राहुल गांधी के भाषण से चन्नी ने क्याें बनाई दूरी...पंजाब में चुनाव से पहले कांग्रेस में शुरू हो गई नई बगावत? जानें क्या है पूरा मामला

अनुराधा तंवर

01 Aug 2026 (अपडेटेड: Aug 1 2026 1:11 PM)

Punjab News: पंजाब कांग्रेस में विधानसभा चुनाव से पहले गुटबाजी खुलकर सामने आ गई है. राहुल गांधी के अहम भाषण के दौरान चरणजीत सिंह चन्नी का संसद से गायब रहना नए राजनीतिक संकेत दे रहा है. दूसरी ओर राजा वडिंग सक्रिय नजर आए, जबकि भूपेश बघेल दोनों खेमों के बीच बढ़ती दूरी कम करने की कोशिश में जुटे हैं.

राहुल गांधी के फरमान को चन्नी ने क्यों किया दरकिनार?
राहुल गांधी के फरमान को चन्नी ने क्यों किया दरकिनार?
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Punjab Congress Crisis: पंजाब विधानसभा चुनाव की आहट के साथ ही सूबे की कांग्रेस इकाई में अंदरूनी खिंचतान और गुटबाजी अपने चरम पर पहुंच गई है. एक तरफ पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग का खेमा है, तो दूसरी तरफ पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी और सुखजिंदर सिंह रंधावा का गुट मोर्चा खोले हुए है. मुख्य विवाद पंजाब कांग्रेस की कमान राजा वडिंग को सौंपे जाने को लेकर बना हुआ है, जिसे लेकर चन्नी खेमा लगातार अपनी नाराजगी जताता रहा है.

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राहुल गांधी के महत्वपूर्ण भाषण से चन्नी रहे नदारद

ताजा घटनाक्रम में 29 जुलाई को दिल्ली में संसद भवन के भीतर जब लोकसभा में राहुल गांधी केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और केंद्र सरकार को घेर रहे थे, उस वक्त कांग्रेस हाईकमान की ओर से सभी सांसदों को सदन में उपस्थित रहने के निर्देश दिए गए थे. राहुल गांधी दिल्ली में नौजवानों और छात्रों पर पुलिस कार्रवाई व पैलेट गन के इस्तेमाल को लेकर तीखे सवाल दाग रहे थे, लेकिन इस दौरान पंजाब से सांसद चरणजीत सिंह चन्नी सदन में मौजूद नहीं थे.

चन्नी संसद में उपस्थित रहने के बजाय पंजाब के फरीदकोट में आम आदमी पार्टी सरकार के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस के खिलाफ सड़कों पर प्रदर्शन कर रहे थे और उनके इस्तीफे की मांग उठा रहे थे. दरअसल, हरजोत सिंह बैंस पर पंजाब में पेपर लीक और परीक्षाओं में धांधली रोकने में नाकाम रहने के आरोप लग रहे हैं. दूसरी ओर, राजा वडिंग भी इसी मुद्दे पर दिल्ली में प्रदर्शन करते नजर आए, लेकिन वे राहुल गांधी के भाषण के दौरान लोकसभा में मौजूद थे. चन्नी का राहुल गांधी के भाषण से नदारद रहना अब पार्टी के अंदरूनी गलियारों में बड़े संशय और बगावत के संकेत के रूप में देखा जा रहा है.

इंदिरा भवन बैठक और चन्नी का 'जीना-मरना' वाला बयान

इससे पहले जब चन्नी और राजा वडिंग के बीच गुटबाजी की खबरें दिल्ली पहुंची थीं, तब चन्नी और सुखजिंदर सिंह रंधावा को दिल्ली स्थित इंदिरा भवन में तलब किया गया था. केसी वेणुगोपाल के साथ हुई बैठक में नेताओं ने अपना पक्ष रखा था. उस समय मीडिया से बात करते हुए चरणजीत सिंह चन्नी ने पार्टी से अपनी अटूट वफादारी का दावा किया था. चन्नी ने कहा था कि वे पार्टी और हाईकमान का पूरा सम्मान करते हैं, राहुल गांधी उनके नेता हैं और उनके साथ ही उनका 'जीना-मरना' है. उन्होंने यह भी साफ किया था कि वे कभी पार्टी को नीचा दिखाने या शर्मिंदा करने का काम नहीं करेंगे और हाईकमान का फैसला ही उनके लिए सर्वोपरि होगा. हालांकि, उनके इस बयान के बाद संसद से गायब रहने के फैसले ने उनकी निष्ठा पर फिर से सवाल खड़े कर दिए हैं.

पंजाब पहुंचे भूपेश बघेल: 10 दिनों का गहन दौरा और समय से पहले चुनाव का अंदेशा

कांग्रेस के पंजाब मामलों के प्रभारी भूपेश बघेल एक बार फिर पंजाब के 10 दिवसीय दौरे पर पहुंचे हैं. पिछली बार जब बघेल पंजाब आए थे, तब 6 दिनों तक रहने के बावजूद वे चन्नी और वडिंग खेमे के बीच की खाई को नहीं पाट पाए थे. इस बार अपने दौरे की शुरुआत करते हुए भूपेश बघेल ने 31 तारीख से 8 तारीख तक जिला कांग्रेस कमेटियों की विस्तारित बैठकों का शेड्यूल तय किया है, जिसकी शुरुआत डॉ. अमर सिंह के जिले से हो रही है.

बघेल का मानना है कि यद्यपि पंजाब में विधानसभा चुनाव फरवरी 2027 में प्रस्तावित हैं, लेकिन ऐसी चर्चाएं हैं कि चुनाव समय से पहले यानी इसी साल नवंबर-दिसंबर में कराए जा सकते हैं. इसी अंदेशे को देखते हुए कांग्रेस ने अपनी चुनावी तैयारियां तेज कर दी हैं. हालांकि अभी उम्मीदवारों का चयन नहीं होगा; जिला बैठकों के बाद स्क्रीनिंग कमेटी का गठन किया जाएगा.

बड़ा सवाल: क्या एक मंच पर दिखेंगे चन्नी और राजा वडिंग?

भूपेश बघेल के दौरे के साथ ही अब सबसे बड़ा सियासी सवाल यह उठ रहा है कि क्या वे चरणजीत सिंह चन्नी और राजा वडिंग के बीच की दूरी को खत्म करा पाएंगे? क्या ये दोनों दिग्गज नेता पंजाब के मतदाताओं से कांग्रेस के पक्ष में वोट मांगने के लिए एक साथ एक मंच पर खड़े होंगे? चुनाव से ठीक पहले चन्नी के मौजूदा कड़े तेवर इशारा कर रहे हैं कि वे आने वाले दिनों में कांग्रेस हाईकमान के लिए एक बड़ी राजनीतिक चुनौती बन सकते हैं.
 

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