पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव हारने के बाद से ही ममता बनर्जी और TMC के लिए मुश्किलों का पहाड़ खड़ा हो गया है. पहले 58 विधायक बागी हुए और फिर सांसदों के बागी रूप ने पश्चिम बंगाल की सियासी गलियारों का पारा हाई कर दिया. बीते कल सूत्रों के हवाले से एक लिस्ट सामने आई थी जिसमें 19 बागी TMC सांसदों का नाम था. लेकिन अब एक बार फिर ममता बनर्जी को तगड़ा झटका लगा है और कल तक जो प्रसून बनर्जी ममता के साथ खड़े थे, वो भी बागी हो गए है. प्रसून बनर्जी ने संसद में अलग गुट बनाने की मांग करने वाले पत्र पर साइन कर दिया है.
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काकोली ग्रुप में प्रसून बनर्जी
प्रसून बनर्जी पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक माना-जाना चेहरा है और वे ममता बनर्जी के काफी करीबी नेताओं में से एक है. लेकिन अब उन्होंने पार्टी हाईकमान के खिलाफ बगावती तेवर अपना लिया है और 'काकोली ग्रुप' का दामन थाम लिया है. मिली जानकारी के मुताबिक, उन्होंने आज यानी 11 जून को ही उन्होंने संसद में अलग गुट बनाने वाले पत्र पर साइन किया है. प्रसून बनर्जी के साथ जुड़ते ही बागी सांसदों की संख्या 19 से बढ़कर 20 हो गई है.
ममता बनर्जी के पास बचे सिर्फ 8 सांसद
प्रसून बनर्जी के इस कदम के बाद अब ममता बनर्जी के पास केवल 8 सांसद ही बचे है. ममता बनर्जी के साथ जो सांसद है उनमें सौगात रॉय, महुआ मोइत्रा, प्रतिमा मंडल, अभिषेक बनर्जी, सुदीप बंदोपाध्याय, सजदा अहमद, कल्याण बनर्जी और कीर्ति आजाद शामिल है. एक ओर बागी गुट अपना कुनबा बढ़ा रहे है वहीं दूसरी ओर ममता बनर्जी को लगातार लग रहे झटके ने राजनीतिक गलियारों को गरमा रखा है.
अब तक 3 राज्यसभा सांसद भी दे चुके हैं इस्तीफा
इसी बीच पश्चिम बंगाल में लगातार राज्यसभा सांसदों के इस्तीफे की खबरें भी सामने आ रही है. गुरुवार को भी TMC राज्यसभा सांसद प्रकाश चिक ने इस्तीफा दे दिया है. इससे पहले बीते कल यानी बुधवार को सुष्मिता देव और 8 जून को सुखेंदु शेखर राय ने इस्तीफा सौंप दिया था. राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज है कि सुष्मिता देव भाजपा जॉइन कर सकती है और आने वाले दिनों में असम में एक्टिव दिखाई दे सकती है.
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