Shesh Bharat: तृषा कृष्णन के लिए विधानसभा में क्यों दहाड़े Thalapathy Vijay? कंगना ने भी खोला मोर्चा

न्यूज तक डेस्क

• 10:39 AM • 09 Sep 2026

थलापति विजय, तृषा कृष्णन और उदयनिधि स्टालिन को लेकर तमिलनाडु में सियासी विवाद बढ़ गया है. तृषा को लेकर कथित अफेयर की अफवाहों के बीच उदयनिधि की टिप्पणी पर विजय ने विधानसभा में महिलाओं के सम्मान की बात कही. अब कंगना रनौत ने तृषा का समर्थन करते हुए महिला चरित्र पर सवाल उठाने की आलोचना की है.

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सिनेमा, राजनीति और एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर्स की अफवाहें-ऐसा कॉकटेल बना है, जिसमें तमिलनाडु से लेकर पूरे देश में खलबली मची हुई है. थलापति विजय के सीएम बनने के बाद मामला और बढ़ता जा रहा है. जिसकी चर्चा केवल साउथ के सिनेमा में होती रही, वो विजय के सीएम बनने के बाद राजनीति के अखाड़े में कैरेक्टर असैसिनेशन यानी महिलाओं के चरित्र हनन के घिनौने खेल में बदल गई है.

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कंगना रनौत की हुई एंट्री

एक तरफ हैं साउथ के सुपरस्टार और तमिलनाडु के सीएम सी. जोसेफ विजय, दूसरी तरफ हैं एक्ट्रेस तृषा कृष्णन. लेकिन इस लव-रूमर और पॉलिटिकल वॉर के बीच एंट्री हुई है बॉलीवुड की 'क्वीन' और बीजेपी सांसद कंगना रनौत की! कंगना ने तमिलनाडु के इस पूरे बवाल पर ऐसा बयान दिया है, जिससे दिल्ली से लेकर चेन्नई तक हड़कंप मच गया है. ये सब तब हुआ, जब खुद सीएम को विधानसभा में खड़े होकर विपक्ष के नेता और पुराने सहयोगी उदयनिधि स्टालिन पर दहाड़ना पड़ा, जिनके डबल मीनिंग टॉक से आग लगी है.

विधानसभा में विजय की कड़ी चेतावनी

यह मामला शांत नहीं हुआ और तमिलनाडु विधानसभा के सत्र के आखिरी दिन मुख्यमंत्री विजय ने सदन के भीतर विपक्षी दल के नेताओं को खुली चेतावनी दे डाली. उदयनिधि स्टालिन का नाम लिए बिना सीएम विजय ने बेहद सख्त लहजे में कहा कि "कड़ी राजनीतिक आलोचना का स्वागत है, लेकिन अभिव्यक्ति की आजादी के नाम पर महिलाओं को नीचा दिखाने या उनके खिलाफ अभद्र और डबल मीनिंग भाषा का इस्तेमाल करने वालों को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा". उन्होंने साफ किया कि उनकी सरकार में महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा सबसे पहली प्राथमिकता है. विजय ने सदन में दिवंगत पूर्व सीएम जे. जयललिता के साथ अतीत में हुए अपमान का भी जिक्र किया, जिससे यह साफ हो गया कि वे तृषा के चरित्र पर कीचड़ उछालने वालों को कड़ा कानूनी सबक सिखाने के मूड में हैं.

तृषा के समर्थन में कंगना का बयान

अब इस पूरे सियासी और फिल्मी ड्रामे में बीजेपी सांसद और एक्ट्रेस कंगना रनौत की जोरदार एंट्री हुई है. कंगना रनौत ने कुल्लू में मीडिया से बात करते हुए साफ तौर पर तृषा कृष्णन का खुलकर समर्थन किया. कंगना ने तमिलनाडु के घटनाक्रम का हवाला देते हुए कहा कि "जब दो एडल्ट्स के बीच कोई रिश्ता या अफेयर की चर्चा होती है, तो हमेशा महिला के चरित्र पर ही हमला क्यों किया जाता है?" कंगना ने उदयनिधि स्टालिन पर निशाना साधते हुए कहा कि सभ्य समाज में ऐसे अश्लील चुटकुले बर्दाश्त नहीं किए जा सकते और उदयनिधि की गिरफ्तारी एक सही कदम था. कंगना ने कहा कि महिलाओं को बदनाम करना और उनका कैरेक्टर असैसिनेशन करना एक पुराना और वैश्विक तरीका बन चुका है. उन्होंने समाज से आत्ममंथन करने की अपील की कि हम आज भी महिलाओं को किस नजर से देखते हैं और क्या वाकई उनका सम्मान करते हैं?

कंगना का समर्थन क्यों चर्चा में आया?

जब से थलापति विजय तमिलनाडु के सीएम बने और उनके शपथ समारोह में तृषा शामिल हुईं, तब से उनके और उनकी को-स्टार तृषा कृष्णन के बीच अफेयर और रिलेशनशिप की अफवाहों ने बेहद तूल पकड़ लिया है. इन अफवाहों को तब राजनीतिक रंग मिल गया, जब उदयनिधि स्टालिन ने एक रैली के दौरान मुख्यमंत्री विजय पर निशाना साधा. रैली में जब भीड़ ने विजय का नाम सुनकर एक्ट्रेस तृषा के नाम के नारे लगाने शुरू किए, तो उदयनिधि स्टालिन ने मर्यादा की सीमा लांघ दी. उन्होंने तृषा का नाम लिए बिना तमिल में एक भद्दी डबल मीनिंग टिप्पणी की. विवाद बढ़ते ही उदयनिधि ने सफाई दी कि उनका मतलब कावेरी के पानी से था, लेकिन विजय की पार्टी टीवीके (TVK) और समर्थकों ने इसे तृषा पर, एक महिला को ऑब्जेक्टिफाई करने वाला बेहद आपत्तिजनक कमेंट माना. इस टिप्पणी को लेकर अगस्त में उदयनिधि स्टालिन के खिलाफ मामला दर्ज हुआ और चेन्नई पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार भी किया. हालांकि बाद में उन्हें बेल मिल गई.

