क्या है वक्फ एक्ट, इसमें किस तरह के बदलाव कर सकती है मोदी सरकार? सबकुछ डीटेल में जानिए

शुभम गुप्ता

• 02:21 PM • 05 Aug 2024

केंद्र सरकार वक्फ बोर्ड अधिनियम में करीब 40 संशोधन करने जा रही है. केंद्र सरकार इसके जरिए वक्फ बोर्ड के असीमित अधिकारों पर विराम लगाना चाहती है. कानून में संशोधन करने से वक्फ की संपत्तियों के मैनेजमेंट और ट्रांसफर में बदलाव देखना को मिलेगा.

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Waqf Board Act: केंद्र सरकार वक्फ बोर्ड अधिनियम में बड़े संशोधन की पूरी तैयारी कर चुकी है. केंद्र सरकार अधिनियम में करीब 40 संशोधन करने जा रही है. केंद्र सरकार इसके जरिए वक्फ बोर्ड के असीमित अधिकारों पर विराम लगाना चाहती है. मोदी सरकार के इस कदम का मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड विरोध कर रही है. उनका कहना है कि वक्फ बोर्ड की कानूनी स्थिति और शक्तियों में किसी भी तरह का हस्तक्षेप बर्दाशत नहीं किया जाएगा. आइए जानते हैं मोदी सरकार का क्या प्लान है जिसकी काफी चर्चा हो रही है.

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वक्फ का मतलब

वक्फ एक अरबी शब्द है जो 'वकुफा' से बना है. इसका मतलब ठहरना होता है.  वक्फ यानि की वो संपत्ति जो इस्लामी कानून के मुताबिक तहत विशेष रूप से धार्मिक या धर्मार्थ उद्देश्यों के लिए समर्पित हैं. वक्फ उस संपत्ति को कहते हैं जो इस्लाम धर्म को मानने वाले दान में देते हैं. ये चल-अचल दोनों तरह की होती हैं. वक्फ बोर्ड का इसपर मालिकाना हक होता है. इसके तहत जैसी है किसी भी संपत्ति का स्वामित्व बदलता है तो माना जाता है कि इसका अधिकार अल्लाह को हस्तांतरित हो जाता है. कहा जाता है कि फिर उसमें कोई भी बदलाव नहीं किया जा सकता है.

आइए अब जानते हैं मोदी सरकार संशोधन करके क्या बदलाव करने जा रही है.

'असीमित' अधिकारों पर रोक लगाना चाहती है मोदी सरकार!

खबर है कि शुक्रवार को कैबिनेट ने वक्फ अधिनियम में करीब 40 संशोधनों को मंजूरी दे दी है. मोदी सरकार इसके तहत वक्फ बोर्ड की किसी भी संपत्ति को वक्फ संपत्ति बनाने की ताकत पर विराम लगाना चाहती है. इन संशोधनों का उद्देश्य किसी भी संपत्ति को 'वक्फ संपत्ति' के रूप में नामित करने के वक्फ बोर्ड के अधिकार को प्रतिबंधित करना है. इस संशोधन के बाद वक्फ बोर्ड द्वारा संपत्तियों पर किए गए दावों का फिर से सत्यापन किया जाएगा. माना जा रहा है कि संशोधन करने के बाद वक्फ की संपत्तियों के मैनेजमेंट और ट्रांसफर में बदलाव भी देखना को मिलेगा. सूत्रों ने बताया है कि किस वजह से कानून में संशोधन किया जा रहा है उस बारे में भी इसका जिक्र किया गया है.

संशोधन करने से क्या होगा?

वक्फ बोर्ड अधिनियम के मुताबिक अभी उनके कानून में केंद्र और राज्य सरकार दोनों ही हस्तक्षेप नहीं कर सकती है. संशोधन होने के बाद वक्फ बोर्ड को अपनी संपत्ति जिला मजिस्ट्रेट के ऑफिस में रजिस्टर्ड करनी होगी. इससे संपत्ति का मूल्यांकन किया जा सकेगा और राजस्व की भी जांच होगी. जानकारी के मुताबिक नए बिल में यह प्रावधान होगा कि सिर्फ मुस्लिम ही वक्फ संपत्ति बना सकते हैं. बोर्ड के स्ट्रक्चर में बदलाव किया जाएगा और इसमें महिलाओं की हिस्सेदारी भी सुनिश्चित की जाएगी. राज्यों में वक्फ बोर्ड में महिला सदस्य शामिल होंगी. प्रत्येक राज्य बोर्ड में दो और केंद्रीय परिषद में दो महिलाएं होंगी. फिलहाल में महिलाओं को वक्फ बोर्ड और काउंसिल का सदस्य नहीं बनाया जाता है. 

वक्फ बोर्ड्स के पास हैं 8.7 लाख संपत्तियां

सरकारी सूत्रों के अनुसार वक्फ़ बोर्ड्स के पास लगभग 8.7 लाख संपत्तियां हैं जो कि करीब 9.4 लाख एकड़ में है. साल 2013 में वक्फ बोर्ड के एक्ट में संशोधन करके कांग्रेस सरकार ने उन्होंने वक्फ बोर्ड को और भी अधिकार दिए थे.