Shesh Bharat: विजय की छोड़ी हुई सीट से चुनाव लड़ेंगी तृषा? उपचुनाव को लेकर अटकलें हुईं तेज

Shesh Bharat: थलापति विजय की राजनीतिक जीत के बीच अभिनेत्री तृषा कृष्णन के उनके घर पहुंचने और एक पुराने वायरल वीडियो ने सोशल मीडिया पर खलबली मचा दी है. कयास लगाए जा रहे हैं कि तृषा जल्द ही उपचुनाव के जरिए राजनीति में कदम रख सकती हैं.

vijay trisha krishnan
vijay trisha krishnan

राजू झा

follow google news


Thalapathy Vijay: विजय के घर तृषा के जाने से क्या नया किस्सा हो गया?

Read more!

Shesh Bharat: तमिलनाडु की राजनीति और सिनेमा के गलियारों में इस वक्त तृषा कृष्णन का नाम किसी सस्पेंस फिल्म की पटकथा जैसा रोमांच पैदा कर रहा है. कभी अपने 20 साल पुराने मुख्यमंत्री बनने वाले वायरल वीडियो की वजह से, तो कभी थलापति विजय की राजनीतिक जीत के साथ उनके बर्थडे कनेक्शन के चलते. तृषा आज गॉसिप के सेंटर में हैं. विजय और तृषा के अलावा कोई और नहीं है जो कन्फर्म कर सके कि जो इंटरनेट पर अनुमान लगाया जा रहा है या मांग की जा रही है वो सच भी हो सकता है या सिर्फ गॉसिप बनकर रह जाएगा. 

विजय और तृषा के बीच पर्सनल या प्रोफेशनल जो भी चल रहा हो, उसे राजनीति से इतना जोड़ा नहीं जाता अगर 4 मई को रिजल्ट वाले दिन उनकी कार चेन्नई में विजय के घर नहीं पहुंचती. बर्थडे वाले दिन तृषा कृष्णन के पहुंचने से बोलने वालों को जैसे पंख लग गए. उसी दिन तृषा तिरुपति के मंदिर में पूजा करने भी पहुंची थी. विजय की पार्टी (TVK) की ऐतिहासिक जीत का दिन 4 मई तृषा के 43वें जन्मदिन के साथ मेल खाया. प्रशंसकों ने इसे "कॉस्मिक संयोग" कहा, क्योंकि 2004 के जिस इंटरव्यू में उन्होंने मजाक में सीएम बनने की बात कही थी, वह विजय की जीत के साथ फिर से वायरल हो गया. इसी सबको जोड़-जोड़कर कहानी बनी है विजय और तृषा की.


तृषा कृष्णन के राजनीति में आने को लेकर चर्चाएं अक्सर थलापति विजय की राजनीति से जुड़ी रही हैं. चुनाव में जब विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) ने शानदार प्रदर्शन किया, तो तृषा की उनके घर की यात्रा और एक पुराने इंटरव्यू ने चर्चाओं को हवा दे दी. रही-सही कसर विजय के घर पर उनकी 1.5 घंटे लंबी मुलाकात और उपचुनाव लड़ने की खबरों ने सस्पेंस को और बढ़ा दिया.

तृषा का साल 2004 का एक पुराना वीडियो भी बहुत वायरल है. इसमें वो हंसी-मजाक में कहती नजर आ रही हैं कि अगले 10 सालों में मैं CM बनना चाहती हैं. अपने फैंस से वोट करने के लिए भी कहती हैं.  वीडियो उनके और विजय के फैंस के बीच भविष्यवाणी की तरह शेयर किया गया, खासकर जब विजय ने अपनी राजनीतिक पार्टी शुरू की.

इंटरनेट पर चर्या ये है कि विजय ने पेरंबूर और तिरुचिरापल्ली ईस्ट, दोनों सीटों से जीत दर्ज की है. नियमों के मुताबिक उन्हें एक सीट छोड़नी होगी. लोग दावा कर रहे हैं कि TVK के नेता तृषा को तिरुचिरापल्ली ईस्ट से उपचुनाव लड़ाने के लिए मनाने की कोशिश कर रहे हैं. कुछ दावे यहां तक कि उन्हें कैबिनेट में भी शामिल किया जाएगा.  उनके 2004 वाले इंटरव्यू से भी हवा मिली कि जब तृषा का भी राजनीति में आने का मन है तो इससे अच्छा मौका और क्या हो सकता है. 

विजय की तरह तृषा का भी एक्टिंग करियर खूब चला और चल रहा है. विजय के साथ उनकी जोड़ी खूब हिट रही. दोनों एक दूसरे के लिए लकी चार्म साबित हुए. तृषा कृष्णन ने 1999 में छोटे रोल अपने करियर की शुरुआत की थी. आज दो दशकों बाद वो साउथ फिल्मों की सबसे बड़ी स्टार बन चुकी हैं. 

हालांकि अब तक तृषा ने हमेशा राजनीति से खुद को दूर रखा है. विधानसभा चुनाव के दौरान प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष नैनार नागेंद्रन ने उनके और विजय के रिश्तों को चुनाव घसीटा था. कहा कि विजय को राजनीति सीखने के लिए तृषा के घर से बाहर आना चाहिए. तब विजय खामोश रहे लेकिन तृषा ने तो वकील के जरिए पलटवार किया कि वो पूरी तरह से  Neutral हैं और उनका किसी भी पार्टी से कोई संबंध नहीं. चाहती हैं कि उन्हें केवल उनके एक्टिंग के लिए पहचाना जाए, न कि किसी राजनीतिक झुकाव के लिए. उन्होंने कभी किसी पार्टी के लिए प्रचार किया भी नहीं. यहां तक कि विजय और टीवीके के मंच पर भी नहीं दिखीं. 

