने वो एक काम नहीं किया जो सबीर भाटिया ने कर दिया. सबीर भाटिया ने 36 मिनट की डॉक्यूमेंट्री बना दी फ्रेंडशिप फाइल्स की. अपने यूट्यूब चैनल Bcubed और शैडो सिटिजिन्स और X पर अपलोड कर दिया. अदाणी एंटरप्राइजेज ने इसका बुरा माना और सोशल मीडिया पर डॉक्यूमेंट्री रिलीज पर बैन लगाने के लिए कलकत्ता हाईकोर्ट से जीत हासिल कर ली. कोर्ट के आर्डर के मुताबिक सबीर भाटिया की डॉक्यूमेंट्री के ऑनलाइन प्रसारण और शेयरिंग पर 31 जनवरी, 2027 तक अंतरिम रोक रहेगी. यूट्यूब, एक्स, इंस्टाग्राम कहीं कुछ नहीं दिखेगा. कोर्ट ने ये मानते हुए रोक लगाई कि वीडियो कोई निष्पक्ष समाचार रिपोर्ट नहीं बल्कि dramatized narrative है, जिससे अदाणी कंपनी की इमेज को डैमेज हो रहा है. 

सबीर भाटिया ने जारी किया वीडियो 

जब सबीर भाटिया ने वीडियो जारी किया, तो राज ठाकरे, महुआ मोइत्रा समेत विपक्षी नेताओं ने डॉक्यूमेंट्री को हाथों-हाथ लेकर तेजी से शेयर किया क्योंकि मोदी-अदाणी पर बनी डॉक्युमेंट्री पूरी तरह से विपक्ष की मुहिम और राहुल गांधी की पॉलिटिकल लाइन और आरोपों से मेल खा रही थी. हालांकि तब तक दबिश शुरू नहीं हुई. और जब दबिश शुरू हुई तो विपक्षी नेताओं के लिए भी सबीर भाटिया को लेकर स्टैंड पर टिके रहना मुश्किल हो गया. राज ठाकरे ने मुंबई पुलिस कमिश्नर के कहने पर पोस्ट हटा दी. 

विदेश में रहकर भारतीय राजनीति के सबसे बड़े विवाद में कूदते ही सबीर भाटिया का धप्पा हो गया.  पूंजी और सत्ता के गठजोड़ पर सवाल उठाने, एक बुनियादी रूप से टूटे हुए सिस्टम को उजागर करने, पारदर्शिता और जवाबदेही तय करने, नागरिकों को जागरूक करने जैसी बड़ी-बड़ी बातें कोर्ट के एक ऑर्डर से दब गई. अब उन्हें पॉलिटिकल गेम में टिके रहने के लिए कुछ और करना होगा. हालांकि सबीर भाटिया कहते रहे कि वो कोई राजनैतिक जंग नहीं लड़ रहे हैं. जब भी कोई नागरिक देश में महिलाओं की सुरक्षा, महंगाई, बुनियादी ढांचे की कमी या आर्थिक नीतियों पर सवाल उठाता है, तो उसे तुरंत देशविरोधी या किसी खास राजनीतिक पार्टी का एजेंट बता दिया जाता है. वे खुद को सिर्फ एक 'जागरूक एनआरआई' मानते हैं जो भारत के लोगों में क्रिटिकल थिंकिंग जगाना चाहते हैं.

सबीर भाटिया की लाइफ जर्नी भारत और दुनिया भर के करोड़ों युवाओं के लिए सीख बनी कि अगर आपके पास ठोस आइडिया और उसे पूरा करने का पक्का इरादा हो, तो आप दुनिया को और अपनी दुनिया बदल सकते हैं. हॉटमेल बनाने तक सबीर भाटिया भारत का आम लड़का था जिसने अच्छी एजुकेशन के साथ अच्छा करियर बनाया. 30 दिसंबर, 1968 को चंडीगढ़ में ऐसे हिंदू पंजाबी परिवार में जन्म हुआ जिसका बैकग्राउंड आर्मी का था. पिता बलदेव भाटिया इंडियन आर्मी में कैप्टन थे. पिता की सेना की नौकरी के कारण सबीर का बचपन और एजुकेशन अलग-अलग बड़े शहरों पुणे और बेंगलुरु में हुआ. 

स्कूलिंग के बाद सबीर भाटिया ने करियर की ऐसी ऊंची छलांग लगाई कि फिर कभी नहीं रूके. 1985 में बिरला इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड साइंस (BITS) पिलानी में एडमिशन लिया. दो साल पढ़ने के बाद बेहद कठिन ट्रांसफर स्कॉलरशिप जीतकर अमेरिका के मशहूर कैलिफोर्निया इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजीपहुंच गए. जहां से उन्होंने इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में बैचलर डिग्री पूरी की. आगे दुनिया में टेक हब माने जाने वाले स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी पहुंचे, जहां से उन्होंने साल 1993 में इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में मास्टर्स (MS) की डिग्री हासिल की. स्टैनफोर्ड में पढ़ाई के दौरान ही उनके भीतर Entrepreneur बनने का सपना जागा. उसी सपने ने हमेशा के लिए सबीर भाटिया को बदल दिया. 

