पश्चिम बंगाल की राजनीति में इन दिनों जबरदस्त भूचाल आया हुआ है. तृणमूल कांग्रेस के भीतर बगावत की चिंगारी अब दिल्ली के गलियारों तक पहुंच चुकी है. ममता बनर्जी की अगुवाई वाली टीएमसी के बागी सांसदों के रुख ने सियासी पारे को सातवें आसमान पर पहुंचा दिया है. इसी सियासी हलचल के बीच, TMC की फायरब्रांड नेता और बागी सांसद सायोनी घोष रविवार को दिल्ली एयरपोर्ट पर स्पॉट की गईं.
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जैसे ही सायोनी दिल्ली एयरपोर्ट से बाहर निकलीं वहां मौजूद पत्रकारों ने उन्हें चारों तरफ से घेर लिया. सवालों की बौछार के बीच जब एक पत्रकार ने उनसे सीधा सवाल दागा कि क्या आप भी TMC के बागी सांसदों के गुट में शामिल हो चुकी हैं?
इस पर सायोनी ने पत्ता नहीं खोला, लेकिन उनके चेहरे की रहस्यमयी मुस्कान बहुत कुछ बयां कर गई. उन्होंने मुस्कुराते हुए सिर्फ इतना कहा कि मैं अभी इस पर कुछ नहीं बोलूंगी. सही वक्त आने दीजिए, जवाब अपने आप मिल जाएगा. इसके बाद वो अपनी गाड़ी में बैठीं और रवाना हो गईं.
सायोनी के साथ माला रॉय भी दिल्ली
दिल्ली पहुंचने वालों में सिर्फ सायोनी घोष ही नहीं हैं, बल्कि टीएमसी की एक और बागी सांसद माला रॉय भी उनके साथ दिल्ली आ चुकी हैं. बागी खेमे के सांसद जगदीश बर्मा बसुनिया की मानें तो इन नेताओं को लोकसभा स्पीकर से मिलने के लिए 15 जून का वक्त मिला है. दूसरी तरफ, पार्टी पर अपनी ढीली होती पकड़ को दोबारा मजबूत करने के लिए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी कड़े कदम उठाने शुरू कर दिए हैं. शनिवार को ही टीएमसी चीफ ने बड़ा संगठनात्मक फेरबदल करते हुए सायोनी घोष को पार्टी की यूथ विंग के अध्यक्ष पद से छुट्टी दे दी. सायोनी की जगह अब युवा नेता अर्णब बनर्जी को यह कमान सौंपी गई है.
बात सिर्फ सायोनी तक ही सीमित नहीं रही; ममता बनर्जी ने पार्टी के महिला विंग में भी बड़ा बदलाव किया है. कोलकाता दक्षिण से सांसद माला राय को अध्यक्ष पद से हटाकर अब नदिया जिले की कालिगंज सीट से विधायक अलीफा अहमद को महिला संगठन की नई जिम्मेदारी सौंप दी गई है.
15 जून को ओम बिरला से मुलाकात
सायोनी घोष और माला रॉय को टीएमसी के उस बागी गुट का मुख्य चेहरा माना जा रहा है, जिसने पिछले कुछ दिनों से पार्टी आलाकमान के खिलाफ खुला मोर्चा खोल रखा है. पार्टी के अंदर मचे इस घमासान के बीच बागी सांसदों ने साफ कर दिया है कि वे सोमवार (15 जून) को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मुलाकात करेंगे.
इस मुलाकात के दौरान बागी सांसद स्पीकर को एक आधिकारिक पत्र सौंपने वाले हैं, जिसमें वे खुद को 'वास्तविक' यानी असली तृणमूल कांग्रेस के रूप में मान्यता देने की मांग करेंगे. पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में टीएमसी को मिली करारी हार के बाद पार्टी के भीतर असंतोष का यह लावा फूटा है, जिसने अब दिल्ली तक आकर ममता बनर्जी की मुश्किलें बढ़ा दी हैं.
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