पर्दे पर करोड़ों दिलों पर राज करने वाले और विरोधियों के राजनीतिक चक्रव्यूह को भेदने वाले पवन कल्याण की निजी जिंदगी हमेशा से सुर्खियों और विवादों में रही है. कभी संन्यासी बनने की चाहत रखने वाले पवन कल्याण ने अपनी जिंदगी में तीन शादियां कीं. दो शादियां टूटने के दर्द, भारी-भरकम मुआवजे और कानूनी लड़ाइयों से गुजरने के बाद आखिरकार उनकी जिंदगी में एक रशियन हमसफर की एंट्री हुई, जिसने हाल ही में पवन कल्याण की सलामती के लिए तिरुपति मंदिर की 3550 सीढ़ियां चढ़कर एक ऐसी मन्नत पूरी की, जिसने पूरे देश को हैरान कर दिया.
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पवन कल्याण ने ऐसी जिंदगी शुरू की थी जिसमें फिल्मों में नहीं आना था. शादी नहीं करनी थी. राजनीति का तो सवाल ही नहीं था. उन्होंने तो साधु-संन्यासी बनना था लेकिन हमेशा जिंदगी में वो नहीं होता जो आप चाहते हैं. पवन कल्याण फिल्मों में आए और पवन स्टार बनकर छा गए. शादी को ना-ना कहते हुए तीन-तीन शादियां कर बैठे. राजनीति में एक बार आकर मुंह मोड़ने के बाद फिर राजनीति में नई इनिंग शुरू की और छा गए.
अपनों की खुशी के लिए पवन ने की थी पहली शादी!
फिल्मों की दुनिया में कदम रखने से पहले पवन कल्याण स्वभाव से बेहद इंट्रोवर्ट(Introvert) और आध्यात्मिक हुआ करते थे. अक्सर कहा करते थे कि कभी शादी नहीं करेंगे और आजीवन एक संन्यासी या दार्शनिक की तरह जिंदगी गुजारेंगे. उन्हें किताबों, मार्शल आर्ट्स और खेती में ही सुकून मिलता था. लेकिन 1996 में फिल्मी डेब्यू करने के ठीक एक साल बाद, यानी 1997 में, परिवार और बड़े भाई चिरंजीवी के भारी दबाव के कारण उन्हें नंदिनी नाम की महिला से शादी करनी पड़ी. पवन कल्याण ने खुद माना था कि यह रिश्ता उन्होंने सिर्फ अपनों की खुशी के लिए अपनाया था, लेकिन दोनों के विचारों में जमीन-आसमान का अंतर होने के कारण इस रिश्ते में जल्द ही कड़वाहट आ गई.
बिना शादी के बने पिता
नंदिनी के साथ रिश्ते में आई दरार के बाद, पवन कल्याण अपनी को-स्टार रेनू देसाई के करीब आए. दोनों बिना शादी किए सालों तक लिव-इन रिलेशनशिप में रहने लगे और साल 2004 में रेनू ने उनके बेटे अकीरा नंदन को जन्म दिया. पहली पत्नी नंदिनी को तलाक दिए बिना दूसरी महिला के साथ रहने के कारण बड़ा विवाद खड़ा हो गया. नंदिनी ने पवन कल्याण के खिलाफ 'बायगेमी' यानी द्विविवाह कानून के तहत अदालत में केस दर्ज कराया और हर महीने 5 लाख रुपये के खर्च की मांग की. नंदिनी ने IPC की धारा 494 के तहत इस केस में चिरंजीवी, नागेन्द्र बाबू और रेनू देसाई समेत पूरे मेगास्टार परिवार को घसीट लिया. आखिरकार, साल 2007 में पवन कल्याण ने नंदिनी से तलाक लिया, जिसके लिए उन्हें उस दौर के हिसाब से रिकॉर्ड तोड़ करीब 5 करोड़ रुपये की भारी-भरकम एलिमनी यानी गुजारा भत्ता चुकानी पड़ी थी.
क्यों टूटी थी रेनू देसाई से उनकी शादी?
नंदिनी से कानूनी रूप से अलग होने के बाद, पवन कल्याण ने 28 जनवरी 2009 को रेनू देसाई के साथ पूरे रीति-रिवाज से शादी की ताकि अपने रिश्ते और बच्चों को सामाजिक मान्यता दे सकें. शादी के बाद उनके घर बेटी आद्या का जन्म हुआ. लेकिन पवन कल्याण की यह दूसरी शादी भी एक अलग वजह से टूट गई. दरअसल, पवन कल्याण के भाई नागाबाबू ने एक फिल्म प्रोड्यूस की थी जो बॉक्स ऑफिस पर बुरी तरह फ्लॉप हो गई और वे दिवालिया होने की कगार पर आ गए. भाई को इस डिप्रेशन और भारी कर्ज से निकालने के लिए पवन कल्याण ने अपनी पूरी जमा-पूंजी और प्रॉपर्टी दांव पर लगा दी. अपने बच्चों के भविष्य को खतरे में डालकर भाइयों की इस तरह वित्तीय मदद करने के फैसले से रेनू देसाई असहमत थीं. इसी पारिवारिक और आर्थिक खींचतान के चलते साल 2012 में दोनों ने आपसी सहमति से तलाक ले लिया.