सोशल मीडिया पर प्रशंसक तृषा को विजय के लिए लकी चार्म मानते रहे हैं. जोड़ी तमिल सिनेमा की सबसे 'आइकॉनिक' और सफल जोड़ियों में से एक मानी जाती है, जिसे प्रशंसक प्यार से 'विषा' (Visha) या 'घिल्ली कपल' कहते हैं. 2003 में फिल्म 'सामी' से शुरू हुआ सफर 'घिल्ली' (Ghilli) के साथ ब्लॉकबस्टर ऊंचाई पर पहुंचा, जिसने बॉक्स ऑफिस के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए और इस जोड़ी को घर-घर में लोकप्रिय बना दिया. 'कुरुवी' और 'तिरुपाची' जैसी फिल्मों में उनकी ऑन-स्क्रीन केमिस्ट्री सहज और नैचरल मानी गई. करीब 15 साल के लंबे अंतराल के बाद जब दोनों फिल्म 'लियो' (Leo) में दोबारा साथ दिखे, तो फैंस गदगद हो गए. विजय के राजनीति में आने के बाद तृषा की एंट्री गारंटेड मानी जा रही है. 

विजय की पार्टी (TVK) की भारी जीत के बाद सोशल मीडिया पर तृषा और विजय की 'पॉलिटिकल केमिस्ट्री' को लेकर मीम्स की बाढ़ आ गई है. प्रशंसकों ने इस फिल्मी जोड़ी को वास्तविक राजनीति से जोड़कर कई दिलचस्प एंगल निकाले हैं. तृषा और विजय की जोड़ी को 'MGR-जयललिता 2.0' के रूप में देखा जा रहा है, जहाँ फिल्मी पर्दे की केमिस्ट्री अब सत्ता के गलियारों तक पहुंचती दिख रही है. 

सोशल मीडिया पर सबसे  वायरल होने वाले मीम्स में विजय और तृषा की तुलना MGR और जयललिता की ऐतिहासिक जोड़ी से की जा रही है. उनकी फिल्मों के सींस को पुराने राजनीतिक पोस्टरों के साथ मिलाकर 'इतिहास खुद को दोहराता है' जैसे कैप्शन के साथ शेयर किया है. कुछ मीम्स में  तृषा को 'नेक्स्ट जयललिता' बताया है. चूंकि TVK की जीत और विजय का शपथ ग्रहण समारोह तृषा के 43वें जन्मदिन 4 मई) के आसपास हुआ, प्रशंसकों ने मीम्स बनाए कि "विजय ने तृषा को अब तक का सबसे बड़ा बर्थडे गिफ्ट दिया है".

तृषा के 2004 के उस वीडियो को लेकर मीम्स बन रहे हैं जिसमें उन्होंने सीएम बनने की इच्छा जताई थी. लोग इसे "प्योर मैनीफेस्टेशन" कह रहे हैं, क्योंकि 22 साल बाद ठीक उनके जन्मदिन पर उनके सबसे करीबी दोस्त विजय राज्य के बड़े नेता बनकर उभरे हैं. वोटिंग के दिन तृषा ने अपनी फिल्म 'घिल्ली' के गाने 'अर्जुनर विल्लू' के साथ एक पोस्ट शेयर की थी. प्रशंसकों ने तुरंत इसे TVK के झंडे और विजय के राजनीतिक उदय से जोड़ते हुए मीम्स बनाए कि "कोनरुवम (Kuruvi) अब राजनीति के मैदान में है".

हालांकि तृषा ने आधिकारिक तौर पर खुद को 'न्यूट्रल' बताया है, लेकिन उपचुनावों में उनके नाम की चर्चा और विजय के साथ उनकी मुलाकातों ने प्रशंसकों के बीच इस थ्योरी को मजबूत कर दिया कि वो केवल एक दोस्त नहीं, बल्कि भविष्य की एक 'पावरफुल पॉलिटिकल प्लेयर' भी हो सकती हैं.

हाल के महीनों में, विजय और उनकी पत्नी संगीता के बीच कथित तलाक की अफवाहों ने तृषा के साथ उनके राजनीतिक जुड़ाव को एक नया और विवादास्पद मोड़ दे दिया है. जब विजय की पार्टी (TVK) की जीत के बाद संगीता समारोहों में दिखाई नहीं दीं, तो सोशल मीडिया पर गपबाजी तेज हो गई कि क्या विजय और तृषा की 'ऑन-स्क्रीन' बॉन्डिंग अब निजी जीवन में भी कोई नई दिशा ले रही है. हालांकि दोनों ने इन बातों को हमेशा 'सिर्फ दोस्ती' बताया है, लेकिन राजनीतिक विश्लेषक इसे जयललिता और एम.जी.आर. के समीकरण से जोड़कर देखते हैं, जहाँ व्यक्तिगत संबंधों और राजनीतिक साझेदारी के बीच की रेखा हमेशा धुंधली रही. इस 'तलाक एंगल' ने तृषा की राजनीति में एंट्री की चर्चाओं को और अधिक सनसनीखेज बना दिया है, जिसे प्रशंसक अक्सर "रियल लाइफ ड्रामा" की तरह फॉलो कर रहे हैं.

    follow google news