पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के लिए सियासी पारा अपने चरम पर है. इस चुनाव में सबसे ज्यादा चर्चा मालदा की मालतीपुर विधानसभा सीट की हो रही है, जहां से कांग्रेस ने दिग्गज नेता मौसम नूर को मैदान में उतारा है. ताजा अपडेट के अनुसार, कांग्रेस के शीर्ष नेता राहुल गांधी 14 अप्रैल को पश्चिम बंगाल के दौरे पर आ रहे हैं और वे मौसम नूर के समर्थन में मालदा में एक बड़ी चुनावी रैली को संबोधित करेंगे. आइए विस्तार से जानते है कौन है यह कांग्रेस प्रत्याशी?
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राहुल गांधी का बंगाल दौरा और चुनावी रैलियां
राहुल गांधी 14 अप्रैल को कांग्रेस प्रत्याशियों के पक्ष में प्रचार करने के लिए तीन महत्वपूर्ण रैलियां करेंगे. उनके चुनावी दौरे की शुरुआत रायगंज से होगी, जिसके बाद वे मालदा पहुंचेंगे और अंत में मुर्शिदाबाद में हुंकार भरेंगे. मालदा की मालतीपुर सीट पर इस बार त्रिकोणीय और कड़ा मुकाबला देखने को मिल रहा है, जहां कांग्रेस की मौसम नूर का सामना बीजेपी के आशीष दास और टीएमसी के अब्दुल रहीम बॉक्सी से होने जा रहा है.
कौन हैं मौसम नूर?
मौसम नूर पश्चिम बंगाल के कद्दावर कांग्रेस नेता और पूर्व केंद्रीय रेल मंत्री ए.बी.ए. गानी खान चौधरी के परिवार से आती हैं. उनका राजनीतिक सफर साल 2008 में अपनी मां रूबी नूर के निधन के बाद शुरू हुआ था. वे 2009 में सुजापुर से विधायक चुनी गईं और इसके बाद 2009 और 2014 में मालदा उत्तर से दो बार कांग्रेस की लोकसभा सांसद रहीं. साल 2011 में उन्होंने पश्चिम बंगाल युवा कांग्रेस की अध्यक्ष के रूप में भी अपनी सेवाएं दी थीं.
टीएमसी का सफर और फिर कांग्रेस में 'घर वापसी'
मौसम नूर के सियासी सफर में कई बड़े मोड़ आए हैं. साल 2019 में वे कांग्रेस छोड़कर ममता बनर्जी की मौजूदगी में टीएमसी में शामिल हो गई थीं. हालांकि, 2019 का लोकसभा चुनाव हारने के बाद 2020 में टीएमसी ने उन्हें राज्यसभा भेजा था. लेकिन इसी साल विधानसभा चुनाव से ठीक पहले 3 जनवरी 2026 को उन्होंने टीएमसी से इस्तीफा देकर वापस कांग्रेस का दामन थाम लिया और अब वे अपनी पारंपरिक राजनीतिक जमीन को बचाने के लिए चुनावी रण में उतरी हैं.
मालतीपुर में जीत की प्रबल दावेदारी और चुनौतियां
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि मालदा क्षेत्र में गानी खान चौधरी के परिवार का आज भी गहरा प्रभाव है. मौसम नूर की मालदा उत्तर क्षेत्र में पुरानी पकड़ और कांग्रेस में उनकी वापसी ने मालतीपुर सीट पर उनकी दावेदारी को बेहद मजबूत बना दिया है. राहुल गांधी के आने से इस क्षेत्र के कांग्रेस कार्यकर्ताओं में नया जोश भरने की उम्मीद जताई जा रही है. इस हाई-प्रोफाइल सीट का अंतिम फैसला 4 मई को चुनाव परिणामों के साथ साफ होगा.
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