पवन और अन्ना की लव-स्टोरी!
दो शादियों के टूटने और मानसिक अकेलेपन के बीच पवन कल्याण की जिंदगी में प्यार ने तीसरी बार दस्तक दी. साल 2011 में फिल्म 'तींमार' की शूटिंग के दौरान उनकी मुलाकात रूसी मॉडल और अभिनेत्री अन्ना लेझनेवा (Anna Lezhneva) से हुई, जो फिल्म में एक छोटे से किरदार में थीं. अन्ना के सरल स्वभाव और सनातन संस्कृति के प्रति उनके जुड़ाव ने पवन कल्याण का दिल जीत लिया. रेनू से तलाक के अगले ही साल, यानी 30 सितंबर 2013 को पवन कल्याण ने अन्ना लेझनेवा के साथ 'स्पेशल मैरिज एक्ट' के तहत तीसरी शादी कर ली. अन्ना से उनके दो बच्चे हैं- एक बेटी पोलेना और बेटा मार्क शंकर.
रूसी मूल की होने के बावजूद अन्ना लेझनेवा ने भारतीय सनातन परंपरा और हिंदू रीति-रिवाजों को पूरी तरह अपने जीवन में ढाल लिया है, जिसका सबूत उन्होंने पवन कल्याण के कठिन राजनीतिक संघर्ष के दौरान समय-समय पर दिया. जब पवन कल्याण अपनी पार्टी 'जनसेना' के लिए कड़े चुनावी अभियान पर थे और उनकी सुरक्षा को लेकर चिंताएं थीं, तब अन्ना ने उनकी सलामती और बड़ी जीत के लिए कई व्रत और धार्मिक अनुष्ठान किए.
पवन की जिंदगी का एक कड़वा सच!
पवन कल्याण की जिंदगी का एक बड़ा सच यह भी है कि जनता के बीच उनका 'पावर स्टार' वाला अंदाज एक बेहद दर्दनाक शारीरिक तकलीफ को छिपाए हुए था. पवन कल्याण लंबे समय से दोनों कंधों में गंभीर रोटेटर कफ इंजरी, रीढ़ की हड्डी की समस्या से जूझ रहे थे. इस चोट का पास्ट साल 2016 से जुड़ा हुआ है. फिल्मों के हैरतअंगेज स्टंट्स और राजनीति में कदम रखने के बाद उनके कड़े चुनावी दौरों जैसे 'पोराता यात्रा' और 'वाराही यात्रा' ने इस दर्द को और बढ़ा दिया. समय के साथ ये दर्द शरीर के अंदर बढ़ता रहा.
इंफेक्शन फैलने और असहनीय दर्द के बाद डॉक्टरों ने उन्हें तुरंत ऑपरेशन की सलाह दी. लेकिन राज्य के प्रति अपनी जिम्मेदारियों और चुनावी वादों को पूरा करने के लिए उन्होंने अपनी सेहत को दांव पर लगा दिया और सर्जरी टालते रहे. आखिरकार, जुलाई में मुंबई के अस्पताल में डॉक्टरों की एक स्पेशल टीम ने उनके दाहिने कंधे की साढ़े तीन घंटे लंबी जटिल सर्जरी की, जहां रोटेटर कफ के साथ-साथ एक फ्रैक्चर (Avulsion Fracture) को भी ठीक किया गया. उनका हाल जानने आंध्र से सीएम चंद्रबाबू नायडू भी अस्पताल पहुंचे.
पवन के ऑपरेशन के बाद तिरुपति पहुंची अन्ना!
भारतीय परिवारों में महिलाएं पति, परिवार की सलामती के लिए पूजा-पाठ करती हैं, मन्नतें मांगती हैं. पवन कल्याण की पत्नी अन्ना को रशियन हैं लेकिन सनातन धर्म के प्रति इतनी आस्था कि उन्होंने अस्पताल में सर्जरी के बाद रिकवरी कर रहे पति पवन कल्याण के लिए कठिन मन्नत मांगी. पवन कल्याण सफल सर्जरी के बाद घर लौटे तो अन्ना पहुंच गईं तिरुपति मंदिर.
