Punjab Election: कौन हैं राजा वड़िंग जिनपर पंजाब में बंटी कांग्रेस ? विधानसभा चुनाव से पहले भारी बवाल

अनुराधा तंवर

• 02:52 PM • 04 Jul 2026

पंजाब चुनाव से ठीक पहले कांग्रेस हाईकमान द्वारा राजा वडिंग को अध्यक्ष पद पर बरकरार रखने से पार्टी में भारी कलह मच गई है. इस फैसले के विरोध में पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी का गुट खुलकर मैदान में आ गया है, जिससे पंजाब कांग्रेस दो धड़ों में बंटती नजर आ रही है.

राजा वड़िग
राजा वड़िग
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पंजाब में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनावों को लेकर सियासी सरगर्मियां तेज हो गई हैं. सभी राजनीतिक दल अपनी-अपनी चुनावी गोटियां बिछाने में जुट गए हैं. इसी कड़ी में कांग्रेस आलाकमान ने भी पंजाब फतह करने के लिए अपनी एक भारी-भरकम नई टीम की घोषणा की है. लेकिन चुनाव की तैयारियों के बीच पंजाब कांग्रेस में एक बार फिर भयंकर सिरफुटौव्वल और गुटबाजी खुलकर सामने आ गई है. इस पूरे सियासी बवाल के केंद्र में हैं- पंजाब कांग्रेस के मौजूदा अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग. पार्टी हाईकमान द्वारा राजा वडिंग को ही कमान सौंपे रखने के फैसले से नाराज कांग्रेसी नेताओं के बगावती सुर गूंजने लगे हैं, जिसके चलते पंजाब कांग्रेस दो धड़ों में बंटती नजर आ रही है.

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क्यों मचा है पंजाब कांग्रेस में घमासान?

दरअसल, आगामी विधानसभा चुनावों के मद्देनजर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी ने पंजाब कांग्रेस के नेताओं को नई जिम्मेदारियां सौंपी हैं. इस संगठनात्मक फेरबदल में पार्टी ने राजा वडिंग पर अपना भरोसा बरकरार रखा है और उन्हें पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष पद की कमान सौंपे रखी है. पार्टी का यही फैसला कई वरिष्ठ नेताओं को नागवार गुजर रहा है.

राजा वडिंग के खिलाफ अब पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी (Charanjit Singh Channi) का गुट खुलकर मैदान में आ गया है. कांग्रेस आलाकमान ने चरणजीत सिंह चन्नी को कैंपेन कमेटी का चेयरमैन बनाया है, लेकिन चन्नी और उनके समर्थक इस पद से खुश नहीं हैं. चन्नी समर्थकों का साफ कहना है कि पार्टी को अगर पंजाब में वापसी करनी है, तो चरणजीत सिंह चन्नी को आगे लाना होगा. नाराज नेताओं की मांग है कि हाईकमान इस फैसले पर दोबारा विचार (Rethink) करे, नहीं तो पंजाब में कांग्रेस की सरकार बनना मुश्किल हो जाएगा.

कौन हैं अमरिंदर सिंह राजा वडिंग?

अपनी ही पार्टी में विरोध का सामना कर रहे अमरिंदर सिंह राजा वडिंग पंजाब राजनीति का एक बड़ा और युवा चेहरा हैं. आइए जानते हैं उनका अब तक का सियासी सफर:

  • लगातार तीन बार विधायक: राजा वडिंग ने साल 2012 में पहली बार गिदरबाहा (Gidderbaha) विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा और जीतकर विधानसभा पहुंचे. इसके बाद उन्होंने इसी सीट से 2017 और 2022 का विधानसभा चुनाव भी जीता और लगातार तीन बार विधायक रहे.
  • पंजाब सरकार में मंत्री: कैप्टन अमरिंदर सिंह और चरणजीत सिंह चन्नी की अगुवाई वाली कांग्रेस सरकार के दौरान राजा वडिंग को पंजाब का परिवहन मंत्री (Transport Minister) भी बनाया गया था.
  • यूथ कांग्रेस के अध्यक्ष: राजा वडिंग का संगठन में पुराना अनुभव रहा है. वह साल 2014 से 2018 तक अखिल भारतीय यूथ कांग्रेस (All India Youth Congress) के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी रह चुके हैं.
  • भारत जोड़ो यात्रा और अध्यक्ष पद: साल 2022 में राहुल गांधी की 'भारत जोड़ो यात्रा' पंजाब में दाखिल होने से ठीक पहले कांग्रेस ने राजा वडिंग को पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PPCC) का अध्यक्ष नियुक्त किया था.
  • लोकसभा चुनाव 2024 में बड़ी जीत: राजा वडिंग ने साल 2024 में अपना पहला लोकसभा चुनाव लड़ा. लुधियाना सीट पर उन्होंने बेहद कड़े मुकाबले में कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में गए रवनीत सिंह बिट्टू को शिकस्त दी और सांसद बनकर संसद पहुंचे.

चन्नी गुट की मांग- "चन्नी को बनाओ चेहरा"

राजा वडिंग के खिलाफ असंतोष जताने के लिए चन्नी गुट के नेता अब एकजुट होने लगे हैं. विरोध कर रहे नेताओं का तर्क है कि जनता के बीच चन्नी को लेकर माहौल है. समर्थकों का कहना है कि पार्टी संगठन का मुखिया ऐसा होना चाहिए जो आने वाले समय में मुख्यमंत्री पद का चेहरा बन सके. चन्नी समर्थकों के मुताबिक, "अगर चन्नी साहब को पंजाब कांग्रेस का अध्यक्ष बनाया जाता है, तभी राज्य में कांग्रेस की सरकार बनेगी. राजा वडिंग के नेतृत्व में सरकार बनना मुमकिन नहीं दिख रहा." अब देखना दिलचस्प होगा कि विधानसभा चुनाव से ठीक पहले पंजाब कांग्रेस की यह अंदरूनी कलह क्या रूप लेती है और कांग्रेस आलाकमान इस बगावत को शांत करने के लिए क्या कदम उठाता है.