हॉटमेल नहीं आता अगर हर्ट ब्रेक नहीं हुआ होता

सबीर भाटिया की लाइफ जर्नी में हॉटमेल नहीं आता अगर हर्ट ब्रेक नहीं हुआ होता. अमेरिका में करियर मेकिंग फेज में सबीर भाटिया किसी लड़की को दिल बैठे लेकिन रिलेशनशिप ब्रेकअप के साथ टूटा. सबीर डिप्रेशन की चपेट में आए. एक दिन सब छोड़कर भारत लौटने की ठान बैठे. खुद को रिबूट करने कोडिंग सीखी. ऑफिस में पर्सनल ईमेल कैसे देखें-इसी आइडिया पर दोस्त जैक स्मिथ के साथ काम करते हुए बना हॉटमेल. ऐसा ईमेल जो वेब ब्राउज़र पर चले और दुनिया में कहीं से भी एक्सेस किया जा सके. 

जब सबीर और जैक स्मिथ इस नए आइडिया के साथ मार्केट में उतरे, तो इन्वेस्टर्स को यह समझ नहीं आ रहा था कि मुफ्त में ईमेल देकर कोई कंपनी पैसे कैसे कमाएगी. सबीर भाटिया को 20 से ज्यादा वेंचर कैपिटलिस्ट्स ने रिजेक्ट कर दिया. आखिरकार, 'ड्रेपर फिशर जुरवेस्टन' (DFJ) नाम के फर्म ने उनके आइडिया पर भरोसा कर 3 लाख डॉलर का शुरुआती निवेश किया. अमेरिका के स्वतंत्रता दिवस के मौके पर 4 जुलाई, 1996 को हॉटमेल को लॉन्च किया गया. मुफ्त होने और 'माउथ-टू-माउथ' वायरल मार्केटिंग की वजह से हॉटमेल ने आग की तरह रफ्तार पकड़ी और महज 18 महीनों के भीतर इसके 85 लाख से ज्यादा यूजर्स हो गए, जिसने पूरी दुनिया को चौंका दिया.

पता नहीं ये अच्छा किया या गलती कर दी. हॉटमेल के सक्सेस होते ही सबीर भाटिया ने ऑफर फॉर सेल का टैग लगा दिया. माइक्रोसॉफ्ट के मालिक बिल गेट्स को हॉटमेल में फ्यूचर दिखा. उन्होंने करीब एक करोड़ यूजर्स के साथ 400 मिलियन डॉलर यानी उस वक्त के लगभग 1600 करोड़ रुपये देकर सबीर भाटिया से हॉटमेल खरीद लिया. महज 1.5 साल पुरानी कंपनी की यह डील उस दौर की सबसे बड़ी और ऐतिहासिक टेक डील्स में शुमार हुई, जिसने सबीर भाटिया को रातों-रात हमेशा के लिए दुनिया का सबसे चर्चित यंग अरबपति बना दिया. 

हॉटमेल बेचने के बाद भी सबीर भाटिया रुके नहीं. उन्होंने Arzoo.com, Jaxtr, SabSeBolo और हाल ही में AI-बेस्ड ShowReel जैसे कई नए स्टार्टअप्स और तकनीकी वेंचर्स लॉन्च किए लेकिन हॉटमेल जैसा हॉट और कुछ बना नहीं. माइक्रोसॉफ्ट के हाथ जाने के बाद हॉटमेल के साथ कुछ अच्छा नहीं हुआ और एक दिन 2012-13 में ऐसा आया जब हॉटमेल बंद हो गया.

सबीर भाटिया की लव लाइफ की चर्चाएं

दुनिया के सबसे चर्चित बैचलर रहे सबीर भाटिया की लव लाइफ और अफेयर्स की कहानियां किसी बॉलीवुड में भी सनसनीखेज और हाई-प्रोफाइल रहीं. हॉटमेल ने इतना बड़ा दिया कि सबीर भाटिया मोस्ट एलिजिबल बैचलर बन गए. पूर्व मिस यूनिवर्स सुष्मिता सेन के साथ रिलेशनशिप शुरू हुई. 
यहां तक चर्चा हुई कि सबीर ने सुष्मिता को 10.5 कैरेट की हीरे की अंगूठी देकर प्रपोज किया था. फिर न जाने क्या हुआ कि रिश्ता आगे नहीं बढ़ा. सबीर खुलेआम ऐश्वर्या राय के प्रति प्यार का इजहार करने लगे. तब ऐश्वर्या और सलमान खान के चर्चे हुआ करते थे. किसी ऐश्वर्या राय के लिए पजेसिव सलमान खान ने किसी पार्टी में सबीर भाटिया को सबक सिखाने के सिए हाथ पर सिगरेट बुझा दी.  

सबीर भाटिया का नाम बॉलीवुड एक्ट्रेस अमीषा पटेल के साथ भी उछला और साल 2003 में वकील गीता ओबेरॉय के साथ उनकी सगाई की खबरें आईं, लेकिन सगाई शादी के मंडप तक पहुंचने से पहले ही टूट गई. अफेयर्स के इन तमाम उतार-चढ़ाव के बाद सबीर भाटिया की असल प्रेम कहानी साल 2008 में शादी तक पहुंची. 40 की उम्र में सबीर ने बैद्यनाथ ग्रुप की उत्तराधिकारी और लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स की पूर्व छात्रा तान्या शर्मा से शादी की. आईलैंड बुक करते हुई फेयरीटेल जैसी शादी लंबी नहीं चल सकी. शादी के महज पांच साल बाद 2013 में  दोनों ने आपसी सहमति से तलाक ले लिया. सबीर अकेले रह गए. तान्या शर्मा के साथ बेटी एरियाना के साथ रहती हैं. सबीर भाटिया कभी आध्यात्म की दुनिया में , कभी भारतीय पॉलिटिक्स में दिख जाते हैं.

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