बिना किसी वीआईपी तामझाम और सुरक्षा के, एक आम भक्त की तरह अन्ना लेझनेवा सीधे तिरुपति पहुंचीं. उन्होंने भीषण गर्मी और उमस के बीच तिरुमला मंदिर की सबसे कठिन मानी जाने वाली लगभग 3,550 पावन सीढ़ियां(अलिपिरी पैदल मार्ग) पैदल चलकर पार कीं. विदेशी सरजमीं पर जन्मी अन्ना ने तिरुमला की आखिरी सीढ़ी पर पहुंचकर पारंपरिक रूप से नारियल तोड़ा और भगवान वेंकटेश्वर का आशीर्वाद लिया. पति की सेहत के लिए किया गया उनका यह कठिन तप और सनातन संस्कृति के प्रति अटूट समर्पण सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. इस घटना ने यह साबित कर दिया है कि शुरुआती उतार-चढ़ाव के बाद आखिरकार पवन कल्याण को एक ऐसा सच्चा जीवनसाथी मिल गया है जो उनके हर दर्द और संघर्ष में उनके साथ साए की तरह खड़ा है.
पहले भी चर्चा में रही अन्ना की कहानी!
रूसी मूल की होने के बावजूद अन्ना लेझनेवा ने हिंदू रीति-रिवाजों को पूरी तरह अपने जीवन में ढाल लिया है, जिसका सबसे बड़ा और भावुक उदाहरण 2025 में देखने को मिला. सिंगापुर में एक समर कैंप के दौरान उनके छोटे बेटे मार्क शंकर एक भीषण आग दुर्घटना का शिकार हो गए थे, जिसमें वे गंभीर रूप से झुलस गए थे. बेटे की इस जानलेवा मुसीबत से उबरने और पूरी तरह ठीक होने की खुशी में अन्ना ने भगवान वेंकटेश्वर के प्रति गहरी कृतज्ञता व्यक्त की. उन्होंने तिरुमला के 'पद्मावती कल्याण कट्टा' में जाकर बकायदा सनातन नियमों के तहत एक घोषणापत्र पर हस्ताक्षर किए और अपने पूरे सिर का मुंडन करवाकर केश दान किए. विदेशी मूल की सेलिब्रिटी पत्नी द्वारा किया गया यह त्याग उस समय पूरे देश में चर्चा का विषय बन गया था. ममता की इस कठिन परीक्षा के बाद अन्ना ने अपनी पत्नी धर्म के लिए तिरुमला मंदिर की 3,550 सीढ़ियां चढ़ने का तप पूरा किया.
पवन और अन्ना के बच्चों के नाम के पीछे की कहानी!
पवन कल्याण और अन्ना लेझनेवा के दो बच्चे हैं. इस कपल ने अपने बच्चों का नामकरण जिस तरह से किया है, वह पूरी दुनिया में अपने आप में बेहद अनोखा है. उन्होंने भारतीय सनातन संस्कृति और रूसी (रशियन) विरासत दोनों का एक खूबसूरत संगम तैयार किया है. बेटी का नाम पोलेना अंजना पवनोवा रखा. इसमें 'अंजना' नाम पवन कल्याण की मां अंजना देवी के नाम पर है. बेटे का नाम मार्क शंकर पवनोविच है, इसमें 'शंकर' नाम पवन कल्याण के बड़े भाई चिरंजीवी के असली नाम शिव शंकर वरप्रसाद से लिया गया है.
लो-प्रोफाइल रहते हुए पवन को करती है सपोर्ट!
अन्ना लेझनेवा कभी भी राजनीतिक रैलियों में मंच पर जाकर भाषण नहीं देतीं और न ही लाइमलाइट में रहना पसंद करती हैं. वे पूरी तरह से लो-प्रोफाइल रहती हैं. जब-जब पवन कल्याण का राजनीतिक जीवन भारी संकट से गुजरा या विपक्ष ने उनकी निजी जिंदगी पर तीखे हमले किए, अन्ना कभी विचलित नहीं हुईं. पवन कल्याण जब अपनी 'वाराही यात्रा' के दौरान हफ्तों घर से दूर रहते थे, तो अन्ना पीछे से उनके फार्महाउस, बच्चों और उनकी सेहत से जुड़ी चीजों की मॉनिटरिंग खुद करती थीं. वे राजनीति में पवन कल्याण की ताकत हैं, लेकिन बैकस्टेज रहकर काम करती हैं.
जब अन्ना लेझनेवा भारत आईं, तो वे ग्लैमर की चकाचौंध से भरी एक रूसी मॉडल और अभिनेत्री थीं. लेकिन पवन कल्याण से शादी के बाद उन्होंने खुद को पूरी तरह तेलुगु परंपराओं में ढाल लिया. आज अन्ना मॉर्डन कपड़ों को छोड़ ज्यादातर मौकों पर पारंपरिक भारतीय साड़ियों में नजर आती हैं. वे न सिर्फ धाराप्रवाह तेलुगु बोलना सीख चुकी हैं, बल्कि घर में होने वाली हर छोटी-बड़ी पारंपरिक पूजा और अनुष्ठान को पूरे हिंदू रीति-रिवाजों के साथ खुद संभालती हैं. विदेशी मूल की होने के बावजूद पवन कल्याण के बड़े भाई मेगास्टार चिरंजीवी के पूरे परिवार में अन्ना आदर्श बहू बनी हैं.
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