Punjab Election 2027: 10 जनपथ पर राहुल-प्रियंका संग सचिन पायलट की अहम बैठक, मिला बड़ा टास्क!

अनुराधा तंवर

08 Sep 2026 (अपडेटेड: Sep 8 2026 6:09 PM)

Punjab Election 2027: पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस ने संगठन में बड़ा बदलाव करते हुए सचिन पायलट को राज्य का नया प्रभारी बनाया है. जिम्मेदारी मिलने के बाद पायलट ने 10 जनपथ पर राहुल गांधी और प्रियंका गांधी से अहम मुलाकात की, जहां उन्हें पंजाब कांग्रेस की गुटबाजी खत्म कर सभी नेताओं और धड़ों को एकजुट करने का टास्क मिलने की बात सामने आई है.

Punjab Election 2027
Punjab Election 2027(Photo- X/@SachinPilot)
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पंजाब में वर्ष 2027 की शुरुआत में होने वाले विधानसभा चुनावों को लेकर कांग्रेस पार्टी अपनी तैयारियों में पूरी तरह जुट गई है. इसी कड़ी में कांग्रेस आलाकमान ने एक बड़ा संगठनात्मक बदलाव करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को पंजाब के प्रभारी पद से हटा दिया है और उनकी जगह सचिन पायलट को पंजाब का नया प्रभारी नियुक्त किया है. जिम्मेदारी मिलते ही सचिन पायलट ने दिल्ली स्थित 10 जनपथ पर राहुल गांधी और प्रियंका गांधी से अहम मुलाकात की. यह मुलाकात आगामी पंजाब विधानसभा चुनाव और राज्य में कांग्रेस पार्टी के पुनरुद्धार के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है.

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राहुल गांधी ने सचिन पायलट को दिया एकजुटता का मंत्र

10 जनपथ पर हुई इस उच्च स्तरीय बैठक के दौरान राहुल गांधी ने सचिन पायलट से पंजाब के सियासी समीकरणों और पार्टी के अंदरूनी हालात पर विस्तार से चर्चा की. राहुल गांधी ने पायलट को विशेष निर्देश दिया है कि वह सबसे पहले पंजाब कांग्रेस के बड़े नेताओं के बीच लंबे समय से चले आ रहे गतिरोध को समाप्त करें. आलाकमान ने पायलट को जिम्मेदारी सौंपी है कि वे सभी धड़ों और नेताओं को एक साथ लाएं ताकि आगामी चुनावों में आम आदमी पार्टी (AAP) के साथ-साथ भारतीय जनता पार्टी (BJP) और शिरोमणि अकाली दल को पटखनी देकर राज्य में कांग्रेस की सरकार बनाई जा सके.

अंदरूनी कलह और भूपेश बघेल को हटाने की वजह

पंजाब कांग्रेस में इस समय मुख्य चुनौती आम आदमी पार्टी से मुकाबला करने के बजाय पार्टी नेताओं के बीच की आपसी गुटबाजी बनी हुई है. पूर्व प्रभारी भूपेश बघेल इस अंदरूनी उलझन और नेताओं के बीच के गतिरोध को सुलझाने में असफल रहे थे. बघेल के कार्यकाल के दौरान उनके दौरों में जमकर विरोध प्रदर्शन और नारेबाजी देखने को मिली थी, जहां कई स्थानों पर उनके खिलाफ 'गो बैक भूपेश बघेल' के पोस्टर तक लगाए गए थे. खासतौर पर पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के समर्थकों और भूपेश बघेल के बीच तल्खी साफ नजर आई थी. इसी स्थिति को देखते हुए आलाकमान ने बघेल को असम का प्रभार सौंप दिया और पंजाब की कमान सचिन पायलट के हाथों में दे दी.

राजा वडिंग और चन्नी खेमे में पायलट के नाम पर खुशी

सचिन पायलट को जिम्मेदारी दिए जाने से पंजाब कांग्रेस के मौजूदा अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग और पूर्व सीएम चरणजीत सिंह चन्नी दोनों ही खेमों में सकारात्मक माहौल है. राजा वडिंग ने 7 सितंबर को सचिन पायलट के जन्मदिन के मौके पर उनसे मुलाकात की और उन्हें बधाई दी. राजा वडिंग ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि भूपेश बघेल ने बेहतरीन काम किया, लेकिन सचिन पायलट के आने से पंजाब के कांग्रेस कार्यकर्ताओं में एक नई ऊर्जा का संचार होगा. उन्होंने सचिन पायलट को गांधी परिवार के बाद देश का सबसे लोकप्रिय युवा और कर्मठ नेता करार देते हुए उम्मीद जताई कि राजस्थान और पंजाब की नजदीकी का भी रणनीतिक फायदा पार्टी को मिलेगा.

राहुल गांधी की बस यात्रा से पहले पायलट के सामने बड़ी चुनौती

आने वाले दिनों में राहुल गांधी पंजाब में एक विशाल बस यात्रा की शुरुआत करने जा रहे हैं, जिसमें दिल्ली और देश के कई वरिष्ठ कांग्रेस नेता शामिल होंगे. इस बस यात्रा के औपचारिक शेड्यूल का जल्द ही ऐलान होने वाला है. राहुल गांधी के इस दौरे से पहले पंजाब के नेताओं, विशेषकर राजा वडिंग और चरणजीत सिंह चन्नी को एक मंच पर लाना और पार्टी की गुटबाजी को समाप्त करना सचिन पायलट के लिए सबसे पहली और बड़ी परीक्षा होगी.

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