चंडीगढ़. आम आदमी पार्टी (आप) ने केंद्र की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार पर केंद्रीय जांच एजेंसियों- ईडी और सीबीआई- के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए पंजाब भर में मोर्चा खोल दिया है. आप के मंत्रियों, सांसदों, विधायकों और कार्यकर्ताओं ने पटियाला, अमृतसर, लुधियाना और बरनाला सहित कई जिलों में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन किया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला फूंका.
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आप नेताओं ने आरोप लगाया कि पंजाब की भगवंत मान सरकार को बदनाम करने और उसके विकास कार्यों को रोकने के लिए केंद्र सरकार एजेंसियों के जरिए राजनीतिक दबाव बना रही है.
सीबीआई रेड में कुछ नहीं मिला: डॉ. बलबीर सिंह
पटियाला में विरोध प्रदर्शन के दौरान पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि मान सरकार की छवि खराब करने के इरादे से सीबीआई ने 8 स्थानों पर छापेमारी की, लेकिन उन्हें कुछ हासिल नहीं हुआ. उन्होंने सवाल उठाया कि जहां हरियाणा में 650 करोड़ रुपये का कथित घोटाला हुआ, वहां ये एजेंसियां खामोश क्यों हैं? उन्होंने इसे मुख्य मुद्दों से ध्यान भटकाने का ड्रामा करार दिया.
चुनाव में एजेंसियां नहीं, जनता वोट देती है: सांसद मीत हेयर
बरनाला में प्रदर्शन का नेतृत्व करते हुए आप सांसद गुरमीत सिंह मीत हेयर ने कहा कि चुनाव आते ही भाजपा अपने राजनीतिक विंग की तरह ईडी और सीबीआई को मैदान में उतार देती है. उन्होंने कहा:
भाजपा के पास पंजाब की 117 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ाने के लिए न तो प्रत्याशी हैं और न ही कार्यकर्ता. पंजाब की जनता ने भगवंत मान को दोबारा मुख्यमंत्री बनाने का मन बना लिया है. चुनाव एजेंसियां नहीं, बल्कि जनता के वोट से जीते जाते हैं और पंजाबियों को डराया या खरीदा नहीं जा सकता.
अमृतसर और लुधियाना में भी तीखा विरोध
अमृतसर: विधायक जीवनजोत कौर ने कहा कि मान सरकार के विकास कार्यों का मुकाबला करने में नाकाम रहने के बाद भाजपा ने छापों के जरिए चुनावी बिगुल फूंका है, लेकिन पंजाब की जनता इस तरह की गुंडागर्दी बर्दाश्त नहीं करेगी.
लुधियाना: विधायक अशोक पराशर और दलजीत सिंह भोला ग्रेवाल की अगुवाई में रोष मार्च निकाला गया. ग्रेवाल ने कहा कि भाजपा, कांग्रेस और अकाली दल के साथ मिलकर आप को रोकने का प्रयास कर रही है, लेकिन पंजाब का इतिहास रहा है कि उसने कभी किसी के आगे सिर नहीं झुकाया.
आप नेताओं ने एक सुर में कहा कि दिल्ली, बंगाल और झारखंड की तरह पंजाब में भी केंद्रीय एजेंसियों के जरिए डराने की राजनीति सफल नहीं होगी.
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