माँवां धियां सत्कार योजना’ के तहत लुधियाना रहा लाभार्थियों की सूची में सबसे आगे

न्यूज तक डेस्क

• 04:16 PM • 15 Jul 2026

पंजाब की मांवां धियां सत्कार योजना के तहत लुधियाना 7.4 लाख लाभार्थियों के साथ सबसे आगे रहा, जबकि मालेरकोटला में सबसे कम रजिस्ट्रेशन हुए. डॉ. बलजीत कौर ने योजना की सफलता के आंकड़े साझा किए.

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मांवा धियां सत्कार योजना में मालेरोटला में सबसे कम रिजर्वेशन.
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पंजाब सरकार की 'मांवां धियां सत्कार योजना' को लेकर राज्य भर में भारी उत्साह देखा जा रहा है. मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत 14 जुलाई 2026 तक पूरे पंजाब में कुल 68.9 लाख लाभार्थियों का रजिस्ट्रेशन किया जा चुका है. इस सूची में लुधियाना ज़िला सबसे अधिक लाभार्थियों के साथ शीर्ष पर उभरा है, जहां अकेले 7.4 लाख महिलाओं और बेटियों ने पंजीकरण कराया है. 

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ज़िलावार रजिस्ट्रेशन के आंकड़े 

योजना के तहत पंजाब के प्रमुख ज़िलों में लाभार्थियों की संख्या इस प्रकार है- 

  • लुधियाना: 7.4 लाख (सबसे आगे)
  • पटियाला: 5.3 लाख
  • अमृतसर: 4.9 लाख
  • जालंधर: 4.8 लाख
  • गुरदासपुर: 4.4 लाख
  • होशियारपुर: 4.2 लाख
  • मालेरकोटला: 1.3 लाख (सबसे कम)

क्यों आगे रहे ये ज़िले? 

पंजाब की सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने इन ज़िलों में रिकॉर्ड तोड़ रजिस्ट्रेशन के पीछे कई महत्वपूर्ण कारण बताए हैं. उन्होंने कहा, "अधिक आबादी, मजबूत प्रशासनिक नेटवर्क और कल्याणकारी योजनाओं के प्रति बेहतर जागरूकता के कारण इन जिलों में संख्या अधिक है. योजना की सफलता सुनिश्चित करने के लिए पूरी सरकारी मशीनरी मिलकर काम कर रही है."

इन कारणों से बढ़े लाभार्थी

बड़ी आबादी और शहरीकरण: लुधियाना, अमृतसर और जालंधर जैसे बड़े शहर रोजगार और शिक्षा के लिए आसपास के लोगों को आकर्षित करते हैं, जिससे यहां की आबादी और विधानसभा क्षेत्रों की संख्या अधिक है.

दस्तावेजों की बेहतर उपलब्धता: इन क्षेत्रों में जन्म पंजीकरण, आधार नामांकन और बैंक ख़ातों की आसान उपलब्धता ने आवेदन प्रक्रिया को सरल बना दिया.

ग्राउंड लेवल पर काम: ज़िला प्रशासन, स्थानीय निकायों और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के आपसी सहयोग से जागरूकता अभियान चलाए गए, जिससे आवेदनों के वेरिफिकेशन और रजिस्ट्रेशन में तेज़ी आई. 

इसके विपरीत, मालेरकोटला जैसे ज़िलों में कम आबादी और पात्र परिवारों की सीमित संख्या होने के कारण सबसे कम (1.3 लाख) रजिस्ट्रेशन दर्ज किया गया है. 

जिला-वार दर्ज किए गए लाभार्थी

क्रम संख्या ज़िला लाभार्थी (लाख में)

  1.  अमृतसर      4.9
  2.  बरनाला      1.6
  3.  बठिंडा      3.8
  4.  फ़रीदकोट    1.8
  5.  फ़तेहगढ़ साहिब    1.5
  6.  फ़ाज़िल्का  2.9
  7.  फ़िरोज़पुर  2.5
  8.  गुरदासपुर   4.4
  9.  होशियारपुर  4.2
  10.  जालंधर      4.8
  11.  कपूरथला     1.7
  12.  लुधियाना    7.4
  13.  मालेरकोटला  1.3
  14.  मानसा 2.4
  15.  मोगा  2.6
  16.  पठानकोट     1.8
  17.  पटियाला     5.3
  18.  रूपनगर      1.8
  19.  एस.ए.एस. नगर (मोहाली)   1.7
  20.  एस.बी.एस. नगर (नवांशहर) 1.6
  21.  संगरूर      3.6
  22.  श्री मुक्तसर साहिब      2.7
  23.  तरनतारन     2.6


कुल दर्ज किए गए लाभार्थी: 68.9 लाख