'हमसे कहा खड़े होकर ताली बजाओ...' TMC की कालीघाट बैठक में आखिर क्या हुआ? बागी विधायक ऋतब्रत बनर्जी ने किया खुलासा

इंद्रजीत कुंडू

• 09:36 AM • 08 Jun 2026

Ritabrata Banerjee News : पश्चिम बंगाल में सत्ता गंवाने के बाद तृणमूल कांग्रेस के भीतर बगावत खुलकर सामने आने लगी है. बागी विधायक ऋतब्रत बनर्जी ने अभिषेक बनर्जी पर गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया है कि पार्टी के 61 विधायक उनके साथ हैं. कालीघाट बैठक के खुलासों ने TMC की अंदरूनी राजनीति में नया भूचाल ला दिया है.

ममता बनर्जी के बागी विधायक का बड़ा दावा
ममता बनर्जी के बागी विधायक का बड़ा दावा
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West Bengal Politics: पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद से हलचल मची हुई है. प्रदेश में बीजेपी सरकार बनने के बाद से तृणमूल कांग्रेस (TMC) के अंदर पैदा हुआ संतोष चरम पर है. पार्टी के कई नेता बगावती सुर अख्तियार कर हुए है. इन सब के बीच अब तृणमूल कांग्रेस के बागी विधायक ऋतब्रत बनर्जी ने इंडिया टुडे से बातचीत के दौरान उन्होंने पार्टी के अंदर चलने वाली गतिविधियों की तीखी आलोचना की. उन्होंने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों में पार्टी को मिली हार की समीक्षा के लिए बुलाई गई थी, इसमें सभी विधायकों को अभिषेक बनर्जी के सम्मान में खड़े होकर तालियां बजाने का कहा गया.

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कालीघाट की बैठक में किया जिक्र

ऋतब्रत बनर्जी के अनुसार, चुनाव के नतीजे आने दो दिन बाद यानी 6 मई को कालीघाट में  एक बैठक आ आयोजन किया गया था. उन्होंने दावा किया कि इस दौरान चुनावी नतीजो पर कोई आधिकारिक या गंभीर चर्चा करने के बजाय, उस बैठक में सिर्फ एक ही प्रस्ताव लाया गया, जिसका मकसद अभिषेक बनर्जी को सार्वजनिक रूप से सम्मान देना था.

उन्होंने कहा, 'विधायी दल के संबंध में कोई प्रस्ताव नहीं था. केवल एक ही प्रस्ताव था. सभी को खड़े हो जाना चाहिए. अभिषेक बनर्जी के लिए खड़े होकर तालियां बजाएं.'

'मैं कुर्सी से पूरी तरह से नहीं उठा...'

ऋतब्रत बनर्जी के अनुसार पार्टी के इस निर्देश से कई विधायक असहज महसूस कर रहे थे और वे ऐसा नहीं करना चाहते थे. उन्होंने कहा कि इस दौरान हर कोई खड़ा होने में संकोच कर रहा था और वे खुद भी हिचक रहे थे. मगर उस माहौल में खड़े न होने की हिम्मत जुटा पाना नामुमकिन था. उन्होंने कहा कि इसलिए 'मैं आधा ही खड़ा हुआ. मैं कुर्सी से पूरी तरह से नहीं उठा.'

उन्होंने बिना नाम लिए इशारों-इशारों में कहा अभिषेक बनर्जी ही मौजूदा समय में तृणमूल कांग्रेस की सबसे बड़ी कमजोरी तक दिया. उन्होंने कहा क पार्टी में हर कोई जानता है कि तृणमूल कांग्रेस की सबसे बड़ी कमजोरी कौन है.

 हार के बाद पार्टी में बढ़ रहा असंतोष 

गौरतलब है कि चुनावों में मिली हार के बाद तृणमूल कांग्रेस के कई नेताओं ने खुलेआम अभिषेक बनर्जी के काम करने के तरीके और उनके नेतृत्व पर सवाल खड़े किए हैं. इसी बीच, ऋतब्रत बनर्जी ने दावा किया है कि बागी गुट को विधायकों का साथ लगातार मिल रहा है और उनके साथ जुड़ने वाले विधायकों का आंकड़ा अब 61 तक पहुंच गया है, जिसमें आने वाले समय में और बढ़ोतरी होगी.

पिछले सप्ताह ही टीएमसी विधायक दल के अंदर एक बहुत बड़ा विभाजन देखने को मिला. पार्टी के कुल 80 विधायकों में से 58 विधायकों ने आधिकारिक दल से अलग होकर विधानसभा में निष्कासित विधायक ऋतब्रत बनर्जी की अगुवाई में खुद को मुख्य विपक्षी दल के रूप में मान्यता देने की मांग की. टीएमसी के 28 सालों के इतिहास में यह अपनी तरह का पहला विभाजन था.

TMC ने संगठनात्मक समितियों को किया भंग

बागी नेता ने संगठन के शीर्ष नेतृत्व पर हमला बोलते हुए कहा कि पार्टी के आलाकमान का बर्ताव ऐसा है जिसमें इंसानों को इंसान के तौर पर अहमियत नहीं दी जाती. दूसरी तरफ, इस बड़े राजनीतिक संकट के बीच टीएमसी नेतृत्व ने अपनी सभी संगठनात्मक कमेटियों को पूरी तरह खत्म कर दिया है. पार्टी ने अपने पूरे ढांचे की नए सिरे से समीक्षा करने की बात कही है, जिसे हालिया दौर में आंतरिक बगावत से निपटने और संगठन को दोबारा खड़ा करने की एक बड़ी कोशिश के रूप में देखा जा रहा है.