पंजाब कांग्रेस में बड़ा सियासी दांव! भगवंत मान के खिलाफ चुनाव लड़ना चाहते हैं राजा वडिंग, राहुल गांधी से मांगी हरी झंडी

अनुराधा तंवर

• 08:06 PM • 06 Aug 2026

Punjab Politics: पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने बड़ा राजनीतिक दांव चलते हुए मुख्यमंत्री भगवंत मान के खिलाफ विधानसभा चुनाव लड़ने की इच्छा जताई है. उन्होंने कहा कि अंतिम फैसला राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खरगे और कांग्रेस हाईकमान का होगा. जानिए राजा वडिंग के इस बयान के राजनीतिक मायने, चन्नी खेमे के साथ जारी अंदरूनी खींचतान और 2022 के चुनावी आंकड़ों का पूरा विश्लेषण.

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पंजाब विधानसभा चुनावों को लेकर राज्य का सियासी पारा लगातार चढ़ता जा रहा है. पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष और लोकसभा सांसद अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने एक जनसभा के दौरान यह इच्छा जाहिर कर दी है कि वह आगामी विधानसभा चुनाव में मुख्यमंत्री भगवंत मान के खिलाफ चुनावी मैदान में उतरना चाहते हैं. हालांकि, उन्होंने साफ किया कि चुनाव लड़ने और टिकट तय करने का अंतिम फैसला राहुल गांधी, कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और पार्टी हाईकमान को ही करना है. राजा वडिंग के इस बयान के बाद पंजाब की राजनीति में कई सियासी मायने निकाले जा रहे हैं और यह चर्चा तेज हो गई है कि क्या कांग्रेस उन्हें पंजाब में अपना मुख्यमंत्री पद का चेहरा बनाने की दिशा में देख रही है.

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भगवंत मान के खिलाफ ताल ठोकने की वजह और सियासी संदेश

राजा वडिंग का भगवंत मान के खिलाफ ताल ठोकना महज एक चुनावी बयान नहीं माना जा रहा है, बल्कि इसके पीछे गहरी राजनीतिक रणनीति दिखाई दे रही है. यदि कोई नेता किसी मौजूदा मुख्यमंत्री को सीधे चुनौती देकर हराने में कामयाब होता है, तो उसका दावा स्वाभाविक रूप से मुख्यमंत्री पद की दौड़ में सबसे ऊपर आ जाता है. राजा वडिंग ने मंच से बोलते हुए कहा कि अगर हाईकमान उन्हें चुनाव लड़ाना चाहता है, तो फिर सीधे भगवंत मान के सामने ही उतारे. उन्होंने यह भी कहा कि अगर कोई अन्य नेता भी भगवंत मान के खिलाफ लड़ना चाहता है, तो वह भी मैदान में उतर सकता है.

इस्तीफे की खबरों पर विराम और चन्नी खेमे से अंदरूनी खींचतान

पंजाब कांग्रेस में पिछले काफी समय से अंदरूनी कलह खुलकर सामने आ रही है. पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री और सांसद चरणजीत सिंह चन्नी और राजा वडिंग के समर्थकों के बीच खींचतान जारी है. चन्नी खेमे के नेता हाईकमान पर दबाव बना रहे थे कि राजा वडिंग को पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष के पद से हटाया जाए. लेकिन वडिंग ने साफ कर दिया है कि वह अपने पद से बिल्कुल इस्तीफा नहीं देंगे. हाईकमान ने भी उन्हें विधानसभा चुनावों तक प्रदेश अध्यक्ष पद पर बरकरार रखने का फैसला किया है. वडिंग का कहना है कि पार्टी हाईकमान के फैसले के अनुसार ही काम होगा और वह पार्टी की मजबूती के लिए लगातार काम करते रहेंगे.

भूपेश बघेल के दौरे के बीच टिकटों को लेकर खलबली

पंजाब में कांग्रेस संगठन को मजबूत करने के लिए छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल 10 दिन के दौरे पर हैं और 'हर बूथ कांग्रेस मजबूत' कार्यक्रमों में हिस्सा ले रहे हैं. इसी दौरान टिकटों के बंटवारे को लेकर भी चर्चाएं शुरू हो गई हैं. पूर्व विधायक कुलबीर सिंह जीरा ने भूपेश बघेल के सामने ही बड़े नेताओं के टिकट पहले तय करने की मांग उठाई. उन्होंने राजा वडिंग को भगवंत मान या सुखबीर सिंह बादल के खिलाफ, चरणजीत सिंह चन्नी को भगवंत मान के खिलाफ और प्रताप सिंह बाजवा को बिक्रमजीत सिंह मजीठिया के खिलाफ उतारने की पैरवी की. इससे साफ है कि चुनाव से पहले टिकटों और बड़े चेहरों की भूमिका को लेकर पार्टी के भीतर खलबली मची हुई है.

2022 के आंकड़े: धुरी और गिद्दड़बाहा  सीट का चुनावी गणित

साल 2022 के विधानसभा चुनाव में मुख्यमंत्री भगवंत मान ने धुरी सीट से आम आदमी पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ा था और 82,592 वोट हासिल करके 58,206 वोटों के बड़े अंतर से जीत दर्ज की थी. उस समय कांग्रेस उम्मीदवार दलवीर सिंह गोल्डी को सिर्फ 24,386 वोट मिले थे. दूसरी तरफ, राजा वडिंग ने 2022 में गिद्दड़बाहा  सीट से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव जीता था, जहां उन्हें 50,998 वोट मिले थे और उन्होंने अकाली दल के हरदीप सिंह डिंपी ढिल्लों को 1,349 वोटों से हराया था.

हालांकि, 2024 में राजा वडिंग के सांसद बनने के बाद गिद्दड़बाहा  सीट खाली हुई और उपचुनाव में कांग्रेस ने उनकी पत्नी अमृता सिंह वडिंग को टिकट दिया. इस उपचुनाव में आम आदमी पार्टी में शामिल हो चुके डिंपी ढिल्लों ने 71,644 वोट हासिल कर अमृता वडिंग को 21,969 वोटों से हरा दिया.

विधानसभा चुनावों का ट्रैक रिकॉर्ड: मान बनाम वडिंग

चुनावी इतिहास पर नजर डालें तो भगवंत मान ने अब तक तीन बार विधानसभा चुनाव (2012, 2017 और 2022) लड़ा है, जिसमें से उन्हें केवल 2022 के चुनाव में ही जीत मिली थी और वह हर बार अपनी सीट बदलते रहे हैं. इसके विपरीत, राजा वडिंग का विधानसभा चुनावों में रिकॉर्ड काफी मजबूत रहा है. उन्होंने 2012 से गिद्दड़बाहा  सीट से चुनाव लड़ना शुरू किया और लगातार तीन बार (2012, 2017 और 2022) विधानसभा चुनाव जीतकर हैट्रिक लगाई.

अब देखना यह होगा कि क्या कांग्रेस हाईकमान राजा वडिंग की इस इच्छा को स्वीकार करते हुए उन्हें मुख्यमंत्री भगवंत मान के खिलाफ मैदान में उतारता है या फिर पार्टी की अंदरूनी गुटबाजी को सुलझाने का कोई नया रास्ता तलाशता है.

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पंजाब कांग्रेस में आर-पार! राजा वडिंग बोले- 'इस्तीफा नहीं दूंगा', क्या अब बैकफुट पर आएगा चन्नी खेमा?