उत्तरकाशी सुरंग हादसे में क्यों आ रहा है अडानी ग्रुप का नाम? पूरी बात अब सामने आई

उत्तराखंड के उत्तरकाशी की सिल्क्यारा सुरंग में फंसे मजदूरों को लेकर अब कभी भी गुड न्यूज आ सकती है. इस बीच टनल हादसे को मशहूर उद्योगपति गौतम अडानी की कंपनी से जोड़ने के पोस्ट भी सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहे हैं.

उत्तराखंड सुरंग हादसे में गौतम अडानी का नाम सामने आ रहा है.
उत्तराखंड सुरंग हादसे में गौतम अडानी का नाम सामने आ रहा है.

देवराज गौर

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उत्तराखंड टनल हादसाः उत्तराखंड के उत्तरकाशी की सिल्क्यारा सुरंग में फंसे मजदूरों को लेकर अब कभी भी गुड न्यूज आ सकती है. यानी रेस्क्यू मिशन अब बस कंप्लीट होने ही वाला है. पर इस बीच टनल हादसे को मशहूर उद्योगपति गौतम अडानी की कंपनी से जोड़ने के पोस्ट भी सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहे हैं. इस मामले में अब अडानी ग्रुप की सफाई आई है. अडानी ग्रुप ने सुरंग के निर्माण में किसी भी तरह की भागीदारी से इंकार किया है. इस विवाद को समझने की कोशिश करते हैं.

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उत्तराखंड के उत्तरकाशी की सिल्क्यारा सुरंग में पिछले 17 दिन से 41 मजदूर फंसे हुए हैं. जिन्हें निकालने के लिए प्रशासन पूरी मुस्तैदी के साथ लगा हुआ है. लेकिन, अभी तक सफलता हाथ नहीं लगी है. इसे लेकर कई लोगों पर सवाल उठ रहे हैं. सुरंग को बनाने के काम में लगी कंपनी और प्रशासन भी सवालों के घेरे में है. इसी क्रम में अडानी ग्रुप को भी लोग निशाना बना रहे हैं.

उत्तराखंड टनल हादसे में हमारा कोई हाथ नहींः अडानी ग्रुप

एक्स हैंडल पर अडानी ग्रुप ने अपना बयान जारी किया है. जिसमें उन्होंने लिखा कि “हमारे संज्ञान में आया है कि कुछ तत्व हमें उत्तराखंड में हुए दुर्भाग्यपूर्ण सुरंग हादसे से जोड़ने की कोशिश कर रहे हैं. हम इन कोशिशों और इनके पीछे लगे लोगों की कड़ी निंदा करते हैं. हम पूरा जोर देकर स्पष्ट करते हैं कि अडानी समूह या उसकी किसी सहायक कंपनी की सुरंग के निर्माण में किसी भी प्रकार की प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष भागीदारी नहीं है. हम यह भी स्पष्ट करते हैं कि सुरंग के निर्माण में शामिल कंपनी में हमारा कोई शेयर नहीं है. इस समय हमारी संवेदनाएं और प्रार्थनाएं फंसे हुए श्रमिकों और उनके परिवारों के साथ हैं.”

क्यों लिया जा रहा है अडानी का नाम?

दरअसल, सिल्क्यारा सुरंग हादसे में अडानी का नाम आने के पीछे आंध्र प्रदेश का कृष्णापट्टनम पोर्ट है. आपको बता दें कि कृष्णापट्टनम पोर्ट पर अडानी समूह की लंबे अरसे से नजर थी. मगर इस पोर्ट का मालिकाना हक नवयुग इंजीनियरिंग के पास था. बाद में अडानी समूह ने साल 2020 के जुलाई महीने में 75 फीसदी हिस्सेदारी के साथ इस पोर्ट को खरीद लिया था. वहीं, नवयुग इंजीनियरिंग ही चार धाम मार्ग पर बनने वाली इस सिल्क्यारा सुरंग का निर्माण कर रही है. नवयुग इंजीनियरिंग हैदराबाद (तेलंगाना) स्थित एक इंफ्रासट्रक्चर कंपनी है. ऐसे में साल 2020 में अडानी समूह के नवयुग इंजीनियरिंग के साथ हुए सौदे को लेकर लोग इस बात की कयासबाजी लगा रहे हैं कि सिल्क्यारा सुरंग के निर्माण में अडानी समूह भी जुड़ा हुआ है. वहीं, अडानी समूह ने भी प्रेस रिलीज जारी कर साफ कर दिया है कि सिल्क्यारा सुरंग के निर्माण से उनका कोई लेना देना नहीं है.

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