विजय-तृषा की नजदीकियों की अफवाहें

भले ही तृषा कृष्णन पूरी तरह से राजनीति से दूर हैं और न ही दोनों ने कभी अपने रिश्ते को कन्फर्म किया है, लेकिन पिछले कुछ समय में ऐसे कई बड़े मौके आए, जब दोनों की बेइंतहा नजदीकियों ने सोशल मीडिया से लेकर मीडिया तक में सनसनी मचा दी. सबसे बड़ा धमाका मार्च 2026 में हुआ, जब विजय की पत्नी संगीता द्वारा कोर्ट में तलाक की अर्जी दाखिल करने की खबरें आईं. ठीक उसी दौरान विजय और तृषा चेन्नई में एक हाई-प्रोफाइल शादी के रिसेप्शन में एक ही गाड़ी से साथ पहुंचे. वीडियो के वायरल होते ही इंटरनेट पर मानो तूफान आ गया. जब मशहूर साउथ एक्टर अजीत कुमार की मां का निधन हुआ, तो विजय वहां संवेदना व्यक्त करने पहुंचे और उनके साथ उस दुखद समय में भी तृषा उनके साथ ही मौजूद थीं.

शपथ समारोह में तृषा की मौजूदगी

जब थलपति विजय ने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली, तो उनकी पत्नी और बच्चे इस ऐतिहासिक समारोह से पूरी तरह गायब रहे. लेकिन वहां अग्रिम पंक्ति में मौजूद तृषा न सिर्फ बेहद भावुक (इमोशनल) नजर आईं, बल्कि मंच से विजय की तरफ हाथ हिलाते हुए फैंस ने उन्हें कैमरे में कैद कर लिया. जिस दिन विजय की जीत की खबर आई, उस दिन उनकी कार विजय के घर दिखी.

नॉर्वे की तस्वीर से बढ़ी अफेयर की चर्चा

इससे पहले फिल्म लियो की शूटिंग के बाद दोनों की नॉर्वे के एक मॉल में शॉपिंग करते हुए एक सीक्रेट तस्वीर लीक हो गई थी, जिसने दोनों के सीक्रेट हॉलिडे और अफेयर की चर्चा को हवा दी थी. तृषा अक्सर 'लव, पीस और सोलमेट' जैसे क्रिप्टिक पोस्ट शेयर करती हैं, फैंस उसे सीधे विजय से जोड़कर देखते हैं.

तलाक के कानूनी ड्रामे ने बढ़ाया विवाद

इस पूरे सियासी और फिल्मी बवाल के पीछे तलाक का एक बड़ा कानूनी ड्रामा भी शामिल रहा, जिसने इस विवाद को हवा दी. दरअसल, साल फरवरी 2026 में मुख्यमंत्री थलपति विजय की पत्नी संगीता सोर्नालिंगम ने शादी के 26 साल बाद चेन्नई की अदालत में विवाह विच्छेद (तलाक) की अर्जी दाखिल की थी. मीडिया रिपोर्ट्स और कोर्ट दस्तावेजों के मुताबिक, संगीता ने अपनी याचिका में विजय पर एक नामी एक्ट्रेस के साथ विवाहेतर संबंध (एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर), मानसिक क्रूरता और भावनात्मक उपेक्षा के गंभीर आरोप लगाए थे. हालांकि उस याचिका में सीधे तौर पर किसी का नाम नहीं था, लेकिन इंटरनेट पर फैंस और विरोधियों ने इसे सीधे तृषा कृष्णन से जोड़ दिया.

250 करोड़ रुपये के गुजारे भत्ते की चर्चा

यह मामला तब और गरमा गया, जब करीब 250 करोड़ रुपये के भारी-भरकम गुजारे भत्ते (Alimony) की चर्चाएं होने लगीं. लेकिन कहानी में सबसे बड़ा यू-टर्न अगस्त 2026 में आया, जब संगीता ने लंदन से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कोर्ट में पेश होकर अपनी तलाक की अर्जी को अचानक पूरी तरह से वापस ले लिया. इसके बाद अदालत ने मामले को बंद कर दिया. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि विजय के मुख्यमंत्री बनने और विपक्ष द्वारा इस निजी मुद्दे को चुनावी हथियार बनाने के बाद, परिवार और करीबी दोस्तों के हस्तक्षेप से यह समझौता हुआ, जिसने विजय को बहुत बड़ी राजनीतिक और व्यक्तिगत राहत दी है.

विजय-तृषा की जोड़ी और सियासी विवाद

साउथ सिनेमा के इतिहास में थलपति विजय और तृषा कृष्णन की जोड़ी को सबसे आइकॉनिक और कल्ट जोड़ियों में से एक माना जाता है. बेमिसाल ऑन-स्क्रीन बॉन्डिंग अब विजय के मुख्यमंत्री बनने के बाद उनकी ऑफ-स्क्रीन जिंदगी में अफवाहों और राजनीतिक विरोधियों के लिए एक बड़ा हथियार बन चुकी है, जिसने रील लाइफ की इस खूबसूरत केमिस्ट्री को रियल लाइफ के एक बड़े सियासी विवाद में तब्दील कर दिया है.