कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता सचिन पायलट को उनके 49वें जन्मदिन (7 सितंबर) से ठीक पहले पार्टी हाईकमान ने एक बड़ा राजनीतिक तोहफा दिया है. आगामी विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए कांग्रेस हाईकमान ने सचिन पायलट को पंजाब कांग्रेस का नया इंचार्ज (प्रभारी) नियुक्त किया है. इससे पहले यह जिम्मेदारी छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पास थी, जिन्हें अब असम का प्रभार सौंपा गया है.
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भूपेश बघेल को क्यों हटाया गया?
सियासी गलियारों में चर्चा है कि पंजाब कांग्रेस के भीतर चल रही अंदरूनी गुटबाजी और नेताओं के मनमुटाव को खत्म न कर पाने के कारण भूपेश बघेल से पंजाब का प्रभार वापस लिया गया. उन पर पंजाब प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग का पक्ष लेने के आरोप भी लग रहे थे.
पंजाब के दिग्गज नेताओं का रुख
सचिन पायलट की नियुक्ति का पंजाब कांग्रेस के नेताओं ने स्वागत किया है:
- अमरिंदर सिंह राजा वडिंग: उन्होंने पायलट को बधाई देते हुए कहा कि वह एक युवा, ऊर्जावान और पूरे देश में लोकप्रिय नेता हैं, जिनके आने से पंजाब चुनाव में पार्टी को भारी फायदा होगा.
- चरणजीत सिंह चन्नी: भूपेश बघेल से दूरी बनाकर चल रहे पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी भी पायलट की नियुक्ति से गदगद नजर आए और उन्होंने पायलट का स्वागत किया.
क्या बोले सचिन पायलट और भूपेश बघेल?
- सचिन पायलट: जिम्मेदारी मिलने के बाद पायलट ने कहा कि देश में इंडिया गठबंधन पूरी तरह मजबूत है और इसकी ताकत से एनडीए डगमगा रहा है.
- भूपेश बघेल: उन्होंने कहा कि वह पार्टी के अनुशासित कार्यकर्ता हैं और हाईकमान का फैसला सिर आंखों पर है. साथ ही उन्होंने पायलट की कम अनुभव वाली बात को खारिज करते हुए कहा कि पायलट उनसे भी पहले एआईसीसी के जनरल सेक्रेटरी बने थे.
अब देखना होगा कि क्या सचिन पायलट पंजाब में कांग्रेस की गुटबाजी खत्म कर सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी (AAP) को शिकस्त दे पाते हैं या नहीं.
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