Tamil Nadu Election 2026: तमिलनाडु विधानसभा चुनाव का ऐलान हो चुका है. हर पार्टी अपना-अपना घोषणापत्र जारी कर लुभावने वादे कर रही है. इसी क्रम में बीजेपी की गठबंधन की सहयोगी AIADMK ने भी अपना चुनावी घोषणापत्र जारी कर दिया है. इस घोषणापत्र में इतने वादे किए गए हैं कि नेशनल मीडिया की नजर उसपर अड़ी है. AIADMK पार्टी प्रमुख ई पलानीस्वामी ने वादा किया है कि अगर उनकी सरकार बनती है तो राइस राशन कार्ड धारकों को मुफ्त रेफ्रिजरेटर दिया जाएगा. इसके साथ ही उन्होंने हर महीने 1 किलो दाल और 1 लीटर कुकिंग ऑयल मुफ्त देने का भी ऐलान किया. यह योजना खास तौर पर गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों को राहत देने के उद्देश्य से लाई गई है.
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राशन, गैस और मुआवजे को लेकर बड़ी घोषणाएं
लेकिन वादे में सिर्फ इतना ही नहीं है, इसमें मुफ्त फ्रिज, हर महीने 1 किलो दाल और 1 लीटर तेल, और हर साल 3 मुफ्त LPG सिलेंडर देने का वादा किया है. साथ ही जल्लीकट्टू में मौत पर ₹10 लाख मुआवजा देने की घोषणा की गई है. महिलाओं के लिए ₹2000 मासिक सहायता, स्कूटर सब्सिडी और लोन माफी जैसी योजनाएं भी शामिल हैं. पलानीस्वामी का कहना है कि फ्री फ्रिज योजना का मकसद घरेलू महिलाओं का काम आसान करना है. यह ऐलान पार्टी की दिवंगत नेता और पूर्व मुख्यमंत्री जे जयललिता की फ्रीबी योजनाओं की परंपरा को आगे बढ़ाता है, जिन्होंने 2011 में फैन, मिक्सी और ग्राइंडर मुफ्त देने की योजना शुरू की थी.
महिला मतदाताओं पर विशेष ध्यान
महिलाओं के लिए AIADMK ने कई बड़े वादे किए हैं, जिनमें हर महीने 2000 रुपये की सहायता, 5 लाख कामकाजी महिलाओं को सब्सिडी पर स्कूटर, शिक्षा ऋण माफी और सामाजिक सुरक्षा पेंशन बढ़ाकर 2000 रुपये करना शामिल है. महिलाओं के लिए AIADMK के वादों को फोकस इसलिए भी किया जा रहा है कि, क्योंकि इससे पहले NDA गठबंधन ने जिस किसी राज्य में चाहे वो हरियाणा हो, महाराष्ट्र हो, दिल्ली हो, बिहार हो चुनाव जीता, सभी जगह पर महिलाओं को फोकस करके ही चुनावी घोषणापत्र जारी किया गया है.
पुरुषों के लिए योजनाएं और विपक्षी दल पर आरोप
हालांकि AIADMK ने महिलाओं के सिवाए पुरुषों के लिए भी फ्री बस यात्रा, ग्रामीण रोजगार योजना को 150 दिन तक बढ़ाने और हर परिवार को एकमुश्त 10,000 रुपये देने जैसे वादे किए हैं. AIADMK के इस घोषणापत्र में कुल करीब 297 वादे शामिल हैं, जो 2026 चुनाव में बड़ा सियासी मुद्दा बन सकते हैं. AIADMK ने घोषणापत्र जारी करते हुए सत्तारूढ़ डीएमके सरकार पर भ्रष्टाचार, महंगाई और कानून-व्यवस्था बिगाड़ने के आरोप लगाए. दावा किया कि पिछले पांच वर्षों में जनता को भारी परेशानी झेलनी पड़ी है.
चुनाव की तारीख और गठबंधन का गणित
बता दें कि 234 सीटों वाले तमिलनाडु विधानसभा के लिए मतदान 23 अप्रैल को होना है. ऐसे में सभी राजनीतिक दल अपनी-अपनी रणनीति के साथ चुनावी मैदान में उतर चुके हैं. AIADMK के नेतृत्व वाले गठबंधन में सीटों का बंटवारा भी तय हो चुका है. इसके तहत भाजपा को 27 सीटें, पट्टाली मक्कल कच्ची को 18 सीटें, अम्मा मक्कल मुनेत्र कड़गम को 11 सीटें दी गई हैं. गठबंधन का लक्ष्य राज्य में मजबूत चुनौती पेश करना और सत्तारूढ़ डीएमके को कड़ी टक्कर देना है. एआईएडीएमके 178 सीटों पर चुनाव लड़ेगी.
कमल हासन का चुनाव न लड़ने का फैसला
उधर, तमिलनाडु के आगामी विधानसभा चुनाव में कमल हासन की पार्टी मक्कल निधि मय्यम (एमएनएम) ने चुनाव न लड़ने का फैसला किया है. खुद कमल हासन ने इसकी वजह भी बताई. उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि डीएमके द्वारा उनकी पार्टी को जितनी सीटें दी जा रही थीं, वे उन्हें स्वीकार नहीं थीं. हालांकि, कमल हासन की पार्टी चुनाव नहीं लड़ रही है, लेकिन उसने यह साफ कर दिया है कि वह डीएमके के उम्मीदवारों को बिना शर्त समर्थन देगी.
डीएमके और कमल हासन के बीच तालमेल
कमल हासन ने कहा कि यह कोई समझौता नहीं, बल्कि जिम्मेदारी का निर्वहन है. पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, कमल हासन ने तमिलनाडु के विकास और “द्रविड़ मॉडल 2.0” को आगे बढ़ाने के लक्ष्य के तहत चुनाव न लड़ने का फैसला किया है. तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन ने भी कमल हासन के इस फैसले का स्वागत किया. उन्होंने कहा, “मुझे नहीं पता कि मैं कमल हासन का शुक्रिया कैसे अदा करूं. उनके इस फैसले से मैं बहुत खुश हूं.” उन्होंने कमल हासन से अपील की कि वे विधानसभा चुनाव में डीएमके के लिए एक भाई की तरह लगातार प्रचार करें. पिछले विधानसभा चुनाव में डीएमके गठबंधन ने 159 सीटों पर जीत दर्ज की थी, जबकि एआईएडीएमके को 66 सीटों से संतोष करना पड़ा था.
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