पंजाब कांग्रेस में जारी अंदरूनी कलह और गुटबाजी की खबरों के बीच पूर्व मुख्यमंत्री और जालंधर से कांग्रेस सांसद चरणजीत सिंह चन्नी के लिए एक बहुत बड़ी और सम्मानजनक खबर सामने आई है. संसद में उनके बेहतरीन प्रदर्शन और जनता के मुद्दों पर सक्रिय भागीदारी को देखते हुए उन्हें प्रतिष्ठित 'संसद रत्न पुरस्कार 2026' के लिए चुना गया है. 9 सितंबर को नई दिल्ली में आयोजित होने वाले एक कार्यक्रम में उन्हें इस सम्मान से नवाजा जाएगा. गौर करने वाली बात यह है कि पिछले 16 सालों में यह पहला मौका है जब पंजाब से लोकसभा के लिए चुने गए किसी सांसद को 'संसद रत्न पुरस्कार' के लिए चयनित किया गया है.
ADVERTISEMENT
संसद में उत्कृष्ट प्रदर्शन और किसानों के हक में आवाज उठाने का मिला फल
चरणजीत सिंह चन्नी को यह राष्ट्रीय सम्मान संसद में बहस में भाग लेने, सवाल पूछने और विशेष रूप से किसानों के हक में लगातार आवाज उठाने के आधार पर दिया जा रहा है. वर्तमान में वे संसद की कृषि संबंधी स्थायी समिति (Standing Committee on Agriculture) के अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं. चन्नी पंजाब के पहले दलित मुख्यमंत्री रह चुके हैं और 2024 के लोकसभा चुनाव में उन्होंने जालंधर सीट से बड़े अंतर से जीत दर्ज की थी. संसद रत्न पुरस्कार की शुरुआत साल 2010 में पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम के सुझाव पर की गई थी, जिसका उद्देश्य बेहतरीन काम करने वाले सांसदों को सम्मानित करना है. इस पुरस्कार के लिए चयन आधिकारिक डेटा और पीआरएस लेजिसलेटिव रिसर्च के मानकों के आधार पर किया जाता है.
सम्मान के बीच पंजाब कांग्रेस में चन्नी गुट का आक्रामक रुख
एक तरफ चन्नी को राष्ट्रीय स्तर पर बड़ा सम्मान मिल रहा है, तो दूसरी तरफ पंजाब कांग्रेस के भीतर उनके गुट का प्रभाव और आक्रामक रुख साफ दिखाई दे रहा है. प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग और चन्नी के समर्थकों के बीच लंबे समय से जारी तनातनी के बीच हाल ही में हाईकमान ने पंजाब प्रभारी भूपेश बघेल को पद से हटा दिया है. बघेल के दौरे के समय चन्नी समर्थकों ने उनके खिलाफ मोर्चा खोला था और 'गो बैक बघेल' के पोस्टर भी लगाए थे. आलाकमान ने बघेल की छुट्टी कर सचिन पायलट को नया प्रभारी बनाकर चन्नी गुट को एक बड़ा संदेश दिया है.
क्या चन्नी के बढ़ते कद से होगी राजा वडिंग की छुट्टी?
चन्नी को मिलने वाले संसद रत्न पुरस्कार और सचिन पायलट की बतौर प्रभारी एंट्री के बाद अब पंजाब कांग्रेस में नए समीकरण बनते दिख रहे हैं. चन्नी समर्थक अब प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग के खिलाफ भी कड़े फैसले की उम्मीद कर रहे हैं. हालांकि, पंजाब में महज 6 महीने बाद विधानसभा चुनाव होने हैं, ऐसे में चुनावी साल में प्रदेश अध्यक्ष बदलना पार्टी के लिए कितना सही होगा, इस पर हाईकमान को विचार करना है. फिलहाल राहुल गांधी और सचिन पायलट के नेतृत्व में पंजाब संगठन को लेकर क्या फैसला होता है, इस पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं.
ADVERTISEMENT


