मोहाली में बोले मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान- जनता के द्वार तक पहुंचेगी राशन व्यवस्था, 2800 नए डिपो धारकों को सौंपे लाइसेंस

न्यूज तक डेस्क

• 02:03 PM • 17 Jul 2026

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने मोहाली में 2800 नए राशन डिपो धारकों को लाइसेंस सौंपे. जानिए कैसे 5.5 लाख राशन कार्ड धारकों को मिलेगा घर के पास राशन, और सीएम ने कांग्रेस-अकाली दल पर क्या तंज कसे.

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भगवंत सिंह मान, फाइल फोटो.
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पंजाब की सार्वजनिक वितरण प्रणाली को मजबूत करने और आवश्यक खाद्य सामग्री को आम जनता के लिए बेहद सुलभ बनाने की दिशा में आम आदमी पार्टी (आप) सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है. मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज मोहाली के विकास भवन में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम के दौरान राज्य के 2,800 नए राशन डिपो धारकों को आधिकारिक लाइसेंस सौंपे. मुख्यमंत्री ने दावा किया कि इस ऐतिहासिक पहल से अब प्रदेश के नागरिकों को राशन लेने के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा, बल्कि उनके घरों के नजदीक ही राशन की उपलब्धता सुनिश्चित होगी. इस नई व्यवस्था से राज्य के करीब 5.5 लाख राशन कार्ड धारकों को सीधा लाभ पहुंचेगा, जिन्हें अब मासिक राशन के लिए न तो लंबी दूरी तय करनी होगी और न ही अपना काम-धंधा छोड़कर लंबी कतारों में वक्त जाया करना पड़ेगा.

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मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने नवनियुक्त डिपो धारकों को संबोधित करते हुए कहा कि ये लाइसेंस महज एक व्यवसाय का जरिया नहीं हैं, बल्कि पूरी ईमानदारी, निष्पक्षता और सहानुभूति के साथ जनता की सेवा करने की एक पवित्र और बड़ी जिम्मेदारी हैं. उन्होंने पिछली सरकारों की कार्यप्रणाली पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि पहले राजनीतिक सिफारिशों और भाई-भतीजावाद के आधार पर डिपो बांटे जाते थे, लेकिन हमारी सरकार ने पूरी पारदर्शिता बरतते हुए इंटरव्यू-आधारित चयन प्रणाली शुरू की है. इस पारदर्शी प्रक्रिया के तहत समाज के हर वर्ग को समान प्रतिनिधित्व दिया गया है. कुल 2,800 लाइसेंसों में से 633 अनुसूचित जाति (SC), 199 अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC), 181 पूर्व सैनिक, 39 स्वतंत्रता सेनानी के परिवारों, 156 दिव्यांग व्यक्तियों और 17 दंगा पीड़ित परिवारों को आवंटित कर सामाजिक न्याय की मिसाल पेश की गई है.

खाद्य सुरक्षा को लेकर सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि 'स्मार्ट राशन कार्ड योजना' के तहत पंजाब के 40 लाख परिवारों को मुफ्त गेहूं के साथ-साथ 'मेरी रसोई' राशन किट मुहैया कराई जा रही है, जिसमें हल्दी से लेकर दालों तक हर जरूरी घरेलू सामान शामिल है. उन्होंने डिपो धारकों से भावुक अपील करते हुए कहा कि वे बुजुर्गों, दिव्यांगों और गरीब परिवारों की विशेष देखभाल करें और आवश्यकता पड़ने पर दिव्यांगों को उनके घर तक राशन पहुंचाना सुनिश्चित करें. विपक्ष को आड़े हाथों लेते हुए मुख्यमंत्री ने कांग्रेस की अंदरूनी कलह और कुर्सी की लड़ाई पर तंज कसा. उन्होंने कहा कि कांग्रेसी नेताओं का एकमात्र उद्देश्य जनता को लूटना रहा है और उनके खुद के नेता मानते हैं कि वहां मुख्यमंत्री बनने के लिए 500 करोड़ रुपये खर्च करने पड़ते हैं. यह पैसा अंततः जनता की जेब से ही वसूला जाता है.

मुख्यमंत्री ने मंच से अपनी सरकार की कई अन्य बेमिसाल विकास योजनाओं का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि वर्ष 2022 में पंजाब महज 22 प्रतिशत नहरी पानी का उपयोग कर पाता था, जो आज बढ़कर 80 प्रतिशत से अधिक हो चुका है, जिससे राज्य का भूजल स्तर भी करीब चार मीटर सुधरा है. इसके अलावा, सड़कों पर कीमती जानें बचाने के लिए देश की पहली समर्पित 'सड़क सुरक्षा बल' (SSF) की शुरुआत की गई, जिसने सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों में 48 फीसदी की भारी कमी ला दी है. वहीं, अकाली दल के प्रमुख सुखबीर बादल पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि ऐशो-आराम की जिंदगी जीने वाले अकाली नेता पंजाब की कृषि और जमीनी हकीकत से पूरी तरह अनभिज्ञ हैं. उन्होंने नशों को संरक्षण देने और श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी के लिए अकालियों को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि इनके पाप अक्षम्य हैं और दोषियों को हर हाल में जेल भेजा जाएगा.

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने दृढ़ता से कहा कि आज पंजाब के 90 प्रतिशत से अधिक घरों का बिजली बिल जीरो आ रहा है और किसानों को खेती के लिए दिन के समय निर्बाध बिजली मिल रही है. जहां केंद्र सरकार देश की मूल्यवान सार्वजनिक संपत्तियों को चुनिंदा लोगों के हाथों में बेच रही है, वहीं पंजाब सरकार ने एक निजी ताप विद्युत संयंत्र (थर्मल प्लांट) खरीदकर सार्वजनिक स्वामित्व को मजबूत करने का इतिहास रचा है. अंत में, मुख्यमंत्री ने जनता से अपील की कि वे कांग्रेस, भाजपा और अकालियों के भ्रामक प्रचार और साजिशों से सावधान रहें और टैक्स के एक-एक रुपये को जनता की भलाई पर खर्च कर 'रंगला पंजाब' बनाने की इस ऐतिहासिक विकास यात्रा में सरकार का कंधे से कंधा मिलाकर साथ दें.