'मैं उन्हें कैसे छोड़ दूं, जिन्हें मैंने दुर्गा...', बंगाल की राजनीति में सांसद पति सुदीप बने बागी तो विधायक पत्नी ममता के साथ!

West Bengal Political Crisis: पश्चिम बंगाल की सियासत में नया मोड़ तब आया जब TMC सांसद सुदीप बंदोपाध्याय बागी गुट में शामिल होकर NCPI के साथ चले गए, लेकिन उनकी विधायक पत्नी नयना बंदोपाध्याय ने ममता बनर्जी के प्रति अपनी निष्ठा दोहराते हुए साफ कहा कि वह दीदी का साथ नहीं छोड़ेंगी. जानिए पति-पत्नी के अलग राजनीतिक रुख, नयना के 'दुर्गा' वाले बयान और बंगाल की बदलती राजनीति की पूरी कहानी.

West Bengal Political Crisis
बागी सांसद सुदीप बंदोपाध्याय और उनकी विधायक पत्नी नयना बंदोपाध्याय

इंद्रजीत कुंडू

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पश्चिम बंगाल में चल रहे सियासी उठा-पटक पर अभी पूरे देश की निगाहें टिकी हुई है. रोज ना रोज नए झटके या नेताओं के बागी होने की वजह से राजनीतिक गलियारों की सरगर्मी अपने चरम पर है. इसी बदलाव के बीच अब एक अनोखा मामला सामने आया है. यहां ममता बनर्जी और TMC को झटका देकर सांसद पति बागी हो गए, तो वहीं उनकी पत्नी अभी भी ममता बनर्जी के साथ खड़ी है और उनके नाम पर कसमें भी खा रही हैं. यहां तक कि विधायक ने यह भी कहा कि, मैं उन्हें कैसे छोड़ दूं, जिसे मैंने दुर्गा कहा है. यह कहानी किसी और की नहीं बल्कि सुदीप बंदोपाध्याय और उनकी पत्नी नयना बंदोपाध्याय की है. आइए विस्तार से जानते हैं पूरी कहानी.

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रविवार को सुदीप बंदोपाध्याय हुए बागी गुट शामिल

पश्चिम बंगाल की राजनीति में जाना-माना चेहरा और ममता बनर्जी के करीबियों में शामिल सुदीप बंदोपाध्याय ने TMC में फूट के बाद बीते कल यानी रविवार को ममता बनर्जी का साथ छोड़ दिया. बागी गुट में शामिल होने के साथ ही वो NCPI(नेशनलिस्ट सिटीजन्स पार्टी ऑफ इंडिया) में जॉइन किया. सुदीप बंदोपाध्याय के अलावा 19 और सांसदों ने NCPI में विलय किया और साथ ही लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को पत्र लिखकर सदन में अलग बैठने की मांग की.

जैसे ही सुदीप बंदोपाध्याय ने TMC छोड़ बागी सांसद गुट का दामन थामा, वैसे ही उनकी पत्नी नयना बंदोपाध्याय के राजनीतिक भविष्य को लेकर अटकलें लगनी तेज हो गई. कहा जाने लगा कि सुदीप की तरह नयना भी पार्टी से अलग हो जाएगी.

नयना ने चर्चाओं पर लगाया विराम!

जब धीरे-धीरे इस बात की चर्चाएं तेज होने लगी तो नयना बंदोपाध्याय ने खुद इन सारी अटकलों को खारिज किया. नयना ने सारी बातों पर विराम लगाते हुए कहा कि वह ममता के साथ ही रहेंगी और पार्टी छोड़ने का कोई सवाल ही उठता है. उन्होंने ममता बनर्जी को ही अपना नेता लिया है और यहीं बात उनके लिए सच है. नयना ने तो यह भी कहा कि दीदी उन्हें छोड़ सकती है, लेकिन वह नहीं.

'मैं उन्हें कैसे छोड़ दूं, जिन्हें मैंने दुर्गा कहा है'

नयना बंदोपाध्याय ने साफ तौर पर कहा है कि, मैं दीदी के साथ ही दृढ़ता से जुड़ी हुई हूं. मैं उन्हें कैसे छोड़ दूं, जिन्हें मैंने अपनी दुर्गा कहा है? वह मुझे छोड़ सकती है, लेकिन मैं उन्हें कभी नहीं छोडूंगी. उन्होंने आगे बताया कि पार्टी के कुछ लोगों ने दीदी पर हमला किया है और इससे वह पूरी तरह अचंभित है. नयना को इस हमले से काफी दुख हुआ है और इसलिए उन्होंने पार्टी सुप्रीमों से शिकायत भी की है.

नहीं मानी पत्नी तो सुदीप ने दिए उदाहरण!

इधर बागी सांसद सुदीप बंदोपाध्याय ने कहा है कि, मैंने अपनी पत्नी को मनाने की काफी कोशिश की, लेकिन नयना ने पाला नहीं बदला और वह TMC के साथ ही रहीं. अपने बयान के समर्थन में उन्होंने एक ही परिवार के कई सदस्यों के उदाहरण भी दिए, जिन्होंने अलग-अलग पार्टियों में राजनीति की है.

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