पंजाब सरकार की 'मुख्यमंत्री सेहत योजना' हृदय रोग से पीड़ित मरीजों के लिए जीवनदायिनी साबित हो रही है. योजना के तहत अब तक 135 मरीजों को कुल 2.71 करोड़ रुपये का मुफ्त और कैशलेस इलाज मुहैया कराया जा चुका है. सरकारी आंकड़ों के अनुसार, इस योजना के तहत कैशलेस हृदय उपचार का लाभ उठाने वालों में 17 से 35 वर्ष के युवा वयस्कों की संख्या सबसे अधिक है, जो यह दर्शाता है कि अब दिल की बीमारियां युवाओं को भी तेजी से अपनी चपेट में ले रही हैं.
ADVERTISEMENT
सीने के दर्द को न करें नजरअंदाज: स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह
पंजाब के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने लोगों से अपील की है कि वे सीने में दर्द, सांस फूलना या असामान्य थकान जैसे लक्षणों को सामान्य समझकर नजरअंदाज न करें. उन्होंने कहा, "किसी भी परिवार को आर्थिक तंगी के कारण इलाज में देरी करने की जरूरत नहीं है. मुख्यमंत्री सेहत योजना के जरिए हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि हर पात्र मरीज को बिना किसी आर्थिक बोझ के समय पर बेहतरीन इलाज मिले."
केस स्टडी: मनजीत सिंह को मिला नया जीवन
फाजिल्का जिले के 58 वर्षीय मनजीत सिंह कई हफ्तों तक सीने की तकलीफ को सामान्य थकान समझते रहे. जब दर्द बढ़ा और जांच हुई, तो पता चला कि उनकी मुख्य आर्टरी में ब्लॉकेज है. मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत बिना कोई पैसा खर्च किए मोहाली के माय हॉस्पिटल में उनकी तुरंत एंजियोप्लास्टी की गई और स्टेंट डाला गया. आज मनजीत सिंह पूरी तरह स्वस्थ हैं. उन्होंने कहा, "अब इलाज मिलना इस बात पर निर्भर नहीं करता कि आपकी जेब में पैसे हैं या नहीं."
रोकथाम ही सबसे बड़ा बचाव: डॉ. करनदीप सिंह सयाल
माय हॉस्पिटल, मोहाली के कंसल्टेंट कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. करनदीप सिंह सयाल ने बताया कि पिछले तीन दशकों में खराब जीवनशैली, तनाव, तंबाकू और डायबिटीज के कारण देश में दिल की बीमारियां सबसे बड़ा खतरा बन चुकी हैं. उन्होंने कहा कि मुफ्त इलाज की सुविधा मिलने से मरीज समय पर अस्पताल पहुंच रहे हैं, जिससे उनकी जान बचने की संभावना काफी बढ़ जाती है. इसके साथ ही उन्होंने नियमित व्यायाम और सही खानपान पर भी जोर दिया.
ADVERTISEMENT


