पीएम मोदी और कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी की गर्मजोशी भरी मुलाकात, पंजाब की राजनीति में नई सुगबुगाहट

न्यूज तक डेस्क

• 03:33 PM • 18 Jul 2026

PM Modi Manish Tewari meeting: चंडीगढ़ में ₹4,700 करोड़ के प्रोजेक्ट्स के उद्घाटन के दौरान पीएम मोदी और कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी की गर्मजोशी से मुलाकात हुई. पंजाब कांग्रेस में जारी अंदरूनी कलह और हाल ही में मनीष तिवारी की नाराजगी वाली पोस्ट के बीच इस मुलाकात और दोनों की बातचीत के कई सियासी मायने निकाले जा रहे हैं.

NewsTak
Google CTA

PM Modi Manish Tewari meeting: चंडीगढ़ में आयोजित एक सरकारी कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और स्थानीय कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी के बीच काफी गर्मजोशी भरी मुलाकात देखने को मिली. मंच पर दोनों नेताओं ने पहले हाथ मिलाया और फिर कुछ देर तक उनके बीच बातचीत भी हुई. पंजाब कांग्रेस के भीतर चल रही अंदरूनी खींचतान के बीच इस मुलाकात की तस्वीर सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रही है और इसके कई सियासी मायने निकाले जा रहे हैं.

Read more!

प्रोटोकॉल के तहत मिला था न्योता

मनीष तिवारी वर्तमान में चंडीगढ़ लोकसभा सीट से सांसद हैं. सरकारी प्रोटोकॉल और शिष्टाचार के नाते उन्हें इस विकास कार्यक्रम में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया गया था. इस दौरान मंच पर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा, रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया भी उपस्थित थे. जेपी नड्डा की मौजूदगी में ही पीएम मोदी और मनीष तिवारी के बीच यह बातचीत हुई.

चंडीगढ़ को मिली ₹4,700 करोड़ से अधिक की सौगात

यह मुलाकात उस समय हुई जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को चंडीगढ़ में 4,700 करोड़ रुपये से ज्यादा की लागत वाली विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करने पहुंचे थे. इस दौरान उन्होंने पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज (PEC) में एक जनसभा को भी संबोधित किया. इन परियोजनाओं में मुख्य रूप से स्वास्थ्य सेवा (हेल्थकेयर), शिक्षा और सड़क बुनियादी ढांचे (इंफ्रास्ट्रक्चर) को मजबूत करने वाले प्रोजेक्ट्स शामिल हैं.

मुलाकात के क्यों निकाले जा रहे हैं सियासी मायने?

इस मुलाकात की टाइमिंग को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हैं. दरअसल, इन दिनों पंजाब कांग्रेस के भीतर पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी और प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग के बीच खुलकर टकराव देखने को मिल रहा है. इस अंदरूनी कलह के बीच मनीष तिवारी का पीएम मोदी से इस तरह मिलना काफी अहम माना जा रहा है.

मनीष तिवारी की पोस्ट से बढ़ी थी नाराजगी की चर्चा

हाल ही में कांग्रेस द्वारा पंजाब के लिए नए वर्किंग प्रेसिडेंट और पोल पैनल की घोषणा की गई थी, जिससे मनीष तिवारी को बाहर रखा गया था. इसके बाद उन्होंने सोशल मीडिया पर एक रहस्यमयी (क्रिप्टिक) पोस्ट लिखी थी, "है बड़ा कोई अवगुण उसमें जिसे कोई हुनर आवे." उन्होंने आगे लिखा था कि काश उनके पास लोगों की असुरक्षा (इनसिक्योरिटी) का कोई इलाज होता. साथ ही उन्होंने यह भी साफ किया था कि उन्होंने अपने जीवन के 45 साल कांग्रेस को दिए हैं. इस पोस्ट से उनके आलाकमान से नाराज होने के कयास लगाए जा रहे थे, हालांकि इसके बाद 16 जुलाई को वह सोनिया गांधी की अध्यक्षता में हुई कांग्रेस पार्लियामेंट्री स्ट्रैटेजी ग्रुप की बैठक में भी शामिल हुए थे.